हार्ट अटैक कहीं भी, किसी को भी आ सकता है, हृदय रोगी डॉक्टरी सलाह पर ही करें हवाई यात्रा

Updated at : 07 Oct 2018 7:51 AM (IST)
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हार्ट अटैक कहीं भी, किसी को भी आ सकता है, हृदय रोगी डॉक्टरी सलाह पर ही करें हवाई यात्रा

ऐसे में परेशानी से बचने के लिए बरतें सावधानी अनुपम कुमार पटना : शुक्रवार को बागडोगरा से मुंबई जा रहे इंडिगो की फ्लाइट में नेवी में कार्यरत 28 वर्षीय युवक के हार्ट अटैक होने से हृदय रोगियों के लिए विमान यात्रा के सुरक्षित होने पर सवाल उठने लगे हैं. कुछ हृदय रोगी तो घटना से […]

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ऐसे में परेशानी से बचने के लिए बरतें सावधानी
अनुपम कुमार
पटना : शुक्रवार को बागडोगरा से मुंबई जा रहे इंडिगो की फ्लाइट में नेवी में कार्यरत 28 वर्षीय युवक के हार्ट अटैक होने से हृदय रोगियों के लिए विमान यात्रा के सुरक्षित होने पर सवाल उठने लगे हैं. कुछ हृदय रोगी तो घटना से इतने सहमे दिखे कि उन्होंने भविष्य में हवाई यात्रा से पूरी तरह तौबा कर लेने का निर्णय ले लिया जबकि कुछ लोग अपने पिछले अनुभव को देखते हुए इसे अब भी सुरक्षित बता रहे हैं.
प्रभात खबर ने मामले की चिकित्सकीय सच्चाई जानने के लिए शहर के कई विख्यात कार्डियोलॉजिस्टों से बात की. सबने इस बात को स्वीकार किया कि हार्ट अटैक अचानक कहीं भी, किसी को हो भी सकता है, इसलिए विमान यात्रा या ऊंचाई में इसकी वजह तलाशना उचित नहीं. इसके बावजूद गंभीर रूप से हृदय रोग से ग्रस्त मरीज को बिना अपने चिकित्सक की राय के विमान यात्रा करने से परहेजकरना चाहिए.
यात्री बरतें विशेष सतर्कता
लंबी यात्रा के दौरान हिलाते रहें पैर
छोटे घरेलू सफर में ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विमान यात्रा से किसी तरह के परहेज की जरूरत नहीं है, लेकिन लंबे इंटर कंटीनेंटल सफर में जब सात-आठ घंटे तक लगातार बैठे रहना पड़ता है तो हाई ब्लडप्रेशर और डायबिटीज से ग्रस्त लोगों के पैरों में रक्त का थक्का (डीप वेन सिम्बोसिस ) जमने की आशंका रहती है. कभी-कभी यह थक्का रक्त प्रवाह से होते हुए फेफड़े में पहुंच जाता है और पल्मोनरी इंबोलिज्म का रूप धारण कर लेता है, जो जानलेवा भी हो सकता है. उससे बचने के लिए लंबी यात्रा के दौरान पैरों को हिलाते रहना चाहिए.
बीमारी में यात्रा से करें परहेज
हाई फीवर या इंफेक्शन रहने की स्थिति में लोगों को विमान यात्रा से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ऐसे रोगों की स्थिति में शरीर के अन्य अंगों के साथ-साथ हृदय की सहन शक्ति भी घट जाती है, जिससे हार्ट अटैक जैसी परेशानी हो सकती है.
लैंडिंग व टेकऑफ के समय नहीं हों भयभीत
लैंडिंग टेकऑफ के समय अधिक परेशानी लोगों के मनस्थिति को प्रभावित करती है. कई यात्रियों को इस दौरान काफी भय लगता है. इससे ब्लडप्रेशर बढ़ता है और धड़कन बेतरतीब होती है. चिकित्सकों के अनुसार इससे बचना चाहिए.
क्या कहते हैं कार्डियोलॉजिस्ट
जो क्रॉनिक स्टेबल एंजाइना से पीड़ित हैं, उनकी बीमारी यदि एडवांस स्टेज में नहीं है तो हवाई सफर से नुकसान नहीं होगा, लेकिन अनस्टेबल एंजाइना जिसमें बैठे-बैठे भी सीने में दर्द होता है, वे हवाई यात्रा न करें. जिनको कोरोनरी हार्ट डिजीज है, वैसे लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर से मिल कर सलाह ले लेनी चाहिए.
डॉ अजीत प्रधान, चीफ कार्डियक सर्जन,
जीवक हार्ट हॉस्पिटल
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