पटना : बीएड कॉलेजों में सीईटी से होगा औपबंधिक दाखिला

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Jul 2018 9:13 AM

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सख्त हिदायत. हर एक अभ्यर्थी को व्यक्तिगत रूप से कराया जायेगा अवगत पटना : सूबे के बीएड कॉलेजों में सत्र 2018 -20 के लिए सीईटी के जरिये दाखिले को लेकर हुए विवाद की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य के बीएड कॉलेजों को फिलहाल औपबंधिक नामांकन लेने का आदेश दिया है. अदालत ने कहा […]

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सख्त हिदायत. हर एक अभ्यर्थी को व्यक्तिगत रूप से कराया जायेगा अवगत
पटना : सूबे के बीएड कॉलेजों में सत्र 2018 -20 के लिए सीईटी के जरिये दाखिले को लेकर हुए विवाद की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य के बीएड कॉलेजों को फिलहाल औपबंधिक नामांकन लेने का आदेश दिया है.
अदालत ने कहा कि यह आदेश इस याचिका के अंतिम आदेश के फलाफल पर निर्भर करेगा. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में दायर रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई की. अदालत ने सुनवाई करते हुए बीएड महाविद्यालयों को सख्त हिदायत दी कि अपने कॉलेज में छात्रों का नामांकन लेते हुए हर एक अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया जायेगा कि उनका बीएड में दाखिला शुद्ध रूप से औपबंधिक है.
पटना. हाईकोर्ट ने पटना विश्वविद्यालय प्रशासन से विश्वविद्यालय के सैदपुर हॉस्टल की वर्तमान स्थिति की जानकारी दो सप्ताह में मांगी है.अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूछा है कि सैदपुर हॉस्टल को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराया गया है या नहीं? पटना हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के सैदपुर हॉस्टल में बम मिलने की खबर पर स्वतः संज्ञान लेकर इसके पहले भी सुनवाई की थी. सुनवाई के बाद अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट तलब की थी. पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि इस मामले में अद्यतन कार्रवाई रिपोर्ट पेश करे.
मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राजधानी से प्रकाशित एक समाचार पत्र में छपी खबर सैदपुर छात्रावास में बम बरामद मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की. अदालत ने इस मामले में पटना के डीएम और एसएसपी को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. गौरतलब है कि इन हॉस्टलों में न सिर्फ असामाजिक तत्वों ने अवैध कब्जा कर रखा है बल्कि वहां अवैध रूप से रखे बम हथियार भी पुलिस की छापेमारी के दौरान बरामद किये गये थे.
पटना. राज्य के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में कार्यरत कनीय लेखा लिपिकों को पटना हाईकोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है. पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इन कर्मचारियों के पूर्व के वेतनमान को बरकरार रखने संबंधी एकलपीठ के आदेश पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया.
इसके साथ ही अदालत ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की दायर अपील को भी खारिज कर दिया. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के बाद कहा कि एकलपीठ का आदेश सही है, इसलिए इसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है.
उल्लेखनीय है कि एकलपीठ ने इन लेखा लिपिकों के वेतनमान को घटाने के राज्य सरकार के आदेश को पहले ही रद्द कर दिया था. राज्य सरकार ने एकलपीठ के आदेश को ही खंडपीठ में चुनौती दी थी. सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, समेत कई विभागों मे कनीय लेखा लिपिक के पद पर में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की थी.
इन कर्मचारियों की संख्या 350 के करीब थी. इन्हें चार हजार से छह हजार के मूल वेतनमान पर नियुक्त किया गया था. राज्य सरकार ने जून, 2017 से मूल वेतनमान को यह कह कर कम कर दिया था कि इनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर की गयी है. कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को यह निर्देश दिया था कि वह इन कर्मचारियों को उनके पूर्व का ही वेतन दे.
पटना. पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल पर व्याप्त अतिक्रमण पर नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. अदालत ने मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वह तीन सप्ताह में अतिक्रमण हटा कर की गयी कार्रवाई की जानकारी अदालत को दे. अदालत को बताया गया कि स्मारक और उसके अगल-बगल अतिक्रमण कर लिया गया है.
समान काम के लिए समान वेतन मामले में सुनवाई आज
पटना. नियोजित शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को समान काम के लिए समान वेतन मामले में सुनवाई होगी. इसके मद्देनजर राज्य के शिक्षा विभाग ने भी अपनी तैयारी पूरी कर रखी है. प्रधान सचिव आरके महाजन से लेकर अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी ने नई दिल्ली में कैंप कर रखा है. सुनवाई के दौरान प्रधान सचिव भी सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगे.
वहीं, दूसरी तरफ इस मुकदमा को लड़ रहे शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि भी नई दिल्ली में कैंप किये हुए हैं. इस मामले में कोई बड़ा फैसला आने की फिलहाल कोई ठोस संभावना तो नहीं है, लेकिन सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय की महत्वपूर्ण टिप्पणी सामने जरूर आ सकती है. इससे इस केस में अंतिम फैसले की काफी हद तक रूपरेखा का आकलन हो सकता है. राज्य के चार लाख से ज्यादा नियोजित शिक्षकों की नजर इस पर टिकी हुई है.
शूटिंग के दौरान बिना प्रशासन की इजाजत के उड़ा ड्राेन
पटना. दीघा थाने के जेपी सेतु के पास फिल्मी गाने की शूटिंग के दौरान बिना प्रशासन के इजाजत के ड्रोन को उड़ाया गया. मामले की जानकारी मिलने पर दीघा थाने की पुलिस पहुंची और ड्रोन को उड़ाने का अनुमति पत्र मांगा तो शूटिंग कर रहे लोगों के होश उड़ गये.
इसके बाद पुलिस ने उन लोगों को काफी डांट-फटकार लगायी. उन लोगों ने काफी माफी मांगी लेकिन पुलिस ने एक को हिरासत में ले लिया. उसे थाना लाया गया और ड्रोन के संबंध में पूछताछ की जा रही है. बताया जाता है कि दीघा के ही कुछ लोग बाबाधाम से जुड़े गीत को ड्रोन की मदद से शूटिंग कर रहे थे. इसी बीच पुलिस सूचना मिलने पर पहुंच गयी. हालांकि इस संबंध में दीघा थानाध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद ने बताया कि इस तरह की कोई बात नहीं है. विदित हो कि बिना प्रशासन के ड्रोन को उड़ाना गैरकानूनी है.
बिक्रम : सरकार द्वारा बालू के निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत लेने पर खनन विभाग ने ब्रॉडसन कंपनी पर 8.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.
जुर्माना राशि नहीं चुकाने पर ब्रॉडसन कंपनी के बालू भंडारण को सीज कर पैसे की वसूली की जायेगी. खनन विभाग के बफर स्टॉक मैनेजर पशुराम सिंह ने बताया कि 100 सीएफटी बालू की कीमत 1550 रुपये निर्धारित है, जिसमें भाड़ा अलग से लेना है. लेकिन ठेकेदार द्वारा बालू की मनमानी कीमत वसूली की शिकायत मिली है. इसको लेकर मंगलवार को बालू आपूर्तिकर्ताओं के साथ खनन विभाग के अधिकारियों की बैठक निसरपुरा बफर स्टॉक डिपो में हुई. इसमें चेतावनी दी गयी कि निर्धारित मूल्य पर ही बालू की बिक्री करें. यदि निर्धारित शुल्क से अधिक रुपये लिये जाने की शिकायत मिलेगी, तो आपूर्तिकर्ता के ऊपर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी बालू माफिया सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. सरकार ने 100 सीएफटी बालू का मूल्य 1550 रुपये निर्धारित किया है. फिर भी बालू ठेकेदार दोगुनी कीमत पर धड़ल्ले से बालू की बिक्री कर रहे हैं.
एक सप्ताह पूर्व 100 सीएफटी बालू की कीमत बिक्रम बाजार में 2600 रुपये थी. आज बढ़ कर 5000 से लेकर 5200 रुपये तक हो गयी है. वहीं बालू का भंडारण इस तरह कर रखा है कि निसरपुरा, कटारी निसरपुरा, लहलादपुर, रानीतालाब, जीतन छपरा, धाना निसरपुरा सहित कई बालू घाट के पास दर्जनों बालू का पहाड़ बन गया है.
ट्रैक्टर चालक तिकुल्हार ने बताया कि बालू घाट पर बालू लोडिंग से पहले ही ठेकेदार 100 सीएफटी बालू की कीमत 3500 रुपये प्रति ट्रैक्टर ले ली जाती है. जब बालू लोडिंग होकर ट्रैक्टर बालू घाट से बाहर निकलता है, उस समय चालान मुहैया कराया जाता है. पैसे को लेकर पूछताछ करने पर ठेकेदार के गुर्गों द्वारा मारपीट की जाती है. घाट से बाजार आने तक दस किलोमीटर के सफर में कई जगह चंदे के तौर पर रुपये वसूल कियेजाते हैं.
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