पटना : सरकारी आवासों की सुरक्षा होगी प्राइवेट एजेंसी के हवाले
Updated at : 13 Nov 2018 10:38 AM (IST)
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भवन निर्माण विभाग तैयार कर रहा है प्रस्ताव मुख्य अभियंता को प्रस्ताव तैयार करने की मिली जिम्मेदारी पटना : योजना विकास विभाग के अवर सचिव राजीव कुमार की सरकारी क्वार्टर में हुई हत्या के बाद सरकारी आवासों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त हुई है. अब सरकारी आवासों की निगरानी का इंतजाम भवन निर्माण विभाग […]
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भवन निर्माण विभाग तैयार कर रहा है प्रस्ताव
मुख्य अभियंता को प्रस्ताव तैयार करने की मिली जिम्मेदारी
पटना : योजना विकास विभाग के अवर सचिव राजीव कुमार की सरकारी क्वार्टर में हुई हत्या के बाद सरकारी आवासों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त हुई है.
अब सरकारी आवासों की निगरानी का इंतजाम भवन निर्माण विभाग करायेगा. इसके लिए विभाग प्राइवेट एजेंसी से सहयोग लेगा. इसको लेकर भवन निर्माण विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है. मुख्य अभियंता को प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है. प्रस्ताव तैयार होने के साथ प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. जानकारों के अनुसार प्रस्ताव में उन सभी पहलुओं को शामिल किया जायेगा, जिससे सरकारी आवास सुरक्षित रह सकें.
प्राइवेट एजेंसी के हवाले करने से सरकारी आवासों में अवैध रूप से कब्जा जमाने वालों पर भी नजर रहेगी. इससे अधिकारियों की मनमानी रुकने के साथ सरकारी आवास में रहने वाले सुरक्षित रह पायेंगे.
2300 आवासों की होगी देखभाल : भूसंपदा पदाधिकारी के अंतर्गत जितने भी सरकारी आवास हैं, उनकी सुरक्षा, निगरानी व अवैध कब्जे से मुक्त रखने का विभाग ने
निर्णय लिया है. विभाग द्वारा मंत्री स्तर व मंत्री का दर्जा प्राप्त लोगों सहित सरकारी सेवकों को आवास मुहैया कराया जाता है. राजधानी में लगभग 2300 सरकारी आवास हैं. जिसकी सुरक्षा आवश्यक है. विभागीय सूत्र ने बताया कि सरकारी आवासों की सुरक्षा व निगरानी के लिए बाहरी एजेंसी के चयन पर विचार हो रहा है. एजेंसी के मानक को लेकर रूपरेखा तैयार की जायेगी.
सरकारी आवासों की खस्ताहाल होने पर कोई भी सरकारी सेवक उसे लेना नहीं चाहते हैं. आवास एलॉट होने पर भी लोग उसे कैंसिल करवा देते हैं. नतीजा सरकारी आवास के खाली होने पर उसमें अवैध कब्जा हो जाता है.
दूसरा सरकारी आवास की खस्ताहाल को लेकर अभियंता ऐसी रिपोर्ट देते हैं, जिससे वह आवास एलॉट ही नहीं होता. इसके बाद वैसे आवास में अवैध रूप से लोगों को कब्जा करा दिया जाता है. इसके बदले में प्रत्येक माह अभियंताओं को नजराना मिलता है. ऐसी परिस्थिति में विभाग के समक्ष आवासों की सुरक्षा जरूरी है.
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