पटना : 26 एनबीएफसी के लाइसेंस हो सकते हैं रद्द

Updated at : 05 Oct 2018 8:12 AM (IST)
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पटना : 26 एनबीएफसी के लाइसेंस हो सकते हैं रद्द

सुबोध कुमार नंदन कर्ज डिफॉल्ट के बाद वित्तीय बाजार में तरलता का संकट पटना : आईएलएंडएफएस संकट से देश की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर भी संकट मंडरा रहा है. इस संकट से सबसे बड़ी चिंता देश की लगभग 1500 एनबीएफसी के लाइसेंस रद्द होने का डर है. इनमें बिहार में सक्रिय 26 एनबीएफसी […]

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सुबोध कुमार नंदन
कर्ज डिफॉल्ट के बाद वित्तीय बाजार में तरलता का संकट
पटना : आईएलएंडएफएस संकट से देश की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर भी संकट मंडरा रहा है. इस संकट से सबसे बड़ी चिंता देश की लगभग 1500 एनबीएफसी के लाइसेंस रद्द होने का डर है.
इनमें बिहार में सक्रिय 26 एनबीएफसी भी शामिल हैं. ये कंपनियां बड़े स्तर पर कारोबार कर रही हैं, जो भारतीय रिजर्व बैंक से निबंधित हैं. रिजर्व बैंक इन कंपनियों पर गहरी नजर रखे हुए है. वहीं निवेशक संकट के कारण सहमे हुए हैं. वित्तीय जानकारों के अनुसार पर्याप्त पूंजी के अभाव में इन कंपनियों के लाइसेंस रद्द होने का खतरा है.
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएल) से कंपनी के प्रबंधन में बदलाव करने का अनुरोध किया है. एनसीएल ने भी सरकार के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है. ज्ञात हो कि आईएलएंडएफएस समूह की कुछ कंपनियों द्वारा कर्ज डिफॉल्ट के बाद वित्तीय बाजार में तरलता का संकट पैदा हो गया है.
पांच कंपनियों का लाइसेंस हुआ रद्द
कौन है गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी उस कंपनी को कहते हैं,जो कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत पंजीकृत हो. इसका मुख्य कारोबार उधार देना, शेयरों, स्टॉक, बांड्स, डिबेंचरों, प्रतिभूतियों, पट्टा कारोबार, इंश्योरेंस बीमा कारोबार, चिट संबंधी कारोबार में निवेश करना हैं.
किसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में ऐसी कोई संस्था शामिल नहीं है, जिसका मुख्य कारोबार कृषि, औद्योगिक, व्यापार संबंधी गतिविधियां हैं या अचल संपत्ति का विक्रय, क्रय या निर्माण करना है.
गैर वित्तीय कंपनी के लाइसेंस रद्द होने से निवेशकों के भुगतान में संकट आ सकता है. इससे कामकाज प्रभावित होने से वित्तीय स्थिति कमजोर होगी. इससे आर्थिक नुकसान कंपनियों के खाते में आ जायेगा. जहां तक हो सके निवेशकों को निकलने की कोशिश करनी चाहिए.
शशि चरण पहाड़ी, वित्त और
बाजार के जानकार
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