पटरी हटा कर जमीन हस्तांतरित करेगा रेलवे
Updated at : 28 Jun 2018 5:24 AM (IST)
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कवायद. आर ब्लाॅक-दीघा रेलखंड को हटा कर सड़क बनाये जाने का मामला पटना : शहर के बीच 150 साल पुराने रेलवे ट्रैक पर अब ट्रेन नहीं चलेगी, बल्कि अब फोरलेन सड़क बनेगी. दरअसल आर ब्लॉक से दीघा का फोरलेन पटना शहर के विकास और आधुनिकतम चेहरे का मॉडल होगा. इसके प्रोजेक्ट के लिए धन और […]
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कवायद. आर ब्लाॅक-दीघा रेलखंड को हटा कर सड़क बनाये जाने का मामला
पटना : शहर के बीच 150 साल पुराने
रेलवे ट्रैक पर अब ट्रेन नहीं चलेगी, बल्कि अब फोरलेन सड़क बनेगी. दरअसल आर ब्लॉक से दीघा का फोरलेन पटना शहर के विकास और आधुनिकतम चेहरे का मॉडल होगा. इसके प्रोजेक्ट के लिए धन और
जमीन दोनों उपलब्ध है. बस अब
काम शुरू होने की केवल औपचारिकता बाकी है. इस मार्ग के बन जाने से
शहर के ट्रैफिक को न केवल गति मिलेगी, बल्कि जाम में भी कमी आयेगी. शहर के तकरीबन बीच में बनने वाले फोरलेन से शहर
का परिदृश्य भी आकर्षक बनेगा. फिलहाल प्रशासन सबसे पहले एक माह में रेलवे ट्रैक के किनारे का अतिक्रमण हटायेगा. इसकी कार्य योजना बना ली गयी है.
अभी रेलवे को नोटिफिकेशन का इंतजार : आर ब्लॉक-दीघा रेलखंड की जमीन के लिए राज्य कैबिनेट से राशि स्वीकृति के बाद अब सड़क निर्माण को लेकर कार्रवाई तेज हो गयी है. 30 जून तक सरकार रेलवे के खाते में 222.19 करोड़ रुपये हस्तांतरित कर देगी. इसके बाद रेलवे की ओर से कार्रवाई की जानी है. जानकारी के अनुसार जैसे ही रेलवे के खाते में पैसा जायेगा, सबसे पहले रेलवे की ओर से पटरी हटाने का काम किया जायेगा. रेलवे ने बाकायदा निविदा निकालने की तैयारी भी शुरू कर दी है. निविदा निकालने के बाद जैसे ही तय समय सीमा में पटरी हटाने का काम पूरा होगा. इसके बाद रेलवे राज्य सरकार को जमीन हस्तांतरित कर देगा. रेलवे के पीआरओ संजय प्रसाद के अनुसार अभी रेलवे को नोटिफिकेशन का इंतजार है.
खास
फायदे
-एक दर्जन से अधिक मुहल्लों को सुगम यातायात व विकास का फायदा मिलने वाला है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस नये रूट से लोगों को जेपी सेतु जाना आसान हो जायेगा.
-फिलहाल पटना रेलवे जंक्शन से जेपी सेतु की दूरी 12 किमी से अधिक है. वहीं इस नये रास्ते के बाद यह दूरी पांच किमी घट कर सात किमी रह जायेगी. इस रेलखंड की वर्तमान लंबाई भी सात किमी है.
-इसके अलावा वर्तमान में 71.25 एकड़ की जमीन है. पूरे रेलखंड की चौड़ाई औसतन 40 मीटर है. रास्ता कहीं पर 110 तो कहीं पर 130 मीटर चौड़ा है, जिससे ट्रैफिक आसान हो जायेगा.
काफी महत्वपूर्ण है आर ब्लॉक-दीघा सड़क : आर ब्लॉक-दीघा रेलखंड को हटा कर बनाया जाने वाला नया रूट (पटना-दीघा मार्ग) शहर के लिये लाइफ लाइन साबित होगा. इससे शहर के कई व्यस्त मार्गों से वाहनों का लोड कम हो जायेगा. लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी. प्रस्तावित रूट से जुड़े नये मुहल्लों की स्थिति पूरी तरह बदल जायेगी. ये मुहल्ले शहर के मुख्य संपर्क मार्गों से जुड़ जायेंगे. यह रूट इन मुहल्लों के लिए विकास के नये रास्ते खोल देगा. इसके अलावा हाल में ही बनाये गये नये जेपी सेतु पर जाने में शहर के लोगों को और आसानी होगी. पटना जंक्शन से जेपी सेतु व दीघा- दानापुर क्षेत्र में जाने में कम समय लगेगा. अक्तूबर के अंत तक इस सड़क का निर्माण पूरा करना है.
एक हजार खटाल व दर्जन भर मंदिर : रेलवे ट्रैक पर अधिकांश अतिक्रमण अस्थायी हैं. पूरे ट्रैक पर लगभग एक हजार खटाल चलाये जा रहे हैं. स्थायी अतिक्रमण के नाम पर लोगों ने पुनाईचक से लेकर दीघा तक पूजा स्थल बना दिये हैं. लोगों को 30 जून तक अतिक्रमण हटा लेना है.
ऐसे मिलेगा लाभ
आर ब्लॉक से दीघा तक जाने वाली सड़क आर ब्लॉक से शुरू होगी. इसके बाद ओल्ड सचिवालय और फिर बेली रोड को क्राॅस करते हुए पुनाईचक की अोर चली जाती है. इसके बाद शिवपुरी मुहल्ला आता है. फिर बोरिंग रोड पानी टंकी के पीछे का इलाका, फिर महेश नगर, इंद्रपुरी, दुर्गा चौक होते हुए राजीव नगर रेलवे क्राॅसिंग के पास से सड़क राजीव नगर को छूते हुए पाटलिपुत्र कॉलोनी के बाद फिर दीघा सब्जी मंडी के पास दानापुर गोलघर मार्ग को यह सड़क क्रॉस करेगी. फिर जेपी सेतु की तरफ सड़क चली जायेगी.
एक माह में होगा अतिक्रमणमुक्त
जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताते हैं कि रेलवे जमीन देने के पहले पटरी हटाने का काम पूरा कर लेगा. इसके बाद प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जायेगा. उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी हम लोगों का ध्यान है कि कोई नया अतिक्रमण नहीं हो. इसके लिए सभी संबंधित पांच थानों को जिम्मेदारी दी गयी है. वहीं जब पूरा अतिक्रमण हटा लिया जायेगा, तो सड़क निर्माण विभाग को आगे का काम पूरा करना है. वहीं दूसरी तरफ सड़क बनाने की जिम्मेदारी बिहार स्टेट सड़क निर्माण निगम की दी गयी है. अभी उसकी तरफ से सर्वे का काम चल रहा है. फोरलेन सड़क की डीपीआर तैयार नहीं की गयी है.
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खादी की वर्दी में दिखेंगे निगम के सफाई कर्मी
ड्रेस के नाम पर की जा रही थी खानापूर्ति
अभी तक कर्मियों को पॉलिस्टर की ड्रेस मिलती थी. आसमानी शर्ट व ब्लू पैंट. हालांकि इसकी आपूर्ति कभी नियमित नहीं हुई. इन दिनों सफाई कर्मी बिना ड्रेस के काम कर रहे थे. पिछले दिनों नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन व मेयर सीता साहू ने नाला उड़ाही व साफ-सफाई के दौरान सफाई कर्मियों को नंगे पैर नाले की सफाई और कचरे उठाते देखा. पूछताछ की गयी, तो पता चला की ड्रेस मिलती ही नहीं हैं.
जल्द आयेगा प्रस्ताव
निगम कर्मियों व सफाई कर्मियों को अब पॉलिस्टर का कपड़ा नहीं, खादी की ड्रेस दी जायेगी. जल्दी ही स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव लाया जायेगा. कर्मियों को ड्रेस मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी गयी है.
सीता साहू, मेयर,
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