पटना : जो ऑप्शन चुना वह कॉलेज ही नहीं किया गया एलॉट

Updated at : 25 Sep 2018 9:09 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : जो ऑप्शन चुना वह कॉलेज ही नहीं किया गया एलॉट

पटना : राज्य स्तरीय बीएन नामांकन प्रक्रिया में छात्रों को किस तरह से परेशान हुई यह इससे समझा जा सकता है कि घर से तीन सौ किलोमीटर छात्रों को कॉलेज का एलॉटमेंट कर दिया गया. तो कुछ का दो सौ किलोमीटर तो कुछ का सौ किलोमीटर तक दूर कॉलेज एलॉटमेंट किया गया. वह भी तब […]

विज्ञापन
पटना : राज्य स्तरीय बीएन नामांकन प्रक्रिया में छात्रों को किस तरह से परेशान हुई यह इससे समझा जा सकता है कि घर से तीन सौ किलोमीटर छात्रों को कॉलेज का एलॉटमेंट कर दिया गया. तो कुछ का दो सौ किलोमीटर तो कुछ का सौ किलोमीटर तक दूर कॉलेज एलॉटमेंट किया गया. वह भी तब जबकि उन कॉलेजों को छात्रों
ने च्वाइस फीलिंग में ऑप्शन भी नहीं चुना था. इस वजह से बड़ी संख्या में छात्रों ने उन कॉलेजों में नामांकन ही नहीं लिया क्योंकि वे वहां जाकर रहकर अगर पढ़ाई करते तो यह उनके लिए संभव ही नहीं था. क्योंकि एक तो फीस डेढ़ लाख रुपये पहले से ही छात्रों के ऊपर बोझ जैसा था और उस पर वहां रहने और खाने का खर्च अगले दो वर्षों में इससे भी दोगुना लग सकता था. यानी कि चार-पांच लाख रुपये खर्च करके एक बीएड की डिग्री लेना छात्रों के लिए काफी महंगा सौदा साबित हुआ और इसका परिणाम यह हुआ कि बड़ी संख्या में सीटें इस वजह से भी खाली रह गयीं.
छात्रों की परेशानी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि फीस अधिक होने से कई छात्र पहला इंस्टॉलमेंट नहीं भर सकते थे और इस वजह से भी वे नामांकन नहीं ले पाये. क्योंकि पैसे जुटाने में उन्हें देरी हुई और जब तक पैसे का जुगाड़ हुआ तब तक नामांकन का समय निकल चुका था. ऐसे न जाने कितनी ही कहानियां हैं. ये छात्र परेशान हैं लेकिन कुछ नहीं कर सकते.
केस 1
मेरा नाम अभिमन्यु कुमार है. रौल नं 158801 हैं. मेरी समस्या यह है कि एनओयू द्वारा आयोजित सीईटी-बीएड परीक्षा में पास करने के बाद काउंसेलिंग कराया गया जिसके अनुसार मुझे बीएड कालेज का आवंटन किया गया. आवंटित काॅलेज मेरे घर से 200 किमी दूर है तथा मैंने उस काॅलेज क आॅप्शन भी नहीं दिया.
केस 2
मेरा नाम सिकंदर आलम है. खगड़िया का रहने वाला हूं. मुझे वैशाली में कॉलेज एलॉट किया गया. 16 अगस्त का डेट डीडी बनाकर 17 अगस्त को कॉलेज गया तो कॉलेज बंद था. क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर अवकाश था. 18 अगस्त को कहा गया कि एडमिशन क्लोज हो गया है.
केस 3
मेरा नाम रविशंकर है. मुझे दरभंगा में कॉलेज एलॉट किया गया. मैं एक गरीब छात्र हूं और मुझे फर्स्ट इंस्टॉलमेंट 75 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट कॉलेज में तय तिथि को जमा कराना था जिसमें मुझे थोड़ी देर हो गयी. सभी योग्यता होने के बाद भी मेरा एडमिशन नहीं सका. 17 अगस्त को कॉलेज बंद था और 18 को एडमिशन नहीं लिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन