पटना : पीरबहोर थाने के मालखाने में रखी बाइकों के पार्ट्स व चक्के गायब
Updated at : 18 Dec 2018 3:36 AM (IST)
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पटना : पीरबहोर थाने के मालखाने में रखी बाइकों के पार्ट्स व चक्के भी गायब हैं. पुलिस ने कई बाइकें जब्त की थीं और उनको पीरबहोर थाने के परिसर में रखा गया है. लेकिन उन बाइकों में से अधिकतर में पार्ट्स गायब हैं. एक-दो बाइकें ऐसी हैं, जिनमें चक्के भी नहीं है. थाने में रखे-रखे […]
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पटना : पीरबहोर थाने के मालखाने में रखी बाइकों के पार्ट्स व चक्के भी गायब हैं. पुलिस ने कई बाइकें जब्त की थीं और उनको पीरबहोर थाने के परिसर में रखा गया है. लेकिन उन बाइकों में से अधिकतर में पार्ट्स गायब हैं. एक-दो बाइकें ऐसी हैं, जिनमें चक्के भी नहीं है.
थाने में रखे-रखे ही चक्के गायब हो गये हैं. ये बाइक काफी पहले बरामद हुए थे. पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी भी नहीं है कि आखिर वे पार्ट्स कैसे गायब हो गये? हालांकि जब ताले में बंद मालखाने से हथियार व रुपये गायब हो गये, तो बाइक तो खुले परिसर में रखी हुई है.
सूत्रों का कहना है कि मालखाने का प्रभार जिसे भी मिला, उसने कभी भी सामान का मिलान नहीं किया. नतीजा यह है कि अब, जब सामान का मिलान किया जा रहा है, तो सामान गायब पाये जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार पटना जिले के तमाम थानों की कमोवेश यही स्थिति है. थानों में जब्त कर लगायी गयीं बाइकों के पार्ट-पूर्जे गायब हैं.
पीरबहोर थाने में लगाये गये आठ सीसीटीवी कैमरे
पीरबहोर थाने में अंदर व बाहर आठ सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. ये कैमरे इसलिए लगाये गये हैं, ताकि अंदर व बाहर पूरी तरह से नजर रखी जा सके. दो कैमरे मेन गेट पर, एक कैमरा पीछे के गेट पर और बाकी कैमरे थाना के अंदर लगाये गये हैं.
पुराने मालखाने के प्रभारी को बुलाया गया
थाना के पुराने मालखाना प्रभारी को बुलाया गया है. वे फिलहाल नहीं आये हैं. उनके आने के बाद एक बार फिर से मालखाना के सामानों के मिलान का काम होगा. विदित हो कि मालखाना से हथियार व दो लाख 70 हजार रुपयों के गायब होने के मामले में पीरबहोर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हो चुकी है.
इसके अलावा सब इंस्पेक्टर आरडी बर्मन सस्पेंड किये जा चुके हैं. इस मामले में कई पुलिस पदाधिकारियों पर गाज गिरनी तय है.
चूहे का डर या बहाना, माल उड़ा देते हैं मालखाना प्रभारी
मालखाना का स्थिति अबूझ पहले बनी हुई है. यह चार्ज कभी न ईमानदारी से सौंपी जाता है और न ही ईमानदारी से मिलता है. सीजर सूची के हिसाब से सामान मालखाने से नहीं मिलेंगे.
इस संबंध में कुछ पुलिसकर्मी बताते हैं कि जब्त किया गया सिक्का तो मालखाने में जमा हो जाता है लेकिन जो नोट जब्त किये जाते हैं उसे चूहों के डर से मालखाने में नहीं रखा जाता है.
चूहे कुतर देंगे तो जेब से देना होगा. इसलिए इस पैसे को मालखाना प्रभारी खर्च कर देते हैं. लंबे समय तक एक थाने पर मालाखाना प्रभारी रहने पर यह पैसा लाखों में चला जाता है. इसलिए जब चार्ज देने की बात आती है तो नगदी का हिसाब गड़बड़ रहता है.
इन थानों के मालखाने से गायब हो चुके हैं सामान
– फुलवारी थाने से अपराधी अजय कानू का पैसा गायब हुआ था. पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया था तो करीब 58 हजार जब्त किया था, बाद में यह पैसा गायब हो गया था.
– पीरबहोर थाने के मालखाने से दो बार ऐसा हो चुका है. कदाचार के आरोप में पकड़े गये नीरज नाम के छात्र के बाइक से सामान गायब कर दिया गया. इसके अलावा हाल में भी पैसा गायब होने की बात सामने आ चुकी है.
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