पटना : तेज प्रताप पर हो सकती है कार्रवाई

Updated at : 21 Apr 2019 9:23 AM (IST)
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पटना : तेज प्रताप पर हो सकती है कार्रवाई

पटना : पार्टी से खुला विद्रोह कर चुके तेज प्रताप पर राजद कार्रवाई कर सकता है. पार्टी के भीतर दबी जुबान से उनके खिलाफ कार्रवैाइ की मांग उठने लगी है. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के संज्ञान में सारी बातें हैं. पार्टी में अनुशासन कमेटी है. […]

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पटना : पार्टी से खुला विद्रोह कर चुके तेज प्रताप पर राजद कार्रवाई कर सकता है. पार्टी के भीतर दबी जुबान से उनके खिलाफ कार्रवैाइ की मांग उठने लगी है. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के संज्ञान में सारी बातें हैं.
पार्टी में अनुशासन कमेटी है. पार्टी नेताओं का कहना है कि जब कृष्णा यादव व अन्य पर कार्रवाई हो सकती है तो तेजप्रताप पर क्यों नहीं. लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप खुलेआम शिवहर व जहानावाद में पार्टी उम्मीदवार की खिलाफत कर रहे हैं. वे अपने ससुर और सारण से राजद प्रत्याशी चंद्रिका राय के खिलाफ भी चुनाव लड़ना चाहते थे. बाद में इस मामले में यू टर्न लिया.
शहर सरोकार सवा लाख की आबादी पुकार रही, कोई मेरी भी तो सुनो कहीं पीने का पानी नहीं तो कहीं जलजमाव, अतिक्रमण से परेशान लोग वर्षों पहले तक कुर्जी पश्चिमी पंचायत हुआ करता था, जो अब पटना नगर निगम का हिस्सा हो गया है और वार्ड संख्या-22बी से जाना जा रहा है. इस वार्ड में पाटलिपुत्र जैसी पॉश कॉलोनियों के अलावे एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां व मुहल्ले हैं, जिनकी आबादी करीब 1.25 लाख है.
नगर निगम का हिस्सा बनने के बावजूद वार्ड में रहने वाले लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. लोगों ने बताया कि कहीं पीने के पानी की समस्या है, तो कहीं जलापूर्ति पाइप फटने से बनी जलजमाव की समस्या, अतिक्रमणकारियों से जाम की समस्या, कुर्जी मोड़ पर अवैध ऑटो स्टैंड आदि समस्याएं हैं, जिनसे वार्ड में रहने वाले लोगों के साथ साथ बाहरी लोग भी रोजाना परेशान होते हैं.
वार्ड के कुर्जी बालू पर व कोठिया मुहल्ले में 30 से 35 हजार लोग रह रहे हैं, जिन्हें पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गयी है. वार्ड के मुहल्ले में पतली-पतली गलियां है और इन गलियों में खुले नालों के सहारे सीवरेज के पानी का बहाव हो रहा है, जिसकी बदबू से लोग दिन-रात परेशान रहते हैं. खासकर, ड्रेनेज नहीं होने से मॉनसून के दिनों मेंवार्ड की पाटलिपुत्र कॉलोनी हो या फिर कुर्जी कुम्हारटोली, कुम्हार गली, मंगनीलाल गली आदि इलाकों में जलजमाव की समस्या भयंकर बन जाती है.
सुधार के प्रयास जारी हैं
जब मैं वार्ड पार्षद बनी, तो वार्ड में मजदूरों की संख्या न के बराबर थी. इससे नियमित साफ-सफाई नहीं हो रही थी. पार्षद बनने के बाद मैंने मजदूरों की संख्या बढ़वायी. पहले शिफ्ट में शत-प्रतिशत कचरे का उठाव हो रहा है. लेकिन, दूसरे शिफ्ट में सफाईकर्मी लापरवाही कर रहे हैं, इसे सुधारने का प्रयास कर रही हूं. पहले वार्ड में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं थी.
दो वर्षों में करीब दो हजार स्ट्रीट लाइटें लगवायी गयी हैं. हालांकि, अब भी कई गलियों में अंधेरा रहता है. वहां भी लाइट लगवाने का प्रयास कर रही हूं. मुख्यमंत्री कच्ची नाली-गली योजना के तहत वार्ड सभा आयोजित कर योजनाएं चयनित की गयीं, जिनकी अनुशंसा निगम प्रशासन से कर दी है.
लेकिन, निगम प्रशासन के सुस्ती से योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल सकी और योजना फाइलों में दबी है. कुर्जी बालूपर व कोठिया मुहल्ले में रहने वाले लोगों को नियमित पीने का पानी मिले. इसको लेकर भी योजना की अनुशंसा की है, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली है. इसको लेकर निगम प्रशासन के समक्ष और निगम बोर्ड में सवाल भी उठाती हूं और उठाती रहूंगी.
सुचित्रा सिंह, पार्षद, वार्ड संख्या-22बी
अधिकारी बोले, दूर होगी समस्या
वार्ड 22बी में द्वितीय पाली में नियमित कचरे का उठाव नहीं हो रहा है. क्यों?
-अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है. अगर ऐसा हो रहा है, तो वार्ड पार्षद व सफाई निरीक्षक से बात करके कारण का पता लगायेंगे. इसके बाद समस्या का समाधान कर नियमित कचरे का उठाव सुनिश्चित करेंगे.
वार्ड के कई मुहल्लों में मेंटेनेंस के अभाव में चापाकल खराब हैं. इनके मेंटेनेंस को लेकर क्या योजना है?
-खराब चापाकलों के मेंटेनेंस को लेकर योजना है.
वार्ड के सफाई निरीक्षक से खराब चापाकलों की सूची मांगी गयी है.
इन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जायेगा.
वार्ड में कच्ची नाली-गली योजना अबभी अधूरी है.
-मुख्यमंत्री कच्ची नाली-गली योजना का क्रियान्वयन कार्यपालक अभियंता कर रहे है. बहुत-सी योजनाओं को लेकर एजेंसी चयनित की गयी है और काम भी शुरू किया गया है.
वार्ड के कई मुहल्लों में जलजमाव की समस्या बनती है. इससे कैसे निबटेंगे?
-हां, कच्ची नाली-गली की कई योजनाएं बरसात शुरू होने से पहले पूरी कर ली जायेंगी. इसके साथ ही जिन मुहल्लों में पानी निकासी को लेकर कोई उपाय नहीं हैं, तो इसके लिए डीजल पंप खरीदी जा रही हैं. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जलजमाव वाले इलाके से पानी निकासी की जायेगी.
पाटलिपुत्र ग्राउंड में अतिक्रमणकारियों के कब्जे के साथ-साथ कचरा क्यों डंप है?
-अभियान के दौरान पाटलिपुत्र ग्राउंड से भी अतिक्रमण हटाया गया है. यदि दुबारा अतिक्रमणकारियों का कब्जा हुआ है, तो कार्रवाई की जायेगी. वहीं, ग्राउंड पर फेंके गये कचरे को भी साफ करायेंगे.
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