पटना : ‘स्वयं’ प्रोग्राम व मासिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज के लिए होगा चैनल

Updated at : 29 Oct 2018 9:38 AM (IST)
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पटना :  ‘स्वयं’ प्रोग्राम व मासिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज के लिए होगा चैनल

प्राथमिक सर्वेक्षण का कार्य पूरा अमित कुमार पटना : पटना विश्वविद्यालय जल्द ही अपना डीटीएच चैनल शुरू करेगा. स्टडी वेब्स ऑफ आर्काइव लर्निंग फॉर यूथ एस्पायरिंग जो ‘स्वयं’ प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है तथा मासिव ओपन ऑनलाइन कोर्स जो ‘मूक्स’ के नाम से जाना जाता है, इन दोनों के तहत ऑनलाइन कोर्स को […]

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प्राथमिक सर्वेक्षण
का कार्य पूरा
अमित कुमार
पटना : पटना विश्वविद्यालय जल्द ही अपना डीटीएच चैनल शुरू करेगा. स्टडी वेब्स ऑफ आर्काइव लर्निंग फॉर यूथ एस्पायरिंग जो ‘स्वयं’ प्रोग्राम के नाम से जाना जाता है तथा मासिव ओपन ऑनलाइन कोर्स जो ‘मूक्स’ के नाम से जाना जाता है, इन दोनों के तहत ऑनलाइन कोर्स को अपनाया जाना है. उसके लिए इस डीटीएच चैनल की शुरुआत विवि की ओर से की जायेगी, ताकि छात्र घर बैठे भी क्लास कर पायें. इस दिशा में प्राथमिक सर्वेक्षण का कार्य कर लिया गया है. पटना विश्वविद्यालय कंप्यूटर सेंटर, रसायन शास्त्र विभाग, पीएमआईआर, इतिहास विभाग, अंग्रेजी तथा विधि विभाग में यह कार्यरत भी हो चुका है.
‘मूक्स’ के तहत ऑनलाइन ओपन कोर्सेज चलाये जायेंगे. इसमें छात्रों को डीटीएच की जरूरत पड़ेगी. उसी तरह जैसे इग्नू के द्वारा टीवी पर कार्यक्रम दिखाये जाते हैं. इसके लिए बाकायदा स्टूडियो आदि भी बनाये जायेंगे. इग्नू में भी ज्ञानवाणी के तहत कई जगहों पर ऑन-एयर प्रसारण होता है. दूरदर्शन पर भी कई कार्यक्रम समय-समय पर इग्नू के तहत दिखाये जाते रहे हैं. कुछ इसी तरह ऑनलाइन कोर्सेज के तहत भी पीयू डीटीएच दिखायेगा. ‘स्वयं’ योजना को हर विवि में लागू करने का केंद्रीय मानव संसाधन विभाग व यूजीसी ने पहले ही निर्देश दिये हुए हैं.
प्रौद्योगिकी का उपयोग कर सीखेंगे : ‘स्वयं’ सर्वोत्तम गुणवत्ता सामग्री का उत्पादन और वितरण सुनिश्चित करने के लिए नौ राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किये गये हैं. वे ‘स्वयं’ के लिए और अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रमों के लिए एआईसीटीई, इंजीनियरिंग के लिए एनपीटीईएल, गैर तकनीकी स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए यूजीसी, स्नातक शिक्षा के लिए सीईसी, स्कूल शिक्षा के लिए एनसीईआरटी और एनआईओएस, स्कूल के छात्रों के लिए इग्नू, प्रबंधन अध्ययन के लिए आईआईएमबी के माध्यम से शिक्षार्थियों के लिए मुफ्त में उपलब्ध हैं
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प्रत्येक पाठ्यक्रम के अंत में परीक्षा के माध्यम से छात्र का मूल्यांकन किया जायेगा और इस परीक्षा में सुरक्षित अंक/ग्रेड छात्रों के अकादमिक रिकॉर्ड में स्थानांतरित किया जा सकता है. यूजीसी ने पहले ही स्वयं के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए क्रेडिट फ्रेमवर्क जारी किया है.
विनियमन 2016 विश्वविद्यालयों को उन पाठ्यक्रमों की पहचान करने की सलाह देता है जहां क्रेडिट को ‘स्वयं’ पर किये गये पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों के अकादमिक रिकॉर्ड में स्थानांतरित किया जा सकता है. ‘स्वयं’ मंच स्वदेशी मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा माइक्रोसॉफ्ट की मदद से विकसित किया गया है और अंत में 2000 पाठ्यक्रम और 80000 घंटे सीखने की मेजबानी करने में सक्षम होगा.
क्या है ‘स्वयं’
भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक कार्यक्रम शिक्षा नीति के तीन मुख्य सिद्धांतों जैसे पहुंच, इक्विटी व गुणवत्ता को प्राप्त करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस प्रयास का उद्देश्य सबसे ज्यादा शिक्षण सहित सर्वोत्तम शिक्षण संसाधनों को लेना है.
‘स्वयं’ उन छात्रों के लिए डिजिटल डिवाइड को पुल करना चाहता है जो ज्ञान अर्थव्यवस्था के मुख्यधारा में शामिल नहीं हो पाये हैं. यह एक स्वदेश विकसित आईटी प्लेटफार्म के माध्यम से किया जाता है, जो 9वीं कक्षा से कक्षाओं में पढ़ाये जाने वाले सभी पाठ्यक्रमों की मेजबानी की सुविधा देता है. सभी पाठ्यक्रम इंटरैक्टिव हैं जो देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की ओर से तैयार किये जाते हैं.
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