पटना : पहली बार हुआ इस तरह से परीक्षा का बहिष्कार, छात्रों ने कहा, नकल करने दीजिए, नहीं तो परीक्षा नहीं देंगे

Updated at : 04 Jul 2018 8:49 AM (IST)
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पटना : पहली बार हुआ इस तरह से परीक्षा का बहिष्कार, छात्रों ने कहा, नकल करने दीजिए, नहीं तो परीक्षा नहीं देंगे

कदाचार नहीं करने देने पर एलएलबी के चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार पटना :पटना विवि में एक ओर तो कदाचार रोकने की कवायद चल रही है. वहीं दूसरी ओर छात्र हैं कि चोरी (नकल) करने से बाज नहीं आ रहे. ताजा उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला जब एलएलबी की परीक्षा […]

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कदाचार नहीं करने देने पर एलएलबी के चौथे सेमेस्टर के छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार
पटना :पटना विवि में एक ओर तो कदाचार रोकने की कवायद चल रही है. वहीं दूसरी ओर छात्र हैं कि चोरी (नकल) करने से बाज नहीं आ रहे. ताजा उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला जब एलएलबी की परीक्षा देने वाले छात्रों ने साफ कहा कि ‘चोरी करने दीजिए नहीं तो परीक्षा ही नहीं देंगे …’. परीक्षा एलएलबी फोर्थ सेमेस्टर परीक्षा वाणिज्य कॉलेज में चल रही थी.
परीक्षार्थियों ने इसका बहिष्कार इसलिए कर दिया, क्योंकि इन्हें कदाचार की छूट नहीं दी जा रही थी. आगे चलकर लोगों को कानून के तहत न्याय दिलाने वाले छात्र स्वयं कानून तोड़ रहे हैं. हालांकि इन छात्रों ने सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने का आरोप लगाया. कॉलेज प्रशासन ने मामले की जानकारी पीयू प्रशासन को दी और पूछा कि इस स्थिति में परीक्षा कैसे करायी जाये.
यूं तो पटना विश्वविद्यालय में एलएलबी और बीएड, दोनों में ही परीक्षा बहिष्कार का इतिहास पुराना है. इन्हेंकदाचार की छूट नहीं मिले तो ये परीक्षा का ही बहिष्कार कर देते हैं. बाद में सामूहिक मामला होने की वजह से दोबारा परीक्षा के लिए दबाव भी डालते हैं.
वाइसी सिम्हाद्री जब कुलपति थे तो भी ऐसा कई बार हुआ था. उस समय भी सख्ती पर छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था. अभी हाल में बीएड के छात्रों के द्वारा भी यही गलती दोहरायी गयी थी. वहां के पटना कॉलेज के प्राचार्य एजाज अली अरशद ने इसकी सूचना जब विवि को दी तो परीक्षा बोर्ड में सभी छात्रों को एक साथ उक्त पेपर में जीरो अंक दे दिया गया. इसका छात्रों ने जोरदार विरोध किया. इस घटना की सूचना भी विवि को दे दी गयी है.
इस हाल में कैसे हो परीक्षा : प्राचार्य
परीक्षा में छात्र सामूहिक रूप से कदाचार करने का प्रयास कर रहे थे. वे कदाचार करने की छूट देने की मांग कर रहे थे. जब ऐसा नहीं करने दिया तो उन्होंने सामूहिक बहिष्कार कर दिया और सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछे जाने का आरोप लगाया. इस हाल में परीक्षा कैसे हो सकती है.
उक्त बात की सूचना विवि प्रशासन को दे दी गयी है. राजभवन का सख्त निर्देश है कि परीक्षा में कदाचार पर पूरी तरह से रोक लगायी जाये और पढ़ाई की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाये. हम बस उसी का पालन कर रहे हैं. कॉलेज में कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.
– प्रो बीएन पांडे, प्राचार्य, वाणिज्य कॉलेज
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