पटना : प्राइमरी स्कूलों में शुरू हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षा, प्रश्नपत्र में मिलीं कई गड़बड़ियां
Updated at : 04 Oct 2018 8:36 AM (IST)
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पटना : जिला समेत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में बुधवार को अर्द्धवार्षिक परीक्षा आरंभ हुई. पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा थी, जिसके प्रश्नपत्र में कई गड़बड़ी सामने आयी हैं. कुछ विद्यालयों में दूसरी कक्षा के परीक्षार्थियों के लिए प्रश्नपत्र के दो सेट दिये गये थे, तो इनमें से एक सेट में कुछ प्रश्न तीसरी […]
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पटना : जिला समेत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में बुधवार को अर्द्धवार्षिक परीक्षा आरंभ हुई. पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा थी, जिसके प्रश्नपत्र में कई गड़बड़ी सामने आयी हैं.
कुछ विद्यालयों में दूसरी कक्षा के परीक्षार्थियों के लिए प्रश्नपत्र के दो सेट दिये गये थे, तो इनमें से एक सेट में कुछ प्रश्न तीसरी की किताब से पूछे गये थे. इतना ही नहीं दोनों तरह के प्रश्नपत्र में पूर्णांक 50 है. लेकिन, एक प्रश्नपत्र में प्रश्नों की संख्या चार और जोड़ने पर पूर्णांक 40 ही होता है. इसी तरह तीसरी कक्षा के कुल 50 अंक (पूर्णांक) के प्रश्नपत्र में 60 अंक के प्रश्न पूछे गये थे.
प्रश्नपत्रों को बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से प्रिंट कराया गया है. जबकि, जिला स्तर से विद्यालयों में वितरण किया गया है. हालांकि, अधिकांश विद्यालयों में प्रश्नपत्र ठीक-ठीक रहा. लेकिन, मनेर व आसपास के क्षेत्रों के कुछ विद्यालयों के शिक्षकों की ओर से शिकायत आयी.
कहां से आया प्रश्नपत्र : जिन प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी बतायी जा रही है, वे प्रश्नपत्र वास्तव में परियोजना द्वारा प्रिंट कराये गये हैं या नहीं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है. क्योंकि परियोजना के जिला कार्यालय या राज्य कार्यालय में कहीं से भी इस तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है.
क्या गड़बड़ी मिली
कुछ विद्यालयों में दूसरी कक्षा के प्रश्नपत्र के दो सेट भेजे गये, पूर्णांक 50, लेकिन एक में 50 व एक में 40 अंक के ही प्रश्न पूछे गये
दूसरी कक्षा के प्रश्नपत्र के एक सेट में प्रश्न तीसरी कक्षा की किताब से पूछे गये
तीसरी कक्षा के कुल 50 अंकों के प्रश्नपत्र में 60 अंकों के प्रश्न
दूसरी व तीसरी कक्षा के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 2, 3, 4 व 5 एक ही हैं
क्या कहते हैं अधिकारी
कहीं से गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है. प्रश्नपत्रों का वितरण जिला स्तर से किया गया है. अत: इस संबंध में जानकारी ली जा रही है.
किरण कुमारी, बीईपीसी
प्रश्नपत्रों की पूरी तरह स्क्रूटनी करके ही विद्यालयों में भेजा गया है. किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है.
ललित नारायण रजक, डीपीओ, पटना
एक ही वर्ग में अलग-अलग प्रश्नपत्र उचित नहीं : शिक्षक संघ
इस मामले में टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय व प्रदेश कोषाध्यक्ष मितेंदु ने कहा है कि सरकार व शिक्षा विभाग केवल नियोजित शिक्षकों की गलती ढूंढ़ कर कार्रवाई करने में दिलचस्पी लेती है.
यह घटना विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है. इस मामले में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा है कि शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों और शिक्षकों के प्रति उदासीन रवैया अपनाये हुए हैं. परीक्षा के नाम पर खानापूर्ति हो रही है. सच्चाई यह है कि विभाग अभी तक बच्चों को पुस्तक भी उपलब्ध नहीं करा सका है.
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