पटना : एससी-एसटी वर्ग के पीड़ितों को न्याय मिलने में नहीं हो देरी : नीतीश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Nov 2018 7:32 AM

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पटना : अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों को त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कई निर्देश दिये . उन्होंने एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलवाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक की. आरोपों पर त्वरित कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल के […]

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पटना : अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों को त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कई निर्देश दिये . उन्होंने एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलवाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक की. आरोपों पर त्वरित कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल के लिए गृह विभाग के प्रधान सचिव के स्तर पर बैठक का उन्होंने निर्देश दिया है.
साथ ही कहा कि अधिनियम के तहत होने वाले अत्याचारों की प्रत्येक बिंदु पर समीक्षा की जाये. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि गृह विभाग के प्रधान सचिव के स्तर पर इस संबंध में नियमित बैठक हो. इसमें पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग और निदेशक अभियोजन मौजूद रहें और समीक्षा करें. उन्होंने कहा कि विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) के कार्यों की दो माह में समीक्षा हो, जो भी अपने कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाये. जरूरत पड़े तो उन्हें हटाया जाये.
एसपीपी के चयन में एससी-एसटी वर्ग के अधिवक्ताओं को प्राथमिकता
सीएम ने निर्देश दिया कि विशेष लोक अभियोजकों (एसपीपी) के चयन में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग (एससी-एसटी) के अधिवक्ताओं को प्राथमिकता दी जाये. लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के लिए नौ विशेष न्यायालय के गठन के लिए विधि विभाग के स्तर पर शीघ्र कार्रवाई की जाये. लंबित मामलों में कमी लाने के लिए दर्ज कांडों का प्रत्येक थाने के अनुसार नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा पुलिस महानिदेशक स्तर पर की जाये.
थानों के भवन का हो निर्माण
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के क्रम में कहा कि कार्य योजना बनाकर समयबद्ध रूप से विशेष थानों के भवन का निर्माण कराया जाये. थानों में वाहन और पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाये. उन्होंने कहा कि प्रावधानों के निष्पादन से जुड़े मामलों के रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एमआईएस विकसित किया जाये. सभी जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय सतर्कता और मॉनिटरिंग की नियमित बैठक होती रहनी चाहिए.
दी जाये वास भूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार के द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वास रहित परिवारों को अभियान स्वरूप वास भूमि दी जाये. उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि सभी पर्चाधारियों का कब्जा शीघ्र हो. बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिनियम और नियम के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में अपनी बात रखी. अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को यथाशीघ्र राहत देने के लिए संबंधित पदाधिकारियों के स्तर से अपेक्षित कार्रवाई करने का अनुरोध किया.
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, सांसद हरि मांझी, विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद अशोक चौधरी, विधायक, ललन पासवान, विधायक मनीष कुमार, विधायक भागीरथी देवी, विधायक प्रेमा चौधरी, विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, विधायक प्रभुनाथ प्रसाद और विधायक निरंजन राम, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेदी, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव भूमि एवं राजस्व सुधार ब्रजेश मेहरोत्रा, प्रधान सचिव अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के सचिव और वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
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