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दलितों को मंदिरों में प्रवेश के लिए महामना ने लड़ी थी लड़ाई : सुशील मोदी

Updated at : 22 Oct 2018 10:15 PM (IST)
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दलितों को मंदिरों में प्रवेश के लिए महामना ने लड़ी थी लड़ाई : सुशील मोदी

पटना : डाक मनोरंजन केंद्र का नाम परिवर्तित कर ‘भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय डाक सांस्कृतिक केंद्र’ करने और महामना पं. मदन मोहन मालवीय की मूर्ति के अनावरण के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आज से 80-90 साल पहले दलितों को मंदिरों में […]

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पटना : डाक मनोरंजन केंद्र का नाम परिवर्तित कर ‘भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय डाक सांस्कृतिक केंद्र’ करने और महामना पं. मदन मोहन मालवीय की मूर्ति के अनावरण के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आज से 80-90 साल पहले दलितों को मंदिरों में प्रवेश दिलाने की लड़ाई महामना ने लड़ी थी. जिस पूणा समझौता के कारण आज दलितों को लोकसभा व विधान सभा में आरक्षण मिला हुआ है, उस पर हस्ताक्षर करने वालों में पं. मालवीय भी एक प्रमुख शख्सीयत थे.

सुशील मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने एक-एक कर आजादी की लड़ाई में योगदान देने वालों को भूला दिया. पं. मालवीय भी उनमें से एक हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने पं. मालवीय को ‘भारत रत्न‘ का सम्मान देकर देश को गौरवान्वित किया है. बाबा साहेब जब दलितों को नासिक के एक मंदिर में प्रवेश दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे थे तो उन्हें पं. मालवीय का समर्थन मिला. इससे आक्रोशित होकर गौड़ ब्राह्मणों ने उन्हें अपने समाज से निष्कासित कर दिया. उस दौर में दलितों के लिए संघर्ष करने वालों में पं. मालवीय की भूमिका महत्वपूर्ण थी. इतिहास सदैव उन्हें याद रखेगा.

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