पटना : शिक्षकों के कन्फर्मेशन में यूजीसी का नहीं पटना यूनिवर्सिटी चलायेगी अपना नियम

तीन साल से मैथिली के असिस्टेंट प्रोफेसर्स कन्फर्मेशन के इंतजार में पटना : बीपीएससी से चयनित पीयू के सभी असिस्टेंट प्रोफेसरों के सर्विस कन्फर्मेशन का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है. यूजीसी के आदेश के बाद भी पीयू सहायक शिक्षकों की सेवा एक साल से कन्फर्म नहीं कर रही है. जबकि यूजीसी ने […]
तीन साल से मैथिली के असिस्टेंट प्रोफेसर्स कन्फर्मेशन के इंतजार में
पटना : बीपीएससी से चयनित पीयू के सभी असिस्टेंट प्रोफेसरों के सर्विस कन्फर्मेशन का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है. यूजीसी के आदेश के बाद भी पीयू सहायक शिक्षकों की सेवा एक साल से कन्फर्म नहीं कर रही है.
जबकि यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटियों को पत्र भेज कर कहा है कि सेवा कन्फर्म करने की दो साल की अवधि को घटा कर एक साल कर दिया गया है. लेकिन पीयू अब तक सर्विस कन्फर्म नहीं कर पायी है. पीयू को छोड़ कर बिहार की अधिकांश यूनिवर्सिटी यूजीसी के नये नियम का पालन करते हुए शिक्षकों की सेवा एक वर्ष के बाद ही कन्फर्म कर रही हैं.
पटना कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विभास रंजन के नेतृत्व में पीयू के सभी शिक्षकों ने 20 फरवरी को कुलपति प्रो रास बिहार प्रसाद सिंह को ज्ञापन सौंपा था. सभी लोग सर्विस कन्फर्म करने की मांग कर रहे थे.
कोई कार्यवाही नहीं होने पर 29 मार्च को सभी शिक्षक पुन: कुलपति से मिले तथा अपनी मांगों को दोहराया. इसके बाद पीयू कुलपति प्रो सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पीयू का एक्ट एवं नियमावली उन्हें एक वर्ष के सेवोपरांत सर्विस कन्फर्मेशन की इजाजत नहीं देता है. ऐसा करना नियम के विरुद्ध है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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