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पटना : जिस बेटी का दाखिला करवाने जाने वाले थे मुंबई, उसी ने दी पिता को मुखाग्नि, जानें कैसे क्‍या हुआ

Updated at : 31 May 2018 8:00 AM (IST)
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पटना : जिस बेटी का दाखिला करवाने जाने वाले थे मुंबई, उसी ने दी पिता को मुखाग्नि, जानें कैसे क्‍या हुआ

पटना : लखनऊ एटीएस में एएसपी राजेश साहनी अपनी बेटी श्रेया का मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में दाखिले को लेकर काफी खुश थे और उन्होंने सोमवार से दस दिनों की छुट्टी भी ली थी. लेकिन, समय ने ऐसा करवट लिया कि हालात ऐसे हो गये कि उसी बेटी को अपने पिता की […]

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पटना : लखनऊ एटीएस में एएसपी राजेश साहनी अपनी बेटी श्रेया का मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में दाखिले को लेकर काफी खुश थे और उन्होंने सोमवार से दस दिनों की छुट्टी भी ली थी.
लेकिन, समय ने ऐसा करवट लिया कि हालात ऐसे हो गये कि उसी बेटी को अपने पिता की मुखाग्नि देनी पड़ी. राजेश साहनी की मौत के बाद बुधवार को आवश्यक प्रक्रिया होने के बाद उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के भैंसाकुंड बैकुंठ धाम पर किया गया. पिता को मुखाग्नि देते समय श्रेया ने पहले सैल्यूट दिया और फिर उसकी आंखों से अश्रुधारा निकल पड़ी.
राजेश की मौत के बाद उठ रहे कई सवाल
राजेश साहनी की मौत के बाद कई सवाल उठने खड़े हो गये हैं. लोगों की जुबान पर एक ही बात है कि जो व्यक्ति अपने बेटी के नामांकन के लिए इतना खुश था और उसने छुट्टी तक ले ली थी, तो क्या बात हुई कि उन्होंने आत्मधाती कदम उठा लिया.
साथ ही जिस सोमवार से उन्हें छुट्टी पर जाना था तो वे नहीं गये बल्कि ऑफिस पहुंच गये. चर्चा इस बात की भी थी कि चार दिन पहले जिस आईएसआई एजेंट रमेश सिंह की पिथौड़ागढ़ से उन्होंने पकड़ा था, उसके बयान कराने को लेकर एक अधिकारी से उनका मनमुटाव भी हुआ था. इसके साथ ही यह भी कयास लगाया जा रहा है कि उनकी छुट्टी को मौखिक रूप से रद्द तो नहीं कर दिया था, जिसके कारण कहीं वे तनाव में तो नहीं आ गये थे?
पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर : राजेश साहनी की मौत के बाद उनके शव को पुलिस लाइन ले जाया गया. जहां, अंतिम संस्कार से पूर्व राजेश साहनी को श्रद्धांजलि देते हुए गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
साइकिल से खुद सिलिंडर लेकर घर आते थे राजेश साहनी
एटीएस एएसपी राजेश साहनी काफी सरल स्वभाव के थे. वे खुद ही घर का छोटा-मोटा काम अपनी साइकिल से करते थे. उन्हें कई बार उनके विभाग के लोगों ने साइकिल से सिलिंडर तक अपने घर ले जाते देखा था. उन्हें सिलिंडर ले जाने के क्रम में अगर किसी ने देख लिया और उनकी मदद को आगे बढ़ते तो वे बस यह कह कर उन्हें लौटा देते कि वे अपनी ड्यूटी पर जायें. वे खुद सिलिंडर लेकर घर चले जायेंगे.
पटेल नगर में पसरा सन्नाटा
पटना के पूर्वी पटेल नगर रोड नंबर चार में राजेश साहनी का पुराना मकान है. इसी मकान में राजेश साहनी का बचपन गुजरा और पढ़ाई-लिखाई हुई थी. मंगलवार को आत्महत्या की जानकारी मिलने पर पिता प्रेमसागर साहनी व माता लखनऊ के लिए रवाना हो गये. घर पर कोई नहीं था.
पिता रिटायर्ड डीएसपी है. राजेश की मौत के बाद पटेल नगर इलाके में सन्नाटा पसरा था. मुहल्ले वालों ने बताया कि राजेश काफी शांत रहता था. उसका कभी भी मोहल्ले के लोगों से किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ. उन्होंने आश्चर्य जताया कि इस तरह का इंसान भी खुदकुशी कर सकता है, यह उनकी समझ से परे है.
करीबियों ने बताया कि वे जब सीओ कैसरबाग के पद पर तैनात थे, तो उन्हें ऑपरेशन की जरूरत पड़ी थी. इसके लिए डॉक्टरों ने 34 हजार का खर्च बताया था. उन्होंने ऑपरेशन को टाल दिया था. लेकिन, बाद में जब डॉक्टरों ने उससे शरीर में होनेवाली हानि के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने ऑपरेशन कराया, लेकिन पैसे को तीन किस्तों में दिया.
एएसपी ने खुद मार ली थी गोली
मंगलवार को यूपी एटीएस के एसपी राजेश साहनी ने लखनऊ कार्यालय में ही गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी. वे पटना के पूर्वी पटेल नगर के रहनेवाले थे. यूपी सीएम ने सीबीआई जांच के आदेश दिये हैं.
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