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बिहार-झारखंड में एक साथ कार्रवाई की तैयारी, धनकुबेरों ने छुपायी संपत्ति इनकम टैक्स कसेगा शिकंजा

Updated at : 04 Nov 2018 6:31 AM (IST)
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बिहार-झारखंड में एक साथ कार्रवाई की तैयारी, धनकुबेरों  ने छुपायी संपत्ति इनकम टैक्स कसेगा शिकंजा

इनकम डिस्क्लोजर स्कीम खत्म, अब नहीं मिलेगा मौका, होगी कार्रवाई पटना : राजधानी पटना सहित पूरे बिहार और झारखंड में आयकर विभाग एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है. इनकम डिस्क्लोजर स्कीम (आईडीएस) खत्म हो चुका है. बिहार में इस स्कीम के तहत मात्र 1200 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी की घोषणा की गयी. […]

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इनकम डिस्क्लोजर स्कीम खत्म, अब नहीं मिलेगा मौका, होगी कार्रवाई
पटना : राजधानी पटना सहित पूरे बिहार और झारखंड में आयकर विभाग एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है. इनकम डिस्क्लोजर स्कीम (आईडीएस) खत्म हो चुका है. बिहार में इस स्कीम के तहत मात्र 1200 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी की घोषणा की गयी.
इससे 400 रुपये की टैक्स वसूली हुई. आयकर विभाग यह खूब जानता है कि अभी तमाम ऐसे ‘धनकुबेर’ हैं, जिनके पास बड़े पैमाने पर ‘कालाधन’ है. ऐसे लोगों की
सूची तैयार की जा रही है. बिहार और झारखंड में एक साथ कार्रवाई की तैयारी में अधिकारी हैं. आयकर विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार की आईडीएस स्कीम खत्म हो गयी. इसके बाद भी तमाम लोगों ने अघोषित आय का खुलासा नहीं किया है. ऐसे लोगों की सूची तैयार
की जा रही है.
नोटबंदी से पहले सरकार ने दी थी मोहलत : बता दें कि बिहार व झारखंड में सैकड़ों करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा हुआ था. यह ऐसा धन था, जिसकी जानकारी संबंधित लोगों ने आयकर विभाग से छिपा रखी थी. टैक्स आदि से बचने के लिए इस संपत्ति की घोषणा आधिकारिक तौर पर नहीं की गयी थी. हालांकि, 8 नवंबर 2016 से लागू हुई नोटबंदी से पहले सरकारी योजना के तहत दोनों राज्यों में बड़ी संख्या में लोगोंने अपनी अघोषित आय काखुलासा आयकर विभाग के सामने किया था.
यह थी योजना
दरअसल वित्त मंत्रालय की ओर से 1 जून 2016 से 30 सितंबर 2016 तक ‘आय घोषणा योजना’ (आईडीएस) के तहत अघोषित संपत्ति का खुलासा करने का मौका दिया गया था. इसके तहत खुलासा होने वाले अघोषित प्रोपर्टी पर करीब 50 प्रतिशत या उससे अधिक टैक्स वसूली का प्रावधान था. इसके तहत बिहार में 1200 करोड़ रुपये अघोषित आय का खुलासा हुआ था. आईडीएस योजना में अघोषित आय पर दो वित्तीय वर्षों में टैक्स वसूली का प्रावधान था.
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