वैशाली में महागठबंधन व एनडीए में सीधी टक्कर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Apr 2019 5:32 AM
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कृष्ण कुमार, पटना : ऐतिहासिक विरासत को सहेजे हुए वैशाली संसदीय क्षेत्र में इस बार एनडीए के लोजपा से विधान पार्षद दिनेश सिंह की पत्नी वीणा देवी और महागठबंधन के राजद से डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच सीधी टक्कर होगी. यह क्षेत्र लालू प्रसाद की पहली राजनीतिक हार के लिए भी जाना जाता है. […]
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कृष्ण कुमार, पटना : ऐतिहासिक विरासत को सहेजे हुए वैशाली संसदीय क्षेत्र में इस बार एनडीए के लोजपा से विधान पार्षद दिनेश सिंह की पत्नी वीणा देवी और महागठबंधन के राजद से डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच सीधी टक्कर होगी.
यह क्षेत्र लालू प्रसाद की पहली राजनीतिक हार के लिए भी जाना जाता है. जब लालू प्रसाद राजनीतिक उफान पर थे, उस समय आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद चुनाव जीत गयीं.
वैशाली का सियासी संघर्ष हमेशा सामाजिक न्याय की पृष्ठभूमि पर लड़ा जाता रहा है, इसी कारण इसे लोकतंत्र का प्रयोगशाला भी कहा जाता है. यहां कुर्मी, कुशवाहा और नोनिया जाति के वोटर चुनाव पर असर डालते हैं.
इसके बावजूद देश की आजादी के बाद से इस सीट पर राजपूत और भूमिहार जाति के ही सांसद चुने जाते रहे हैं. ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार वैशाली में ही विश्व का सबसे पहला गणतंत्र कायम किया गया था. यह भगवान महावीर की जन्मस्थली भी रही है. इस कारण जैन धर्म के के लिए वैशाली एक पवित्र स्थल है.
मशहूर राजनर्तकी और नगरवधू आम्रपाली भी यही की थीं. महात्मा बुद्ध ने पहली बार नगरवधू आम्रपाली को संघ में महिलाओं के प्रवेश के रूप में अनुमति दी थी. वैशाली के कोल्हुआर गांव में अशोक स्तंभ है. यह लाल पत्थरों से बना हुआ 118.3 मीटर ऊंचा है.
कांग्रेस की गढ़ रही है यह सीट
वैशाली सीट शुरू से कांग्रेस का गढ़ रही है. इस लोकसभा सीट से चुनाव जीतने वाले पहले शख्स दिग्विजय नारायण सिंह थे. वे लगातार पांच बार यहां से लोकसभा के लिए चुने गये. वहीं इस सीट से जीतने वाली पहली महिला जनप्रतिनिधि किशोरी सिन्हा थीं. 1980 और 1984 में किशोरी सिन्हा और 1989 में उषा सिन्हा यहां से जीतने में कामयाब रहीं. 1991 में जनता दल के शिव शरण सिंह यहां से जीते.
वर्ष 1994 में लालू की पहली राजनीतिक हार
1994 में हुए उपचुनाव में बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद समता पार्टी से इस सीट से चुनी गयीं. उस समय राज्य में लालू प्रसाद सत्ता में थे और उनका राजनीतिक वर्चस्व था. ऐसे में लवली आनंद ने पूर्व सीएम सत्येंद्र नारायण सिन्हा की पत्नी किशोरी सिन्हा को पराजित कर दिया था.
यह लालू प्रसाद की पहली राजनीतिक हार मानी जाती है. इसके बाद 1996 में रघुवंश प्रसाद सिंह जनता दल के टिकट पर जीते. वे वर्ष 1998, 1999, 2004 और 2009 में राजद के टिकट पर लोकसभा गये और केंद्र में मंत्री भी बने.
तीन विस क्षेत्र में राजद
वैशाली में कुल मतदाता 1718311 हैं. इस क्षेत्र में विधानसभा की छह सीट हैं. वैशाली, कांटी, मीनापुर, बरूराज, साहेबगंज और पारू. बरूराज, मीनापुर और साहेबगंज से राजद और कांटी से निर्दलीय अशोक कुमार चौधरी जीते थे.
2014 में लोजपा की जीत
2014 के चुनाव में यहां से लोजपा के रामा किशोर सिंह विजेता रहे थे. उनको तीन लाख पांच हजार चार सौ पचास वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर राजद उम्मीदवार डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह रहे.
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