पटना आसरा होम : दो और संवासिनों की बिगड़ी हालत, 1 के सिर पर गंभीर चोट, दूसरी पेट दर्द से परेशान, पीएमसीएच में भर्ती
Updated at : 21 Aug 2018 6:41 AM (IST)
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पटना : राजीव नगर स्थित नेपाली नगर में संचालित आसरा होम में कहीं-न-कहीं कुछ ऐसा है जिसके चलते वहां दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. सोमवार को आसरा होम में रह रही बिलकीस (30 वर्ष) नाम की महिला पीएमसीएच में भर्ती करायी गयी. वह गंभीर रूप से घायल है. उसके सिर में गहरी चोट आयी […]
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पटना : राजीव नगर स्थित नेपाली नगर में संचालित आसरा होम में कहीं-न-कहीं कुछ ऐसा है जिसके चलते वहां दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं. सोमवार को आसरा होम में रह रही बिलकीस (30 वर्ष) नाम की महिला पीएमसीएच में भर्ती करायी गयी. वह गंभीर रूप से घायल है. उसके सिर में गहरी चोट आयी है. हालांकि, वहां के प्रबंधन और पुलिस का दावा है कि वह आसरा होम के अंदर सीढ़ी से गिर कर घायल हुई है.
महिला को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा 35 साल की उर्मिला नाम की एक महिला को भी भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने बताया कि उर्मिला के पेट में लगातार दर्द हो रहा था. दोनों महिलाओं को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है. वहीं, अस्पताल के रजिस्टर पर सीढ़ी से गिरने से चोट लगने की बात दर्ज करायी गयी है.
सिटी स्कैन व एमआरआई फ्री : पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि सिर में चोट लगने के बाद बिलकीस को गंभीर हालत में पीएमसीएच लाया गया.
जहां इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने एमआरआई व सिटी स्कैन की. जांच के बाद सर में टांके लगाकर इलाज किया गया. डॉ राजीव ने कहा कि एमआरआई व सिटी स्कैन जांच नि:शुल्क किया गया है. इन दोनों महिलाओं के साथ आसरा होम की कुल पांच ऐसी महिलाएं हो गयीं, जो पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है.
घटना से जुड़े अहम सवाल : आसरा होम में समुचित प्रबंध नहीं है. जिस महिला के सिर में गंभीर रूप से चोट आयी है उसके शरीर के दूसरे हिस्से में नाम मात्र की चोट नहीं आयी है. सिर के बीचों-बीच चोट आना अपने आप में सवाल है.
होगी पूछताछ
मनीषा के एनजीओ के प्रेसिडेंट और गवर्निंग बॉडी के सदस्य भी रडार पर
पटना : एनजीओ संचालक मनीषा दयाल द्वारा संचालित आसरा होम की जांच पड़ताल अभी जारी है. अब तक संस्था के सचिव और ट्रेजरर तो गिरफ्तार हो कर जेल जा चुके हैं, लेकिन संस्था के प्रेसिडेंट और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों के नामों का खुलासा नहीं हो सका है. इसमें कौन लोग हैं, इसको अभी एसआईटी द्वारा उजागर नहीं किया गया है.
लेकिन जिस तरह से जांच आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि सभी लोगों से पूछताछ होगी. इसमें प्रेसिडेंट और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों से भी एसआईटी पूरी जानकारी लेगी. फिलहाल एसआईटी आसरा होम में खर्च हुए सरकारी फंड के लेखा-जोखा की जांच कर रही है. मनीषा दयाल के एनजीओ, पर्सनल एकाउंट की जांच हो चुकी है. चिरंतन के भी बैंक एकाउंट की जांच हुई है. दोबारा पुलिस एकाउंटेंट मोहित रंजन से पूछताछ कर रही है.
1500 रुपये प्रति माह पर रखना था अस्थायी डॉक्टर
समाज कल्याण विभाग से आसरा होम के लिए मनीषा दयाल के एनजीओ से जो करार हुआ था, उसमें कई खामियां सामने आयी हैं. करार यह था कि आसरा होम में अस्थायी डॉक्टर रखे जायेंगे, उन्हें प्रति माह 1500 रुपये दिया जायेगा. मतलब कि 1500 में पटना मेें डॉक्टर को हायर करना किस तरह का कार्य है यह समझा जा सकता है.
इसलिए यहां पर करार की शर्तों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके साथ यह बात भी तय थी कि दवा इलाज में प्रति माह 500 रुपये खर्च किये जाने थे. इतनी कम राशि में आसरा होम में रहने वाली मानसिक रोगी महिलाओं की देखभाल भी कम कठिनाई का काम नहीं है. इस तरह के नियम-शर्त बनाने वाले लोगों पर भी सवाल हैं.
मनीषा दयाल और चिरंतन को दोबारा रिमांड पर ले सकती है पुलिस: एनीजीओ संचालक मनीषा दयाल और चिरंतन को पुलिस दोबारा रिमांड पर ले सकती है. क्योंकि बैंक एकाउंट और आसरा होम के खर्च का जो ब्योरा सामने आया है, उसके हिसाब से पूछताछ करना पुलिस के लिए आवश्यक है. अभी तक अावेदन तो नहीं दिया गया है लेकिन सोर्स के मुताबिक दोनों को बहुत जल्द रिमांड पर लिया जायेगा. कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की तैयारी चल रही है.
लोगों से घिरी रहने वाली मनीषा दयाल अकेली पड़ी
आसरा शेल्टर होम्स की संचालिका मनीषा दयाल का एक समय जलवा था. हमेशा वह लोगों से घिरी रहती थी, लेकिन जब से वह बेऊर जेल में हैं तब से उनसे कोई मिलने नहीं गया है. मनीषा की जिन लोगों से पूर्व में जान-पहचान थी, वे लोग अब उनसे दूर रहने लगे हैं. इसका कारण यह बताया जाता है कि जेल के गेट पर ही अब पूरी पहचान लेने के साथ ही जांच-पड़ताल के बाद ही किसी को कैदियों से मिलने की इजाजत है. बेऊर जेल में मिलने के लिए किसी के नहीं आने से यह स्पष्ट है कि अब कोई भी व्यक्ति मनीषा दयाल से अपने पूर्व के संबंधों को उजागर नहीं करना चाहता है.
मानसिक रोगी बच्चे कोईलवर के मेंटल अस्पताल में होंगे भर्ती
पटना : जिले के 20 शेल्टर होम में रहने वाले बच्चे व बच्चियों के स्वास्थ्य जांच को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कुमार रवि ने बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों व सिविल सर्जन के साथ बैठक कर अल्पावास गृह के बच्चों व बच्चियों के स्वास्थ्य जांच के लिए एक बेहतर स्वास्थ्य जांच टीम गठित करने के निर्देश सिविल सर्जन को दिये.
सभी शेल्टर होम पर दो-दो घंटे एएनएम की प्रतिनियुक्ति करने को कहा गया. इसके अलावा अगर बच्चे अपना नाम पता बताते हैं तो उनको घर भेजने का प्रबंध कराने की बात कही. जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्थ चेकअप कर रेफर होने पर उनको कोईलवर मेंटल अस्पताल में भर्ती कराया जायेगा.
बनेगा आधार कार्ड
जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सभी 20 शेल्टर होम में रहने वाले बच्चे व बच्चियों का आधार कार्ड बनवाया जाये. उत्तर रक्षा गृह के भवन की मरम्मती किया जाये. पटना सिटी के बाल संरक्षण पदाधिकारी को इसको लेकर निर्देश दिया गया. इसके अलावा महिला शेल्टर में महिला साइकोलॉजिस्ट एवं कॉउंसेलर की व्यवस्था करने को कहा गया. सभी शेल्टर होम के साथ बैठक करने के निर्देश दिये गये.
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