सौगातें लेकर आये प्रधानमंत्री, उत्तर व दक्षिण बिहार के विकास की बढ़ेगी रफ्तार, नमामि गंगे से मिलेगा साफ पानी, नदियां भी बचेंगी

Updated at : 18 Feb 2019 8:41 AM (IST)
विज्ञापन
सौगातें लेकर आये प्रधानमंत्री, उत्तर व दक्षिण बिहार के विकास की बढ़ेगी रफ्तार, नमामि गंगे से मिलेगा साफ पानी, नदियां भी बचेंगी

तरक्की और विकास की राह पर तेजी से बढ़ रहे बिहार के लिए प्रधानमंत्री कई सौगातें लेकर आये. बेगूसराय की धरती से पीएम मोदी ने रविवार को जिन नयी परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया उनसे बिहार का चहुंमुखी विकास निश्चित रूप से होगा. मेट्रो, नदी, सीवरेज, सीएनजी, पेयजल और पुल आदि से जुड़ी कई […]

विज्ञापन
तरक्की और विकास की राह पर तेजी से बढ़ रहे बिहार के लिए प्रधानमंत्री कई सौगातें लेकर आये. बेगूसराय की धरती से पीएम मोदी ने रविवार को जिन नयी परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया उनसे बिहार का चहुंमुखी विकास निश्चित रूप से होगा. मेट्रो, नदी, सीवरेज, सीएनजी, पेयजल और पुल आदि से जुड़ी कई सुविधाओं से जिंदगी आसान बनेगी. सीएनजी और पीएनजी की सुविधा तो रविवार से शुरू भी हो गयी जो लोगों के वाहनों को कम कीमत में रफ्तार देगी तो रसोईघरों का बजट भी संवारेगी.
पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि राज्य में नमामि गंगे की परियोजनाओं के पूरा हो जाने पर पटना सहित राज्य के लोगों को पीने का स्वच्छ पानी मिलने लगेगा. साथ सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के शुरू होने से गंगा सहित अन्य नदियों में गंदा पानी नहीं गिरेगा. उनका बचाव होगा.
इसका फायदा नमामि गंगे परियोजना को होगा. वे राज्य में सत्तावन अरब बासठ करोड़ रुपये की लागत से नमामि गंगे की कई परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण के अवसर पर बोल रहे थे.
इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखने के लिए पटना चिड़ियाघर के सामने भी व्यवस्था की गयी थी.इस अवसर पर वहां केंद्रीय आवासन व शहरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हरदीप सिंह पुरी, नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, केंद्रीय शहरी, ट्रांसपोर्ट व आइटी विभाग के ओएसडी मुकुंद कुमार सिन्हा, पूर्व मंत्री श्याम रजक, जदयू प्रवक्ता व विधान पार्षद नीरज कुमार, पटना की मेयर सीता साहू, विधायक संजीव चौरसिया, अरूण सिन्हा सहित अन्य लोग मौजूद रहे. ये योजनाएं केंद्रीय जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के साथ राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा संचालित नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत किया गया. इसमें राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग व बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड की सहभागिता शामिल है.
रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का लोकार्पण
नयी स्वीकृत योजनाओं में साठ करोड़ की लागत से भागलपुर जिले में सुल्तानगंज आइ एंड डी व एसटीपी योजना, साठ करोड़ से नवगछिया एसटीपी और सीवरेज योजना, 58 करोड़ से पटना जिले में बाढ़ आइ एंड डी व एसटीपी योजना के साथ दो अरब सतहत्तर करोड़ रुपये की लागत से पटना जिले के करमालीचक सीवरेज नेटवर्क का शिलान्यास किया गया. साथ ही दो अरब तैंतालीस करोड़ से पटना जिले में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया गया.
इसमें अदालत घाट, टीएन बनर्जी घाट, कृष्णा घाट, रौशन घाट, गुलबी घाट के साथ ही तीन भवनों का निर्माण होगा. इसमें इको सेंटर, ऑडियो विजुअल थियेटर, कम्युनिटी सह कल्चरल सेंटर शामिल हैं. आमलोगों को सैर के लिए कलेक्टरेट घाट से राजा घाट तक 4.9 किमी में सुविधाएं विकसित की जायेंगी.
बेगूसराय में पीएम के आने से भाजपा कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
बीहट : खाद कारखाना और बरौनी रिफाइनरी की क्षमता संवर्द्धन सहित अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास करने बेगूसराय उलाव हवाई
अड्डा आये पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह दिखा. कार्यकर्ताओं के साथ ही जिलेवासियों में इस बात को लेकर काफी उत्सुकता थी का मोदी इस बार जिले को बरौनी खाद कारखाना के नवनिर्माण तथा बरौनी रिफाइनरी की क्षमता बढ़ाने वाली परियोजना के अलावा और कौन सी सौगात देने वाले हैं.
बड़े-बड़े झंडे और बैनर के साथ हर-हर मोदी के नारों के साथ सभा स्थल तक पहुंचने और मोदी की एक झलक पाने की बेचैनी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी. जिले के कार्यकर्ताओं के अलावा खगड़िया, समस्तीपुर,दरभंगा, नवगछिया, शेखपुरा, लखीसराय, बाढ़, मोकामा आदि जगहों से अच्छी खासी संख्या में लोग पीएम मोदी को सुनने के लिए आये हुए थे. वहीं पीएम के कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की उत्सुकता इस बात से समझी जा सकती है कि सुबह आठ बजे के बाद से ही चौक-चौराहों पर सरगर्मी बढ़ गयी थी.
पटना शहर में 10 ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क की योजनाएं
ठेकेदार 10 साल तक करेंगे देखरेख व मरम्मत
पटना : पटना शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवरेज नेटवर्क की दो नयी योजनाएं स्वीकृत होने के साथ ही कुल योजनाओं की संख्या 10 हो जायेगी.
इसमें बेउर एसटीपी, बेउर सीवरेज नेटवर्क, सैदपुर एसटीपी व एडज्वाइनिंग नेटवर्क, सैदपुर सीवरेज नेटवर्क, करमलीचक एसटीपी, पहाड़ी एसटीपी, पहाड़ी सीवरेज नेटवर्क जोन-चार, पहाडी सीवरेज नेटवर्क जोन-पांच सहित नयी योजनाओं की दीघा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व सीवरेज नेटवर्क सहित कंकड़बाग सीवेज नेटवर्क ट्रीटमेंट प्लांट व सीवरेज नेटवर्क शामिल हैं. काम पूरा होने पर ठेकेदार दस साल तक इसकी देखरेख व मरम्मत करेंगे.
बेकार पानी का उपयोग सिंचाई, कृषि, बागवानी में
राज्य सरकार द्वारा एसटीपी से शोधित कर बचा पानी सीधे गंगा सहित अन्य नदियों में नहीं गिराया जायेगा. इस बेकार पानी का उपयोग सिंचाइ, कृषि, बागवानी सहित अन्य काम में करने के लिए अलग से योजना बनाने का सभी विभागों को सरकार ने निर्देश दिया है.
इन एसटीपी की उपयोगिता के लिए प्रत्येक घर से सीवरेज के नेटवर्क के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाया जायेगा. मूल योजना में घरों से सीवेज लाइन तक कनेक्शन का प्रावधान नहीं है. प्रत्येक घर को सीवर लाइन से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा अलग से योजना तैयार की गयी है.
बेउर एसटीपी-यहां 77 करोड़ रुपये की लागत से 43 एमएलडी ट्रीटमेंट क्षमता का निर्माण किया जा रहा है.बेउर सीवरेज नेटवर्क-यहां उनचालीस अरब आठ करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है.
सैदपुर एसटीपी व एडज्वाइनिंग नेटवर्क- इस योजना का काम अठारह अरब आठ करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है.
सैदपुर सीवरेज नेटवर्क- इस योजना का काम चार अरब छब्बीस करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है.
करमलीचक एसटीपी- 37 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की इस योजना पर करीब तिहत्तर करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है. 20 मई 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य.
पहाड़ी एसटीपी- 60 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए एक अरब इक्यानबे करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है.
पहाड़ी सीवरेज नेटवर्क जोन-चार- इस योजना पर एक अरब चौरासी करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य प्रगति पर है.
पहाड़ी सीवरेज नेटवर्क जोन-पांच- इस योजना का काम तीन अरब छप्पन करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है.
सीएम ने की अगवानी
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को एक दिवसीय दौरे पर बिहार आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पटना एयरपोर्ट पर अगवानी की. यहां से वह प्रधानमंत्री के साथ विशेष विमान से सीधे बेगूसराय के उलाओ एयरपोर्ट रवाना हो गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष विमान करीब 12 बजे पटना एयरपोर्ट पर उतरा. मुख्यमंत्री यहां राज्यपाल आैर डिप्टी सीएम आदि के साथ उनका इंतजार कर रहे थे. प्रधानमंत्री विमान से जैसे ही बाहर आये नीतीश कुमार ने बुके भेंट कर हाथ मिलाया. सीएम- पीएम दोनों ही सफेद कुर्ता और चौकलेटी बंडी पहने हुए थे.
दोनों नेताओं ने काफी देर तक एक दूसरे के हाथ को थामकर गर्मजोशी भरी मुलाकात का एहसास कराया. एयरपोर्ट पर नेताओं से मेल मिलाप की औपचारिकता के बाद नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री के साथ बात करते हुए हेलीकाॅप्टर में सवार हुए.बरौनी में आयोजित विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को उलाओ हेलीपैड पर विदाई दी.
…और दौड़ने लगी रांची-पटना-रांची एसी एक्सप्रेस
पांच रेलखंडों के विद्युतीकरण का किया शुभारंभ
पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बेगूसराय में आयोजित कार्यक्रम में रेलवे की सेवाओं का शुभारंभ किया. रांची-पटना-रांची के बीच चलने वाली साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाया. ट्रेन संख्या 18633/18634 पटना-रांची-पटना एसी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होने के बाद जहानाबाद, गया, कोडरमा, हजारीबाग, बरकाकाना व मूरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने बरौनी-कटिहार-कुमेदपुर, मुजफ्फरपुर-सगौली-बेतिया, सगाैली-रक्सौल, फतुहा–इस्लामपुर और बिहारशरीफ-दनियावां विद्युतीकृत रेलखंडों का राष्ट्र को समर्पित किया.
गौरतलब है कि 210 किमी लंबे बरौनी-कटिहार-कुमेदपुर रेलखंड का विद्युतीकरण 238.45 करोड़ रुपये, 152 किमी लंबी मुजफ्फरपुर-सगाैली-बेतिया और सगाैली-रक्सौल रेलखंडों को 239.80 करोड़, 43 किमी लंबे फतुहा-इस्लामपुर रेलखंड का 77.86 करोड़ और 38 किमी लंबे दनियावां-बिहारशरीफ रेलखंड का विद्युतीकरण 45.51 करोड़ की लागत से पूरी की गयी. इन रेलखंडों की विद्युतीकरण होने से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित की जायेगी और ट्रेनों की गति भी बढ़ जायेगी.
उत्तर व दक्षिण बिहार के विकास की बढ़ेगी रफ्तार
2021 तक बनकर तैयार होगा सिमरिया गंगा नदी पर 6.2 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन पुल
बरौनी (नगर) : बिहार की लाइफ लाइन राजेंद्र सेतु जिसने उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़कर विकास और समृद्धि की पटकथा लिखी.
खास करके इन 59 वर्षों के दरम्यान बेगूसराय को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में प्रतिष्ठित करने में राजेंद्र सेतु का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित जनाकांक्षी रेल और सड़क पुल का सौगात देकर एक बार फिर बिहार की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है. इतिहास इसे कभी नहीं भूल पायेगा.
राजेंद्र सेतु मरम्मत के नाम पर करोड़ों खर्च हुए लेकिन इससे जुड़े रेलवे, पुल निर्माण विभाग, एनएचएआइ तथा जिला प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना तौर-तरीकों के कारण सेतु दरकने लगा. जिसके कारण वर्ष 2009 में ही पुल के क्षतिग्रस्त होने का बोर्ड लटका दिया गया था.
मगर आवागमन जारी रहा जिससे पुल और जर्जर होता चला गया. आखिरकार, 5 जनवरी 2010 को पुल की जर्जरता के मद्देनजर खतरे को देखते हुए पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गयी. 25 सितंबर 2013 को पुल के दोनों ओर हाइटगेज लगाकर आठ फुट से अधिक ऊंचे वाहनों के परिचालन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया.
20 करोड़ की लागत से पुल का हुआ जीर्णोद्धार
कोलकाता की राबर्टसन कंपनी द्वारा लगभग 20 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार कार्य एक दिसंबर 2014 से शुरू किया गया. मगर कार्य में शिथिलता और बाधा के चलते इसे पूरा करने में कंपनी को 11 महीने की बजाय 20 महीने का समय लग गया. कंपनी द्वारा कई आवश्यक कार्य किये गये.
सिमरिया में नये पुल का शिलान्यास
सिमरिया में बन रहा 6.2 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन पुल वर्ष 2021 तक बनकर तैयार होगा. इस पर 1161 करोड़ खर्च होंगे. बेगूसराय के सिमरिया में राजेंद्र सेतु के समानांतर पूरब की ओर बन रहे सिक्स लेन गंगा पुल का निर्माण एनएचएआइ द्वारा कराया जा रहा है.
सिक्स लेन पुल खोलेगा विकास की नयी राह
सिक्स लेन राजेंद्र गंगा पुल बेगूसराय के विकास की नयी
राह खोलेगा.औद्योगिक राजधानी के रूप में माना जाने वाला बेगूसराय की दशा और दिशा फिर से तय होगी. लोगों के
उन्नति की राह गति पकड़ेगी. न सिर्फ उद्योग के क्षेत्र में, बल्कि डेयरी, कृषि व अन्य क्षेत्रों के मार्ग भी सहज और गतिमान हो जायेंगे. जिले का सबसे बड़ा उद्योग बरौनी रिफाइनरी के व्यापार में वृद्धि होगी.
इसके अलावा सड़क पुल के साथ ही रेल पुल, खाद कारखाना, बरौनी थर्मल के नव निर्माण से बेगूसराय पूरा जिला विकसित क्षेत्र के रूप में परिणत हो जायेगा. जिले के लोगों को पटना जाने में फिलहाल चार-पांच घंटे का समय लगता है.लेकिन सिक्स लेन गंगा पुल के साथ ही सड़कों के फोरलेन होने से यह समय घटकर महज डेढ़ से दो घंटे का हो जायेगा. जिसकी अनुमानित लागत उस समय 1491 करोड़ थी.
राजेंद्र सेतु एक नजर में
वर्ष 1954 के 29 दिसंबर को मिला राजेंद्र सेतु के निर्माण का आॅर्डर
63 साल पहले वर्ष 1955 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बिहार के पहले गंगा पुल की आधारशिला रखी. 1 मई 1959 को पुल का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था.
1959 में सड़क मार्ग का निर्माण पूरा हुआ. इसका निर्माण कार्य बीबीजे कंपनी कोलकाता द्वारा कराया गया
डॉ एम एम विश्वेश्वरैया ने वर्ष 1952 में बिहार भ्रमण किया था. कई साइट्स की बारीकी परख के बाद मोकामा-सिमरिया का चयन गंगा पुल बनाने के लिये किया था.1955 से निर्माण शुरू होकर 1 मई 1959 को राजेंद्र सेतु जनता के हवाले किया गया था.
सेतु की कुल लंबाई लगभग 2 किमी
इंजीनियरिंग डिजाइन व्रेथवेट वर्न एंड जेसप कंस्ट्रक्शन कंपनी
अमृत योजना से 18 लाख को मिलेगा साफ पानी
302904 घरों तक होगी पहुंच
पटना : राज्य में अमृत योजना से तीन लाख दो हजार नौ सौ चार घरों में पाइप से स्वच्छ जलापूर्ति किया जायेगा. इससे 18 लाख लोग लाभाविंत होंगे. जलापूर्ति योजना में 2431 किलोमीटर पाईप लाइन बिछेगा. केंद्र प्रायोजित अमृत योजना के लिए 2469.77 करोड़ की योजना स्वीकृत है.इसमें 2184़ करोड़ की जलापूर्ति योजनाएं, 182़ 34 करोड़ की स्टॉर्म ड्रेनेज व 65़ 43 करोड़ रुपये की पार्क योजनाएं शामिल है.
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत योजना के तहत 1427़ 14 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया. इसमें 1394़ 48 करोड़ की 21 योजनाएं जलापूर्ति व 32़ 66 करोड़ की एक योजना स्टॉर्म ड्रेनेज की है.
बुडको के द्वारा इन योजनाओं पर काम होना है. अमृत योजना में 21 शहरों में जलापूर्ति योजना पर काम होना है. रविवार को हाजीपुर, मोतिहारी, बगहा, सासाराम, डेहरी, सिवान, छपरा, आरा,बेगूसराय, किशनगंज, जहानाबाद, बिहारशरीफ, कटिहार, बक्सर व पूर्णिया की जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास हुआ. भागलपुर में स्टॉर्म ड्रेनेज योजना के तहत जलापूर्ति योजना शुरू की जायेगी.
243.27 करोड़ की रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पटना का लोकार्पण किया
पटना में गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए 3820़ 49 करोड़ की योजनाओं पर काम होना है. रविवार को 277़ 42 करोड़ की करमलीचक सिवरेज नेटवर्क योजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया. वहीं 243़ 27 करोड़ की रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पटना का लोकार्पण किया.
पटना शहर में सिवरेज नेटवर्क व सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर भी काम हो रहा है. इसमें बेउर एसटीपी 77़ 85 करोड़, बेउर सिवरेज नेटवर्क 398़ 40 करोड़, सैदपुर एसटीपी 188़ 18 करोड़, सैदपुर सिवरेज नेटवर्क 426़ 71 करोड़, करमलीचक एसटीपी 73़ 61 करोड़, पहाड़ी एसटीपी 191़ 62 करोड़, पहाड़ी सिवरेज नेटवर्क जोन चार 184़ 86 करोड़, पहाड़ी सिवरेज नेटवर्क जोन पांच 356़ 37 करोड़, दीघा एसटीपी 824 करोड़ व कंकड़बाग एसटीपी व सिवरेज नेटवर्क पर 578 करोड़ खर्च होंगे.
देश में आज कमजोर सरकार होती, तो क्या हाल होता : पासवान
बेगूसराय : केंद्रीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि देश में आज स्थायी सरकार है, जो हर तरह से किसी मुसीबत का मुकाबला करने को तैयार है. अगर देश में कमजोर सरकार होती, तो क्या हाल होता. बरौनी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बिहार की तरफ से शहीद हुए दो जवानों के प्रति दुख जताते हुए कहा कि आज पूरा देश इस घटना को लेकर आक्रोशित है. इसका बदला लेने के मूड में है. आज खुशी और गम दोनों का समय है.
उन्होंने कहा कि पहले केंद्र और राज्य में अलग सरकार थी, तो बिहार का विकास नहीं हो रहा था. आज दोनों जगह एक ही सरकार होने से विकास की गति काफी तेज हो गयी है. केंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों विकास पुरुष हैं, दोनों मिलकर तेजी से विकास कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि 10 करोड़ गरीब परिवार के लिए पांच लाख प्रति परिवार की दर से मुफ्त इलाज की व्यवस्था एनडीए सरकार ने की है. हर गरीब के लिए खाना, रहने और स्वास्थ्य की चिंता की जा रही है.
86 फीसदी ग्रामीण और 76 फीसदी शहरी गरीब आबादी को दो रुपये प्रति किलो की दर से अनाज मिल रहा है. डेढ़ करोड़ गरीबों के पास 2022 तक घर उपलब्ध हो जायेंगे. उनके लिए चूल्हा, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाएं समेत तमाम मूलभूत जरूरतें पूरी की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि पटना मेट्रो का सपना पूरा हुआ. बरौनी खाद कारखाना मिला. रेणु और दिनकर की भूमि बेगूसराय ऐतिहासिक स्थल है.
बरौनी फर्टिलाइजर के अच्छे दिन आ ही गये
प्रतिदिन 2200 मीटरिक टन अमोनिया व 3850 मीटरिक टन यूरिया का होगा उत्पादन
बीहट : प्रधानमंत्री द्वारा बरौनी हर्ल खाद कारखाना के विधिवत शिलान्यास से जिले में खुशी की लहर छा गयी. बताते चलें कि नया खाद कारखाना अपने ढंग का दुनिया के अब तक का सर्वश्रेष्ठ तकनीक का प्रयोग कर बनाया जाने वाला गैस आधारित खाद कारखाना है. जिसमें प्रदूषण की संभावना नहीं के बराबर होगी. सात हजार करोड़ की लागत से बनने वाले हर्ल खाद कारखाना की क्षमता प्रतिदिन 2200 मीटरिक टन अमोनिया व 3850 मीटरिक टन यूरिया का उत्पादन करने की होगी. कारखाना के निर्माण से विकास के नये-नये रास्ते खुलेंगे और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी तथा क्षेत्र में खुशहाली और शांति आयेगी.
गलत औद्योगिक नीति की भेंट चढ़ा कारखाना
एचएफसीएल की बरौनी इकाई का निर्माण कार्य वर्ष 1967-68 से शुरू किया गया था. पहले 48 करोड़ से कार्य शुरू हुई थी. कार्य पूरा होते-होते यह राशि 92 करोड़ तक पहुंच गयी थी. वर्ष 1976 में एचएफसीएल की बरौनी इकाई से खाद का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ था. दोषपूर्ण व्यवस्था के कारण कई साल लगातार घाटे में चलने पर एचएफसीएल की बरौनी इकाई को वर्ष 1992 में रूग्ण औद्योगिक इकाई की श्रेणी में डाल दिया गया था. उसके बाद वर्ष 2002 में इस इकाई को बंद करने की घोषणा कर दी गयी थी.
शिलान्यास से लोगों में खुशी की लहर
प्रधानमंत्री द्वारा हर्ल खाद कारखाना के शिलान्यास के उपरांत कार्ययोजना को मूर्त रूप होता देख क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर छा गयी. किसानों के मुरझाये चेहरे खिल उठे हैं. केंद्र सरकार के साथ-साथ स्मृतिशेष बेगूसराय सांसद डॉ भोला सिंह के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं. इस विशेष मौके पर पूर्व मुख्य पार्षद राजेश कुमार टूना, अशोक कुमार सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह, समाजसेवी पन्नालाल, हीरालाल सिंह, जदयू अध्यक्ष अरुण गांधी, राम नारायण सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि कारखाना खुलने से क्षेत्र तेजी से विकास के रास्ते पर अग्रसर होगा.
बेगूसराय को सौगात : बरौनी रिफाइनरी का विस्तार, विकास को गति
बरौनी (नगर) : बरौनी रिफाइनरी का निर्माण सोवियत यूनियन के सहयोग से 49.40 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 1964 में एक मीलियन मीटरिक टन प्रतिवर्ष शोधन की क्षमता के साथ की गयी थी.
15 जनवरी 1965 में तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री डॉ हुमायूं कबीर द्वारा इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया था. वर्ष 1969 में बरौनी रिफाइनरी की शोधन क्षमता तीन मीलियन मीटरिक टन प्रतिवर्ष किया गया. इसके बाद के दिनों में आधुनिकीकरण व क्षमता विस्तार परियोजनाओं के जरिये बढ़कर इसकी वर्तमान क्षमता 6.100 मीलियन मीटरिक टन प्रतिवर्ष है.
15 करोड़ टन सालाना पर पहुंचाने का है लक्ष्य
बरौनी रिफाइनरी के विस्तारीकरण का काम शुरू हो चुका है. 6 मीलियन मीटरिक टन से 9 मीलियन मीटरिक टन प्रतिवर्ष करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है.
आने वाले दिनों में तकनीकी विकास से एक पेट्रोकेमिकल्स यूनिट व हवाई जहाज में उपयोग होनेवाले ईंधन के उत्पादन के लिए इंडजेट यूनिट भी लगाने का प्रस्ताव है. आइओसीएल ने वर्ष 2030 तक कुल क्षमता दुगुनी कर 15 करोड़ टन सालाना पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित की है. बरौनी रिफाइनरी का विस्तारीकरण उसी योजना का हिस्सा है.
क्या हैं प्रमुख परियोजनाएं
बीएस-4 एवं 6 परियोजना के पहले और दूसरे चरण के लिए आइओसीएल बोर्ड द्वारा 1774 करोड़ रुपये की लागत अनुमोदित की गयी है.
परियोजना के पहले माइल स्टोन में पाइप लाइन कंपैटीबल केरोसिन सिस्टम, प्राइम जी प्लस, एनएसयू एवं डीएचडीटी यूनिटों का नवीनीकरण तथा एलए डोजिंग सिस्टम की स्थापना सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है.
बरौनी रिफाइनरी की क्रूड प्रोसेसिंग क्षमता को छह एमएमटीपीए से बढ़ाकर 9 एमएमटीपीए करने के लिए एवं डाउन स्ट्रीम पॉली प्रोपलीन यूनिट के लिए पहले चरण का अनुमोदन बोर्ड द्वारा प्रदान किया गया था. इस परियोजना में 12 नयी प्रमुख यूनिटों की स्थापना के लिए 3398 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमोदन प्राप्त है. वहीं इंडजेट यूनिट की स्थापना के लिए आइओसीएल ने 189 करोड़ रुपये निवेश का अनुमोदन किया है.
राजधानी को सौगात, पटना मेट्रो का काम छह माह में हो जायेगा शुरू
पटना : अगले छह महीने में पटना मेट्रो रेल परियोजना का काम शुरू हो जायेगा. पांच साल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. नगर विकास मंत्री सुरेया शर्मा ने पटना में कहा कि मेट्रो पटना की जरूरत है.
आबादी अधिक होने के कारण यातायात का दबाव भी बढ़ा है. इसलिए सरकार ने मेट्रो की सौगात दी है. 31.39 किलोमीटर की इस परियोजना पर 13365.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे. रविवार को चिड़ियाघर के गेट नंबर एक पर आयोजित शिलान्यास समारोह के बाद सुरेश शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि मेट्रो के टेंडर के लिए कई नामी-गिरामी कंपनियां संपर्क कर रही हैं. नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जायेगा.
पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि सरकार ने मेट्रो की पहल की थी. इसमें केंद्र सरकार ने भरपूर सहयोग किया. इसके लिए धन्यवाद. केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि शहरों की आबादी लगातार बढ़ रही है. 65 फीसदी लोग शहरों में रह रहे हैं. ऐसे में मेट्रो अब जरूरत बन गया है. पटना के लिए यातायात का यह बेहतरीन साधन साबित होगा. इससे पूर्व पटना जू के गेट पर शिलान्यास समारोह हुआ. बेगूसराय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिमोट से पटना मेट्रो का शिलान्यास किया. पटना जू के पास ही मेट्रो का स्टेशन बनना है.
काम की शुरुआत वहीं से होगी, इसलिए शिलान्यास कार्यक्रम वहीं रखा गया था. समारोह में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मेयर सीता साहू, नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव संजय दयाल, केंद्रीय अर्बन ट्रांसपोर्ट आइटी मंत्रालय के ओएसडी मुकुंद कुमार सिन्हा, जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार आदि मौजूद थे.
मेट्रो टाइमलाइन
2019 : साइट की जांच, फाइनल सर्वे व डिजाइन, प्रमुख निर्माण के लिए निविदा
2020 : निर्माण एजेंसी का चयन, टनल निर्माण की शुरुआत, स्टेशन और डिपो निर्माण की शुरुआत.
2022 : टनल निर्माण का काम पूरा, स्टेशन और डिपो निर्माण का काम पूरा
2023 : सेवा सुविधाएं
2024 : ट्रायल रन व व्यावसायिक परिचालन
पीएम ने दबाया रिमोट दौड़ पड़ा सीएनजी ऑटो
पटना : रूकनपुरा पेट्रोल पंप पर लगे बड़े वीडियो स्क्रीन पर रविवार की दोपहर एक बजे जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी ने रिमोट का बटन दबाया, सीएनजी रिफ्यूलिंग की औपचारिक शुरुआत हो गयी और सीएनजी ऑटो राजधानी की सड़क पर दौड़ने लगे. पहले चरण में चार सीएनजी ऑटो सड़क पर निकले जिसमें तीन को पुरुष चालक चला रहे थे जबकि एक को महिला चालक गुड़िया सिन्हा चला रही थी. इस अवसर पर पेट्रोल पंप के कर्मी और गेल के अधिकारियों के साथ-साथ आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
पहले से फुल था सिलिंडर नहीं भरी गयी गैस
सीएनजी ऑटो की शुरुआत के समय गैस रीफ्यूलिंग पाइप का मुंह सीएनजी सिलेंडर के रीफ्यूलिंग प्वाइंट से लगाया गया पर उसमें वास्तव में कोई गैस नहीं भरा गया. मौके पर उपस्थित पेट्रोल पंप कर्मी और गेल के अधिकारियों से पूछने पर मालूम हुआ कि पहले से ही सिलेंडर फुल होने के कारण ऐसा किया गया.
63.47 रुपये प्रति किलोग्राम मिलेगी सीएनजी
इधर फोरलेन पर दीदारगंज टॉल प्लाजा के पास स्थित सिटी फ्यूल सेंटर में बने सीएनजी स्टेशन पर रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्यों ही योजना का उद्घाटन रिमोट से किया,यहां पर कार्यक्रम में गेल की ओर से आमंत्रित किये गये अलंकार मोटर प्राइवेट लिमिटेड के एमडी बिग कमांडर नरेंद्र कुमार ने फीता काट सीएनजी सेंटर का उद्घाटन किया. इसके बाद वहां पर लगाये गये 21 ऑटो में नि:शुल्क सीएनजी फ्यूल भरा गया. सोमवार से गैस 63.47 रुपये प्रति केजी मिलेगी.
बीआइटी मेसरा परिसर में पीएनजी सप्लाइ शुरू
पटना : प्रधानमंत्री द्वारा बरौनी से रिमोट से जैसे ही पीएनजी (पाइपलाइन नेचुरल गैस) सप्लाइ की औपचारिक शुरुआत की गयी, बीआइटी मेसरा परिसर में बने पाइप नेटवर्क में पाइप्ड नेचुरल गैस दौड़ने लगा. औपचारिक शुरुआत बीआइटी निदेशक डॉ बीके सिंह के घर से हुई. वहां उनकी पत्नी रीता सिंह ने गैस चुल्हे को जला शुरुआत की. इसी के साथ परिसर के सभी 31 आवासीय फ्लैटों में और सात प्वाइंट पर कमर्शियल गैस की सप्लाई शुरू हुई, जिसमें तीन ब्वायज हॉस्टल, एक गर्ल्स हॉस्टल, एक-एक ट्रांजिट हॉस्टल शामिल थे.
ईंधन पर होगी डेढ़ लाख की मासिक बचत
पीएनजी में एलपीजी की तरह ढुलाई खर्च नहीं देना पड़ता. इससे यह एलपीजी की तुलना में 40% तक सस्ता पड़ता है. बीआइटी मेसरा परिसर में हर माह चार लाख की एलपीजी खपत होती है, जिसमें साढ़े तीन लाख कमर्शियल और 50 हजार की डोमेस्टिक एलपीजी खपत शामिल है. अब यह खर्च घट कर ढाई लाख के लगभग हो जायेगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन