पटना : कलेक्ट्रेट-महेंद्रू घाट जाने को बांस घाट से बनेगा रास्ता

Updated at : 23 Oct 2018 9:16 AM (IST)
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पटना : कलेक्ट्रेट-महेंद्रू घाट जाने को बांस घाट से बनेगा रास्ता

पहुंच पथ का काम शुरू, दीवाली बाद गंगा में बैरिकेडिंग, 2.5 किमी दूर है रास्ता पटना : छठपूजा को लेकर गंगा किनारे दो बड़े घाटों पर कार्य शुरू हो गया है. कलेक्ट्रेट व महेंद्रू घाट पर एप्रोच रोड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. नगर निगम की ओर से इन घाटों की तैयारी […]

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पहुंच पथ का काम शुरू, दीवाली बाद गंगा में बैरिकेडिंग, 2.5 किमी दूर है रास्ता
पटना : छठपूजा को लेकर गंगा किनारे दो बड़े घाटों पर कार्य शुरू हो गया है. कलेक्ट्रेट व महेंद्रू घाट पर एप्रोच रोड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. नगर निगम की ओर से इन घाटों की तैयारी की जा रही है.
फिलहाल दो जेसीबी लगा कर पहुंच पथ बनाया जा रहा है. वाहन से इन दोनों घाटों पर आने वाले लोगों को बांस घाट से अाना होगा. लगभग तीन से चार किमी की दूरी से रास्ता को तय करना होगा. वहीं, पैदल जाने वालों के लिए दोनों घाटों से अलग से रास्ता बनाया जा रहा है. पैदल यात्रियों के लिए दोनों घाटों पर गंगा तट जाने के लिए लगभग 2.5 किमी की दूरी तय करनी होगी. वाहन और पैदल रास्ता अलग-अलग होगा.
31 तक पूरा हो जायेगा रास्ता : इन दोनों बड़े घाटों पर जाने के लिए ह्यूम पाइप डाल कर एप्रोच रोड बनाना होगा. क्योंकि, घाट से गंगा तट जाने के बीच में शहर के सीवर से निकलने वाले गंदे पानी का नाला है. दोनों घाटों पर जाने के लिए लगभग 60-60 मीटर चौड़े रास्ते का निर्माण किया जा रहा है. 31 अक्टूबर तक एप्रोच रोड का काम पूरा कर लिया जायेगा. दोनों घाटों पर 60 के लगभग मजदूर काम कर रहे हैं.
नौ करोड़ रुपये का है बजट
नगर निगम ने सभी घाटों के निर्माण के लिए एक अलग से गंगा प्रमंडल का गठन किया है. निगम शहर के 87 घाटों का निर्माण कर रहा है. फिलहाल सभी घाटों पर कमोबेश काम शुरू कर दिया गया है. निगम ने दो नवंबर तक सभी घाटों पर मिट्टी के काम, पांच तक बालू लगाने के काम, एक नवंबर तक नाला निर्माण का काम और दस नवंबर तक बैरिकेडिंग व लाइटिंग का काम पूरा करने का डेडलाइन रखा है. फिलहाल कलेक्ट्रेट घाट निर्माण की लागत लगभग 50 लाख व महेंद्रू घाट की लागत 30 लाख रुपये के करीब है.
पटना : इधर रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत बने स्थायी गंगा घाटों पर वॉल पेंटिंग शुरू कर दी गयी है. सोमवार को आर्ट्स कॉलेज के प्रोफेसर चंद्र भूषण श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ कलेक्ट्रेट घाट के एक वॉल पर पेंटिंग तैयार कर रहे थे.
पेंटिंग में गंगा आरती व गंगा में साफ पानी को लेकर दो बड़ी पेंटिंग बनायी जा रही थी. उन्होंने बताया कि बुडको की ओर से घाटों पर पेंटिंग का काम दिया गया है. पटना में ऐसा पहली बार हो रहा है. योजना है कि सभी पक्के घाटों पर लगभग पांच किमी दूर पर पेंटिंग किया जाये. गंगा घाटों पर बनारस के घाटों की तर्ज पर सुंदर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है.
तीन तरह की होगी कला, दर्जन भर से अधिक कलाकृतियां : प्रोफेसर श्रीवास्तव ने बताया कि सभी गंगा घाटों पर तीन तरह की कला पेंटिंग होगी. इसमें मोजाइक कला, वेजेंटाइन कला और हाई रिफिल कला से पेंटिंग होगी.
इसमें इनके साथ इसमें इनके साथ कानपुर विवि के सहायक प्रोफेसर जितेंद्र कुमार भी लगे हैं. उन्होंने बताया कि पाटलिपुत्र का गौरवशाली इतिहास के कई पेंटिंग बनेंगे. अशोक व चंद्रगुप्त के समय की कलाकृति, गंगा आरती, नमामी गंगे से जुड़े प्रोजेक्ट, पटना के गोलघर से लेकर अन्यसंबंधित वॉल पेटिंग की जायेगी. उन्होंने बताया कि पूरे घाटों को एक माह के भीतर पेंट कर दिया जायेगा. इसके लिए 100 से अधिक कलाकारों की टीम लगायी जायेंगी.
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