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सूखे को लेकर 12 अगस्त को फिर होगी समीक्षा बैठक, सरकार की तैयारी पूरी

Updated at : 31 Jul 2018 12:31 PM (IST)
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सूखे को लेकर 12 अगस्त को फिर होगी समीक्षा बैठक, सरकार की तैयारी पूरी

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ और सुखाड़ की समीक्षा बैठक की.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, कृषि मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, ऊर्जा मंत्री, जल संसाधन मंत्री, पशुपालन मंत्री, PHED मंत्री के साथ मुख्य […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ और सुखाड़ की समीक्षा बैठक की.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, कृषि मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, ऊर्जा मंत्री, जल संसाधन मंत्री, पशुपालन मंत्री, PHED मंत्री के साथ मुख्य सचिव भी बैठक में शिरकत कर रहे हैं.

बैठक के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिये 12 अगस्त को फिर से समीक्षा बैठक किया जायेगा. उस वक्त हालात को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया जायेगा. मुख्य सचिव ने बताया कि अब तक के माॅनसून में औसत से मात्र 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है. राज्य में कहीं भी फिलहाल सूखे के आसार नहीं है और रोपनी का काम भी लगभग 50 फीसदी पूरा हुआ है. सीएस ने कहा कि बिहार के पांच जिलों में कम बारिश हुई है जिनमें सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना और नालंदा शामिल हैं. राज्य सरकार उन पांच जिलों पर नजर रखने का निर्णय लिया गया हैं जहां 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है.

मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को अनुदान मिलता रहेगा साथ ही फसल सहायता योजना के लिये तेजी से काम होगा. उन्होंने बताया कि पीएचईडी विभाग को चापाकल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है. सीएस ने कहा कि बिहार के सभी प्रखंडों में वैकल्पिक फसल की पहचान करने की भी तैयारी है लेकिन बिहार में कहीं भी सूखाड़ के हालात नहीं हैं. इससे पहले बिहार सरकार ने राज्य को सूखाग्रस्त करने के लिये 31जुलाई तक का वक्त लिया था.

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्यमंत्री ने जिलावार बाढ़ और सुखाड़ की विस्तृत जानकारी ली. इसके साथ ही धान, मक्का समेत अन्य खरीफ फसल की रोपनी, वर्षा को स्थिति, किसानों को मिल रहे डीजल सब्सिडी, बिजली की उपलब्धता आदि की भी जानकारी मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी से ली. सूखे को लेकर सरकार ने अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसके लिए संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश काफी पहले ही दिये जा चुके हैं. मुख्यमंत्री लगातार इस मामले में नजर रखे हुए हैं. हालांकि, बारिश होने से सरकार ने राहत की सांस ली है.

गौरतलब हो कि अब तक राज्य के 33 जिले औसत से 50 प्रतिशत कम बारिश की समस्या से बाहर हो चुके हैं, यानी ऐसे जिलों में अब सुखाड़ की समस्या नहीं रही. वहीं, अब भी सहरसा में 69 प्रतिशत, खगड़िया में 49 प्रतिशत वैशाली में 64 प्रतिशत, सारण में 54 प्रतिशत कम बारिश की स्थिति बनी हुई है. बात करे पूरे राज्य की तो अब तक राज्य में 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है. राज्य में कुल 502.4 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए जो 378.7 मिली मीटर के ग्राफ पर है. राज्य के 18 जिलों में 50.31 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है और 26 जिलों में मक्के की 74.36 प्रतिशत रोपनी हो चुकी है.

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