पटना : 100 रुपये में रजिस्ट्री कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मिली मंजूरी

Updated at : 05 Dec 2018 8:13 AM (IST)
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पटना : 100 रुपये में रजिस्ट्री कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मिली मंजूरी

निबंधन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर पटना : पैतृक और पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में संपत्ति के रजिस्ट्री शुल्क में भारी कमी करते हुए नीतीश सरकार ने आम जनों को तोहफा दिया है. मात्र 100 रुपये का शुल्क अदा कर कोई भी पारिवारिक बंटवारे में रजिस्ट्री करा सकेगा. मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन […]

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निबंधन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर
पटना : पैतृक और पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में संपत्ति के रजिस्ट्री शुल्क में भारी कमी करते हुए नीतीश सरकार ने आम जनों को तोहफा दिया है. मात्र 100 रुपये का शुल्क अदा कर कोई भी पारिवारिक बंटवारे में रजिस्ट्री करा सकेगा. मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग की पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में रजिस्ट्री शुल्क में छूट के संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी . इसके अलावा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक पर बैन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है. ग्राम पंचायतों की परिसीमा के अंदर प्लास्टिक कैरी बैग (सभी आकार एवं मुटाई के) के निर्माण, आयात, भंडारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है.
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, नोटिफिकेशन के 60 दिनों के बाद यह रोक प्रभावी हो जायेगी. नियमों की अवहेलना पर अधिकतम पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है. मंगलवार को कुल 21 प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी. कैबिनेट की बैठक के बाद मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने टोकन राशि के रूप में 100 रुपये अदा कर पारिवारिक बंटवारे में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से संबंधित प्रस्ताव पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पारिवारिक बंटवारे में संपत्ति मूल्य का पांच प्रतिशत शुल्क के रूप में वसूला जाता है. इसमें दो प्रतिशत निबंधन और तीन प्रतिशत स्टांप ड्यूटी शुल्क होता है. पांच प्रतिशत शुल्क के हिसाब से पारिवारिक बंटवारे की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की फीस कुछ ज्यादा ही हो जाया करती थी.
इसकी वजह से प्रदेश के तमाम लोग रजिस्ट्री कराते ही नहीं थे. इसके कारण भूमि विवाद के मामले बढ़ते जा रहे थे. क्षेत्र में कानून व्यवस्था को भी खतरा होता था. भाई-भाई के बीच लाठियां चलती थीं. अब ऐसा नहीं होगा. अब पारिवारिक बंटवारे की संपत्ति की रजिस्ट्री मात्र 100 रुपये शुल्क देकर करायी जा सकेगी. 50 रुपये निबंधन और 50 रुपये स्टांप ड्यूटी के रूप में देना होगा. यह राज्य सरकार की सकारात्मक पहल है. अब रजिस्ट्री ज्यादा होगी. इससे भूमि विवादों में काफी हद तक कमी आयेगी. हिंसात्मक घटनाएं नहीं होंगी.
लोक संवाद में सीएम को मिला था सुझाव
पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे में रजिस्ट्री का शुल्क समाप्त करने या टोकन राशि लेने का सुझाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके कार्यक्रम लोक संवाद में मिला था. नौ जुलाई, 2018 को आयोजित कार्यक्रम में किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को इसकी परेशानी समझाते हुए ऐसे मामलों में रजिस्ट्री शुल्क समाप्त करने की मांग रखी थी. इसके तत्काल बाद मुख्यमंत्री ने मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग को इस आशय का प्रस्ताव देने का निर्देश दिया था. विभाग ने पिछली बार 1000 रुपये टोकन शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया था, जो नामंजूर कर दिया गया. इसके बाद दोबारा से संशोधित प्रस्ताव में टोकन राशि 100 रुपये कर कैबिनेट में भेजा गया था.
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