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लोकसभा चुनाव 2019 : अहमदाबाद के झंडे-टोपियों के भरोसे सभी राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार

Updated at : 13 Mar 2019 7:14 AM (IST)
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लोकसभा चुनाव 2019 : अहमदाबाद के झंडे-टोपियों के भरोसे सभी राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार

सुमित कुमार पटना : लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रचार सामग्रियों की डिमांड होने लगी है. आपको जान कर आश्चर्य हाेगा कि सूबे के राजनीतिक दलों-उम्मीदवारों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 75 फीसदी से अधिक प्रचार सामग्री अहमदाबाद से इंपोर्ट की जाती है. उसके बाद मथुरा का नंबर आता है. सूबे में इसका […]

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सुमित कुमार
पटना : लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रचार सामग्रियों की डिमांड होने लगी है. आपको जान कर आश्चर्य हाेगा कि सूबे के राजनीतिक दलों-उम्मीदवारों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 75 फीसदी से अधिक प्रचार सामग्री अहमदाबाद से इंपोर्ट की जाती है. उसके बाद मथुरा का नंबर आता है. सूबे में इसका कारोबार करने वाले व्यवसायियों ने दूसरे चरण की बुकिंग को लेकर ऑर्डर लेना शुरू कर दिया है.
फेस वैल्यू बुकिंग को सिंबल मिलने का इंतजार : व्यवसायियों के मुताबिक पहले चरण में (चुनाव से पहले) मंगायी गयी झंडा, टोपी, पट्टा सहित अन्य प्रचार सामग्रियां अब भी बची हैं. इसलिए दूसरे चरण (चुनाव के बाद) का ऑर्डर अभी नहीं दिया है. फेस वैल्यू बुकिंग के लिए उम्मीदवार को मिलने वाले सिंबल का इंतजार किया जा रहा है. ऑर्डर मिलते ही दस दिन के अंदर उनको सामग्री तैयार (प्रिंटिंग) कर उपलब्ध करा दिया जायेगा. टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त कुछ ने प्री-बुकिंग करा दी है.
गांधी टोपी का बढ़ा प्रचलन
व्यवसायियों की मानें तो पहले से प्रचलित टोपी (कैप) की जगह इन दिनों गांधी टोपी का प्रचलन बढ़ा है. इसकी वजह है कि इस पर उम्मीदवार का नाम या पार्टी का सिंबल-फोटो आदि छपवाने की जगह अधिक होती है. इन दिनों मुखौटे भी छाये हैं. खास कर रैली में इसकी विशेष डिमांड होती है. बीच में साड़ी-कुर्ता पर प्रिंट का दौर भी आया, लेकिन यह टिकाऊ नहीं रहा.
सामग्रियों का रेट (प्रति सैकड़ा)
झंडा : 500-1800 रु
टोपी (कैप) : 600 रु
गांधी टोपी : 500 रु पट्टा (रोटो) : 600 रु
पट्टा (साटन) : 1500 रुतीन दशकों से कर रहे व्यवसाय
पटना में मछुआटोली के शांति प्रिंटर व पटना हाइकोर्ट बार काउंसिल के शिवम इंटरप्राइजेज करीब तीन दशकों से प्रचार सामग्री के व्यवसाय में जुटे हैं.
शिवम इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सत्येंद्र नारायण सिंह बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 1991 में भाजपा कार्यालय से इस व्यवसाय की शुरुआत की. अब सूबे के तमाम जिलों से विभिन्न राजनीतिक दल व उनके लोग बुकिंग कराने पहुंचते रहे हैं. चुनाव को लेकर प्री-बुकिंग स्टार्ट हो गयी है. बुकिंग को देखते हुए अहमदाबाद से ऑर्डर किया जायेगा.
राजद के लिए बन रहे तीन तरह के झंडे
हर राजनीतिक दल की प्रचार सामग्री पर उस दल के प्रमुख चेहरे को फोकस रखा जाता है. जैसे भाजपा में नरेंद्र मोदी, जदयू में नीतीश कुमार, लोजपा में रामविलास पासवान आदि. लेकिन, राजद में तीन तरह का झंडा तैयार करना पड़ रहा है.
इनमें एक में लालू प्रसाद, दूसरे में तेजस्वी प्रसाद जबकि तीसरे में तेजप्रताप व लालू की फोटो रखी जा रही है. ऐसा ग्राहकों की डिमांड पर तैयार किया जा रहा है. व्यवसायियों के मुताबिक क्षेत्रीय दलों में राजद से बड़े पैमाने पर प्रचार सामग्रियों की बुकिंग होती है, जबकि जदयू व लोजपा के नेता थोड़े चूजी होते हैं.
क्षेत्रीय दलों के लिए अलग तैयारी : सूबे में क्षेत्रीय दलों के लिए प्रचार सामग्री को लेकर अलग तैयारी करनी होती है. राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों जैसे भाजपा व कांग्रेस के लिए प्रचार सामग्री का जुटान किसी भी वक्त हो जाता है, लेकिन राजद, जदयू, लोजपा आदि क्षेत्रीय पार्टियों की सामग्री को लेकर विशेष ऑर्डर देना होता है. भाजपा-कांग्रेस जैसे दल चुनाव से पूर्व ही सीधे कंपनियों को ऑर्डर देकर गोदाम में भंडारण सुनिश्चित कर लेते हैं.
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