107 चरपहिया और इतने ही दोपहिया वाहनों की जरूरत

Updated at : 18 Aug 2018 3:15 AM (IST)
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107 चरपहिया और इतने ही दोपहिया वाहनों की जरूरत

पटना : डायल-112′ के संचालन को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं. पहले चरण में पटना में कॉल सेंटर को सक्रिय करना है, इसलिए बजट के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भी भेज दिया गया. पटना में 107 चरपहिया और इतने ही दोपहिया वाहनों को खरीदने की तैयारी है. इसके अलावा […]

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पटना : डायल-112′ के संचालन को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं. पहले चरण में पटना में कॉल सेंटर को सक्रिय करना है, इसलिए बजट के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भी भेज दिया गया. पटना में 107 चरपहिया और इतने ही दोपहिया वाहनों को खरीदने की तैयारी है. इसके अलावा सभी जिलों के एसपी को भी पत्र लिखा गया है.

उनसे गाड़ियों व स्टाफ का ब्योरा मांगा गया है. सबसे पहले राजधानी में आपातकालीन सेवा प्रणाली को शुरू करना है. इमरजेंसी रेस्पांस सिस्टम (ईआरएसएस) के तहत आपातकालीन सेवाओं के लिए एक नंबर होना है. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद देश भर में इन सेवाओं के लिए डायल 112 नंबर को शुरू करने की कवायद शुरू हुई है. इस नंबर पर पुलिस, स्वास्थ्य, फायर, आपदा विभाग से संबंधित सेवाएं उपलब्ध होंगी. इन विभागों को एक साथ मिलकर काम करना है. इसके लिए हर जिले में सेंटर बनाना है. इस योजना के तहत खास तरह के वाहन होंगे. सभी वाहनों में जीपीआरएस लगा होगा. ताकि उनका लेकोशन ट्रेस होता रहे.

40 सीटर होगा कॉल सेंटर
पटना में कॉल सेंटर के लिए 180 कांस्टेबल व 20 अधिकारी की भी पड़ेगी जरूरत
इस नंबर पर पुलिस, स्वास्थ्य, फायर, आपदा विभाग से संबंधित सेवाएं होंगी उपलब्ध
पहले चरण में पटना के पुलिस वायरलेस कार्यालय परिसर में इसके लिए कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी चल रही है. यह कॉल सेंटर अत्याधुनिक और 40 सीटर होगा. दूसरे चरण में प्रमंडलीय मुख्यालय और तृतीय चरण में सभी जिलों में डायल 112 सेवा को शुरू करना है. सूत्रों ने बताया कि पर्याप्त जगह तो नहीं मिल पायी, फिर भी जो मिली है, उसी से काम चलाया जायेगा. पुलिस वायरलेस कार्यालय परिसर में जिस भवन का चुनाव हुआ है, उसमें बहुत काम होना है. साइट प्रीप्रेशन की तैयारी में विभाग जुटा है. करीब सवा दो हजार स्क्वायर फुट में बनने वाले इस कंट्रोल रूम को पूरी तरह हाईटेक बनाया जायेगा.
बड़ी संख्या में स्टाफ की भी होगी आवश्यकता
ईआरएसएस के तहत बनने वाले इस कॉल सेंटर के संचालन के लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त स्टाफ की भी जरूरत होगी. सूत्रों की मानें तो 180 कांस्टेबल होंगे. इसके अलावा 20 अधिकारी की जरूरत पड़ेगी. दरअसल, कॉल सेंटर के लिए इससे संबंधित वाहन चलाने के लिए बड़ी संख्या में स्टाफ चाहिए. पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्र तो यह भी बताते हैं कि बेल्ट्रॉन को भी पत्र लिखा गया है. तीन तकनीकी विशेषज्ञ, एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट देने की भी गुजारिश की गयी है.
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