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पटना : बिहार में बरकरार रही 10 फीसदी ग्रोथ रेट : मोदी

Updated at : 08 Dec 2018 2:28 AM (IST)
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पटना :  बिहार में बरकरार रही 10 फीसदी ग्रोथ रेट : मोदी

पटना : उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आर्थिक समेत अन्य सभी क्षेत्रों में विकास किया है. पिछले एक दशक के दौरान विकासात्मक योजनाओं पर 73 फीसदी राशि खर्च हुई है. राज्य की विकास दर भी लगातार 10 फीसदी के आसपास बनी रही है, जो राष्ट्रीय विकास दर […]

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पटना : उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आर्थिक समेत अन्य सभी क्षेत्रों में विकास किया है. पिछले एक दशक के दौरान विकासात्मक योजनाओं पर 73 फीसदी राशि खर्च हुई है. राज्य की विकास दर भी लगातार 10 फीसदी के आसपास बनी रही है, जो राष्ट्रीय विकास दर के औसत से ज्यादा है. जबकि गैर-विकासात्मक कार्यों पर महज 27 फीसदी राशि ही खर्च हुई है.
डिप्टी सीएम सेंटर फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी एंड पब्लिक फाइनेंस (सीईपीपीएफ) की स्थापना के 10 वर्ष पूरा होने पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे. इसका विषय पब्लिक फाइनेंस : थ्योरी, प्रैक्टिस और चैलेंज था.
उन्होंने कहा कि बिहार ने विकास दर की रफ्तार को हमेशा बनाये रखा है. वर्ष 2005-06 के दौरान राज्य में 54 फीसदी लोक ऋण था, जो अब घटकर 25 फीसदी हो गया है. राज्य पर कर्ज का बोझ घटता जा रहा है. आने वाले तीन साल में राज्य के सभी जिलों में एक-एक इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, महिला आईटीआई, जीएनएम और पारा मेडिकल कॉलेज खोल दिये जायेंगे.
उन्होंने सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य सभी सेक्टरों में पिछले 10 साल में हुए ग्रोथ का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार वर्ष 2006-07 से लगातार राजस्व अधिकाय (रेवेन्यू सरप्लस) वाला राज्य रहा है. तथाकथित पिछड़ा राज्य कहने वाला बिहार वर्तमान में 14 हजार 408 करोड़ रुपये के राजस्व सरप्लस वाला राज्य है.
जबकि आंध्र प्रदेश, केरल जैसे विकसित राज्य राजस्व घाटा वाले राज्य हैं. इनका राजस्व घाटा एक लाख 46 हजार करोड़ से ज्यादा का है. उन्होंने कहा कि 15वीं वित्त आयोग से इस बात की अनुशंसा की गयी है कि विकसित राज्य को राजस्व घाटा से जुड़ा अनुदान देने की आवश्यकता नहीं है.
बिहार ने बजट में राजकोषीय घाटा समेत तमाम आयामों को एफआरबीएम एक्ट के नियमों के अनुकूल रखा है. इसके अलावा राज्य में बीपीएल के प्रतिशत में भी गिरावट आयी है. वर्ष 2005-06 में यह आबादी 54.54 प्रतिशत थी, जो 2011-12 में घटकर 33.74 प्रतिशत हो गया है. बिहार के सभी घर पूर्ण रूप से विद्युतीकृत हो गये हैं.
राज्य के 35 लाख लोग कर रहे हवाई यात्रा
डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में वर्ष 2004-05 में महज तीन हजार 844 हवाई जहाज का परिचालन होता था, जो वर्तमान में बढ़कर 15 हजार 508 हो गया है. रोजाना 50 हवाई जहाज पटना एयरपोर्ट से उड़ान भरती हैं. पहले एक लाख 76 हजार लोगों ने ही हवाई यात्रा करते थे. अभी 35 लाख लोग हवाई यात्रा करते हैं.
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