अब प्रदेश के मुखिया ही करायेंगे पंचायत सरकार भवन का निर्माण

Updated at : 29 May 2019 5:48 AM (IST)
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अब प्रदेश के मुखिया ही करायेंगे पंचायत सरकार भवन का निर्माण

पटना : पंचायत सरकार भवन के निर्माण की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायतों की होंगी. मुखिया द्वारा इसका निर्माण कराया जायेगा. पहले चरण में 1435 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण एजेंसियों द्वारा करायी गयी थी. इसके अनुभव को देखते हुए सरकार ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के मुखिया को सौंप दी […]

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पटना : पंचायत सरकार भवन के निर्माण की जिम्मेदारी अब ग्राम पंचायतों की होंगी. मुखिया द्वारा इसका निर्माण कराया जायेगा. पहले चरण में 1435 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण एजेंसियों द्वारा करायी गयी थी. इसके अनुभव को देखते हुए सरकार ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के मुखिया को सौंप दी है.

एक साल में भवन के निर्माण का लक्ष्य दिया जायेगा. मनरेगा योजना से इसकी वाउंड्री तैयार की जायेगी. इसमें उनको एजेंसी या ठेकेदार की दर भी नहीं देनी होगी. पंचायतों द्वारा निर्मित होने वाले पंचायत सरकार भवन के निर्माण की लागत में भी 30 लाख की बचत होगी. अब एक पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर एक करोड़ 14 लाख रुपये खर्च होंगे.
पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने बताया कि एक जून को मुखिया के साथ पंचायती राज विभाग की कई योजनाओं को लेकर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की जायेगी. उन्होंने बताया कि राज्य में छह पंचायतों का एक कलस्टर तैयार किया गया है. भवन निर्माण के लिए मुखिया को छह-सात लाख रुपये अग्रिम राशि दी जायेगी.
हर पंचायत में आरटीपीएस केंद्र करेगा काम
प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य की सभी पंचायतों में आरटीपीएस केंद्र की स्थापना की जा रही है. यहां 52 तरह की सेवाएं उपलब्बध होंगी. अब किसी को निवास प्रमाणपत्र, वृद्धा पेंशन सहित अन्य कार्यों के लिए प्रखंड में नहीं जाना पड़ेगा. इसके लिए हर पंचायत में एक कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जा रही है.
साथ ही चार पंचायत पर एक तकनीकी सहायक व एक लेखापाल की नियुक्ति की जा रही है. राज्य में 2096 तकनीकी सहायक व 2096 लेखापाल के पद स्वीकृत हैं. इसमें दोनों पदों पर एक-एक हजार लोगों की नियुक्ति हो गयी है.
हर घर नल का जल के मेंटनेंस के लिए सरकार हर माह देगी एक हजार रुपये
पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि राज्य में कुल एक लाख 14 हजार वार्ड हैं. इसमें 58612 वार्डों में हर घर नल का जल पहुंचाने की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की है. अब तक 20 हजार380 वार्डों में नल का जल पहुंचा दिया गया है. शेष 38 हजार 232 वार्डों में दिसंबर तक नल का जल पहुंचा दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि 167 घरों के लिए 70 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से सुबह-शाम नल का जल उपलब्ध कराना है.
वार्ड विकास कमेटी द्वारा इसके लिए प्रति परिवार से हर महीने 30 रुपये शुल्क की वसूली की जायेगी. इस राशि का उपयोग नल जल योजना के मेंटनेंस के लिए होगा. साथ ही सरकार हर वार्ड को प्रति माह एक हजार रुपये नल-जल योजना के मेंटनेंस के लिए उपलब्ध करायेगी. वार्ड सचिव या वार्ड सदस्य पंप को ऑपरेट करेंगे.
दो अक्तूबर तक गांव के हर घर से उठेगा कूड़ा
प्रधान सचिव ने बताया कि दो अक्तूबर तक पंचायतों के हर घर से कूड़े का उठाव किया जायेगा. यह काम जीविका को सौंपा जायेगा. गीले कूड़े से वर्मी कंपोस्ट का निर्माण होगा, जो आमदनी का जरिया भी बनेगा. हर वार्ड में एक स्वच्छताकर्मी की नियुक्ति पंचायत करेगी. मुख्यमंत्री निश्चय योजना के तहत हर घर पक्की नाली गली योजना के काम में भी तेजी आयी है. राज्य में 51263 वार्डों में पक्की नाली गली का काम हो चुका है. मार्च 2020 तक शेष 63428 वार्डों में पक्की गली नाली का काम पूरा कर लिया जायेगा.
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