पहुंचने लगीं बेनामी संपत्ति की सूचनाएं

Updated at : 14 Jul 2018 9:26 AM (IST)
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पहुंचने लगीं बेनामी संपत्ति की सूचनाएं

पटना : इनाम की घोषणा के बाद आयकर विभाग के पास अब बेनामी संपत्ति की सूचनाएं लगातार पहुंच रही हैं. आयकर मुख्यालय में रोज करीब आधा दर्जन लोग ऐसी जानकारी देने पहुंच रहे हैं. कुछ फोन कॉल करके भी जानकारी दे रहे हैं. भ्रष्टाचार और अवैध तरीकों से अर्जित धन पर अंकुश लगाने के लिए […]

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पटना : इनाम की घोषणा के बाद आयकर विभाग के पास अब बेनामी संपत्ति की सूचनाएं लगातार पहुंच रही हैं. आयकर मुख्यालय में रोज करीब आधा दर्जन लोग ऐसी जानकारी देने पहुंच रहे हैं. कुछ फोन कॉल करके भी जानकारी दे रहे हैं.
भ्रष्टाचार और अवैध तरीकों से अर्जित धन पर अंकुश लगाने के लिए सूचना देने वालों को वित्त मंत्रालय ने 15 लाख से एक करोड़ रुपये तक का इनाम देने की योजना की शुरुआत की है. यह सूचना बेनामी संपत्ति उन्मूलन यूनिट में ज्वाइंट/एडिशनल कमिश्नर के सामने देनी होगी. अगर आप विदेश में छिपे काले धन का खुलासा करने में मदद करते हैं तो सरकार आपको पांच करोड़ रुपये तक दे सकती है.
‘इनकम टैक्स इनफॉर्मेंट्स रिवार्ड स्कीम’ में भी बदलाव किया गया है. इसके अंतर्गत भारत में कर चोरी के बारे में खास जानकारी देने की इनामी राशि को बढ़ा कर 50 लाख रुपये कर दिया गया है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड(सीबीडीटी) ने बेनामी ट्रांजेक्शंस इंफॉर्मेंट्स रिवार्ड स्कीम, 2018 की घोषणा की थी. इसके तहत कोई भी व्यक्ति बेनामी ट्रांजेक्शन और प्रॉपर्टी के बारे मेंसूचना दे सकता है. सूचना देने वाले का नाम-पता गुप्त रखा जाता है.
इस तरह के प्रावधान के बाद यहां आयकर विभाग में सूचना देने वालों की संख्या बढ़ी है. सारी सूचनाएं सही नहीं होती हैं, फिर भी विभाग गंभीरता से लेता है. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा नहीं है कि सारी सूचनाएं गलत ही होती हैं. कुछ सूचनाएं सही भी होती हैं. इनाम घोषित होने से पहले भी लोग सूचना देने आते थे. परंतु अब संख्या बढ़ी है.
पटना : सामाजिक सुरक्षा पेंशन की शिकायतों का जल्द निबटारा होगा. सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने इसके लिए सभी जिले के डीएम को निर्देश दिया है. इसका मकसद कागजी कार्रवाइयों में गलती की वजह से परेशान लाभार्थियों को पेंशन उपलब्ध करवाना है. समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पेंशनधारियों का सभी विवरण का डाटा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) को भेजा जाता है.
इसके द्वारा सत्यापित खाते में ही पेंशन का भुगतान किया जाता है. जिलों से कुछ शिकायतें मिली हैं कि पेंशनधारियों के खाते और डाटाबेस में उनके नाम में अंतर के कारण पीएफएमएस उसे स्वीकार नहीं करता. इसलिए ऐसे लोगों की पेंशन का भुगतान रुक जाता है. ऐसे पेंशनधारियों की शिकायतें मिलने के बाद सभी जिले के डीएम से इस मामले में पहल कर सुधार करने के लिए कहा गया है.
बता दें कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत राज्य में छह पेंशन दी जाती हैं. इनमें बिहार सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिहार राज्य नि:शक्तता पेंशन, इंदिरा गांधी नि:शक्तता पेंशन, इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शामिल हैं. पिछले तीन महीने का बकाया पेंशन इस महीने करीब 62.57 लाख लोगों को मिलेगी.
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