पटना : राजीव नगर थाना इलाके में स्थित आसरा शेल्टर होम्स के दो संवासिनों की मौत मामले में पुलिस की कार्रवाई मनीषा दयाल व चिरंतन से आगे नहीं बढ़ पा रही है. पुलिस इस मामले में बैंक खाता व अन्य जानकारियों से यह पता लगा चुकी है कि मनीषा दयाल ने सरकारी राशि का सही उपयोग संवासिनों के लिए नहीं किया है. लेकिन पुलिस अपनी जांच को बस यहीं तक सिमटा कर रखी है. सरकारी राशि का ठीक से उपयोग नहीं किया जाता था लेकिन इसे देखने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के पदाधिकारियों की होने के बावजूद भी अनदेखी कैसे की गयी? पुलिस इस मामले में संबंधित विभाग के पदाधिकारियों से पूछताछ कर सकती थी. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.
पटना पुलिस का इस मामले में केवल एक ही बात कहना है कि प्राथमिकी में जिस बात की शिकायत की गयी है उसी विंदु पर केवल जांच की जायेगी. जबकि मनीषा दयाल ने सरकारी राशि में गड़बड़ी की और संबंधित विभाग के पदाधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. पुलिस ने जांच को सीमित कर दिया है इसलिए उससे जुड़े अधिकारियों का बच निकलना तय है.
जिम्मेदारों ने पैसे बनाने के लिए बनाये ‘कमाई के नाले’
लापरवाही. बारिश से फिर जलजमाव, करोड़ों खर्च कर बनाये गये नाले नहीं निकाल पा रहे पानी
कांग्रेस मैदान रोड
बारिश शुरू होते ही कदमकुआं के कांग्रेस मैदान, बुद्ध मूर्ति गोलंबर, पूर्वी-पश्चिमी लोहानीपुर आदि इलाकों में भयंकर जलजमाव की समस्या बनती है. इस समस्या से निजात दिलाने को लेकर नगर आवास विकास विभाग ने करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च कर कांग्रेस मैदान रोड के किनारे करीब 800 मीटर लंबा बॉक्स नाला और आयुर्वेदिक कॉलेज रोड में नाला बनाया. इस नवनिर्मित नालों का कनेक्शन व लेवल ठीक नहीं है. इससे बारिश के पानी का समुचित बहाव नहीं हो रहा है. आलम यह है कि मोहल्लों के पानी तो दूर सड़क का पानी भी नाले में नहीं गिर रहा है. यही वजह है कि थोड़ी बारिश में कांग्रेस मैदान रोड पर ही जलजमाव की समस्या बन जाती है.
दलदली रोड
साहित्य सम्मेलन के पीछे हल्की बारिश में जलजमाव की समस्या बन जाती है. इस समस्या को देखते हुए करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च कर दलदली रोड के साथ-साथ जनक किशोर रोड में बॉक्स नाला बनाया गया. ताकि, इन इलाकों में जलजमाव की समस्या नहीं बने. लेकिन, मॉनसून की पहली झमाझम बारिश हुई, तो पूरे इलाकों में जलजमाव की समस्या बन गयी और इलाके में रहनेवाले लोग परेशान होने लगे. नाला होने के बावजूद निगम प्रशासन को डीजल पंप के सहारे पानी निकालना पड़ रहा है.
पुनाईचक से पटेल नगर तक
बसावन पार्क के पीछे आर ब्लॉक-दीघा रेलवे लाइन के बगल में बॉक्स नाला बनाया गया. यह बॉक्स नाला दो हिस्से में बना है. पहला पुनाईचक से लेकर शिवपुरी शिवमंदिर तक और दूसरा शिवमंदिर से पटेल नगर तक. करीब दो किलोमीटर नाला निर्माण पर पांच करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गयी. लेकिन, इस नाले से बारिश का पानी नहीं निकल रहा है. आलम यह है कि रेलवे लाइन के पूरब कच्चे नाले से ही पानी निकल रहा है.
शहर में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हुई
लंगर टोली व गांधी मैदान के आसपास हुआ जलजमाव
पटना : मौसम गुरुवार-शुक्रवार की रात से ही बदला हुआ है. आशियाना और दीघा क्षेत्र में रात को शानदार बारिश हुई. वहीं शुक्रवार को दिन में शहर के कई इलाके में कम तो कुछ इलाकों में जोरदार बारिश हुई. इससे जलजमाव की स्थिति बन गयी. शहर के अलग अलग इलाकों में बारिश होने का ट्रेंड कुछ खास किस्म का है. मौसम केंद्र के अनुसार इस दौरान मात्र दो एमएम की बारिश रिकॉर्ड की गयी है, लेकिन जानकारों की माने तो कहीं दस-बीस एमएम तक पानी गिरा है.मौसम केंद्र की माने तो अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना है. इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जानकारी के मुताबिक जिले में अभी तक 470 एमएम बारिश हो चुकी है, जबकि इस समय तक 671 मिलीमीटर औसत बारिश होती है. बारिश के बाद लंगर टोली के अलावा शहर के कई निचले इलाकों में जल-जमाव हुआ. गांधी मैदान के आसपास क्षेत्रों में भी पानी जमाव हुआ. इसके अलावा रामलखन पथ बाईपास से जुड़े कई सड़कों पर पानी लगा. बाईपास के दक्षिण भी पानी लगा हुआ है. जल जमाव के दौरान दो पहिया वाहन से चलना मुश्किल हो गया. रिक्शा पैदल खींचने पड़ रहे थे.