पटना : राजस्व से संबंधित मामले होंगे ऑनलाइन दाखिल

Updated at : 30 Sep 2018 5:56 AM (IST)
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पटना : राजस्व से संबंधित मामले होंगे ऑनलाइन दाखिल

पटना : राजस्व संबंधित मामले आॅनलाइन दाखिल होनेसे संबंधित केस की स्थिति का आसानी से पता करने में आसानी होगी. इसके लिए केंद्रीकृत प्रणाली लागू होगी. इस प्रणाली के लागू होने पर राजस्व न्यायालयों का काम काफी पारदर्शी होगा. इसका लाभ लोगों को मिलेगा. राजस्व मामले की मॉनीटरिंग को लेकर सॉफ्टवेयर का निर्माण होगा. इसके […]

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पटना : राजस्व संबंधित मामले आॅनलाइन दाखिल होनेसे संबंधित केस की स्थिति का आसानी से पता करने में आसानी होगी. इसके लिए केंद्रीकृत प्रणाली लागू होगी. इस प्रणाली के लागू होने पर राजस्व न्यायालयों का काम काफी पारदर्शी होगा. इसका लाभ लोगों को मिलेगा.
राजस्व मामले की मॉनीटरिंग को लेकर सॉफ्टवेयर का निर्माण होगा. इसके लिए राजस्व न्यायालयों में कंप्यूटर सेट व मानव बल उपलब्ध कराये जायेंगे. जानकारों के अनुसार 1500 कर्मियों की तैनाती होगी. इस संबंध में राजस्व पर्षद ने प्रक्रिया शुरू कर दी है.
इस प्रणाली को लागू किये जाने के संबंध में कैबिनेट से सहमति प्राप्त है. पूरी प्रक्रिया पर लगभग 125 करोड़ खर्च होंगे.लोगों को मिलेगा लाभ : नयी प्रणाली लागू होने से लोगों को लाभ मिलेगा. राजस्व संबंधित मामले ऑनलाइन दाखिल करने में आसान होगा. केस की स्थिति जानने में कठिनाई नहीं होगी. एसएमएस अलर्ट से आवेदक, विपक्षी पार्टी को तुरंत सूचना मिल सकती है. सुनवाई की तिथि की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है. सभी नोटिस व आदेश को संबंधित पोर्टल से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.
पारदर्शी और त्वरित निष्पादन होगा
राजस्व मामले के निष्पादन के लिए अंचलाधिकारी से राजस्व पर्षद तक लगभग आठ सौ न्यायालय कार्यरत हैं. इन न्यायालयों के कार्यों व निष्पादित किये जा रहे मामले, न्याय/निर्णय के विरुद्ध अपील के मामले आदि को एक केंद्रीकृत प्रणाली के अंतर्गत लाने का प्रयास राजस्व पर्षद कर रही है. इस प्रक्रिया के लागू होने पर राजस्व न्यायालयों का काम काफी पारदर्शी होने के साथ लोगों को लाभ मिलेगा. न्यायालय में लंबित वादों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग होगी. न्यायालय के कार्यों में व्यय होनेवाले श्रम व समय की अभूतपूर्व बचत होगी.
पटना : प्रदेश जदयू चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ की राज्य कार्यकारिणी एवं जिलाध्यक्षों की शनिवार को हुई विशेष बैठक में निर्णय लिया गया कि नीतीश सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा. प्रकोष्ठ 24 अक्टूबर को को राज्य स्तरीय स्वास्थ्य समागम करेगा एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा.
बैठक की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा. एल बी सिंह ने की. बैठक में जानकारी दी गयी कि राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे. समागम में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव रामचन्द्र प्रसाद सिंह भाग लेंगे.
सम्मेलन दो भागों में होगा. स्वास्थ्य समागम में बिहार के गरीब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में आम एवं अशिक्षित लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अभियान चलाने पर विमर्श होगा. इसमें प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्यकर्मी में बेहतर तालमेल पर विचार किया जाएगा.
बिहार राज्य स्वास्थ सेवा, आयुष चिकित्सक एवं स्वास्थ्य से संबंधित अन्य पारा मेडिकल संघ के प्रशिक्षण प्रतिनिधियों से विमर्श होगा. चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूरे बिहार के पंचायत प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. जदयू चिकित्सा सेवा प्रकोष्ठ द्वारा शराबबंदी, नशामुक्ति के लिए अभियान चलाया जाएगा साथ-साथ मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सामाजिक कुरीतियों के बारे में भी जागरूकता अभियान चलेगा.
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