...जब मॉर्निंग ड्यूटी लगाने पर प्रभारी थानाध्यक्ष और सब इंस्पेक्टर के बीच चले लात-घूंसे, धरने पर बैठे सब इंस्पेक्टर बीके मांझी
Updated at : 13 Jul 2018 6:04 AM (IST)
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पटना : शास्त्रीनगर थाना परिसर गुरुवार को अखाड़ा बन गया. प्रभारी थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह और थाने के ही सब-इंस्पेक्टर बीके मांझी के बीच पहले कहा सुनी हुई और फिर जम कर मारपीट हो गयी. इस घटना के बाद थाना परिसर का माहौल बेहद हंगामेदार रहा. मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब अपने […]
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पटना : शास्त्रीनगर थाना परिसर गुरुवार को अखाड़ा बन गया. प्रभारी थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह और थाने के ही सब-इंस्पेक्टर बीके मांझी के बीच पहले कहा सुनी हुई और फिर जम कर मारपीट हो गयी. इस घटना के बाद थाना परिसर का माहौल बेहद हंगामेदार रहा. मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ बीके मांझी थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गये.
इसकी जानकारी मिलते ही छुट्टी पर चल रहे थानाध्यक्ष नेहार भूषण थाने पहुंचे और दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन मामला नहीं सुलझा. इस बीच घटना की जानकारी पटना के वरीय पुलिस पदाधिकारियों को हो गयी. डीआईजी राजेश कुमार ने मामले का संज्ञान लिया और मामले की जांच डीएसपी सचिवालय को सौंप दी. अब जांच के बाद दोनों पर कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है.
पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है
जानकारी के अनुसार सब-इंस्पेक्टर बीके मांझी किडनी और न्यूरो से संबंधित बीमारी से ग्रसित हैं. इसलिए इन्होंने सीक रिपोर्ट देते हुए मॉर्निंग ड्यूटी नहीं लगाने को कहा था.
बीके मांझी का आरोप है कि उनकी रिपोर्ट और सूचना देने के बाद भी प्रभारी थानेदार ने मॉर्निंग ड्यूटी लगा दी और जब ये ड्यूटी पर नहीं आये तो इन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया. जब गुरुवार को बीके मांझी थाना आये तो इस बात का खुलासा हुआ.
इसी के बाद विवाद काफी बढ़ गया. बता दें कि मारपीट के दौरान बीके मांझी का चश्मा, बैच और नेम प्लेट टूट गया. इसके बाद अपनी मेडिकल रिपोर्ट लेकर सब इंस्पेक्टर बीके मांझी धरने पर बैठ गये. धरने पर बैठने की खबर के बाद पूरे थाने में खलबली मच गयी है. यहां बता दें कि प्रभारी थानेदार अजीत कुमार सिंह हैं. ये 1994 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं. थानेदार निहार भूषण के छुट्टी पर जाने के बाद थाने की कमान यही संभाल रहे थे. इस घटना के बाद से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
पुलिसकर्मियों के बीच पूर्व में भी हो चुका है विवाद
पटना : पटना जिला के थाने में पूर्व में भी पुलिस कर्मियों के आपसी विवाद हो चुका हैं. इस दौरान मारपीट की भी नौबत आ चुकी है. इन मामलों में पुलिस अधिकारियों ने मामले को काफी गंभीरता से लिया था.
पीरबहोर थाने में कैसर आलम ने जब थानाध्यक्ष के पद पर तैनात किये गये तो उनका विवाद अपने बॉडीगार्ड से हुआ था. थानाध्यक्ष ने जहां बॉडीगार्ड पर किसी का न सुनने का आरोप लगाया था तो बॉडीगार्ड ने थानाध्यक्ष पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया था.
मामला एसएसपी व सिटी एसपी तक पहुंच गया था. इसके बाद बॉडीगार्ड को वहां से हटा कर पुलिस लाइन भेज दिया गया था. गोपालपुर थाने में थानाध्यक्ष के पद पर रहे सुशांत मंडल व एक एएसआई भी आपस में भिड़ गये थे और मामला एसएसपी के पास पहुंच गया था. इसके बाद एसएसपी ने सुशांत मंडल व एएसआई दोनों को वहां से हटा कर पुलिस लाइन वापस भेज दिया था.
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