बिहार : सोशल मीडिया का दम, किशनगंज में बह रही उल्टी गंगा, मुआवजा राशि लौटा रहे फर्जी बाढ़पीड़ित

Updated at : 25 Nov 2017 5:31 AM (IST)
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बिहार : सोशल मीडिया का दम, किशनगंज में बह रही उल्टी गंगा, मुआवजा राशि लौटा रहे फर्जी बाढ़पीड़ित

पुष्यमित्र पटना : किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड में इन दिनों उल्टी गंगा बह रही है. गलत जानकारी देकर बाढ़ पीड़ितों का मुआवजा हासिल करनेवाले लोग अब इसे लौटा रहे हैं. अब तक 292 लोगों ने 17 लाख से अधिक मुआवजा राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी है. यही नहीं, मुआवजा के बदले में जिन […]

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पुष्यमित्र
पटना : किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड में इन दिनों उल्टी गंगा बह रही है. गलत जानकारी देकर बाढ़ पीड़ितों का मुआवजा हासिल करनेवाले लोग अब इसे लौटा रहे हैं. अब तक 292 लोगों ने 17 लाख से अधिक मुआवजा राशि सरकारी खजाने में जमा करा दी है. यही नहीं, मुआवजा के बदले में जिन पंचायत प्रतिनिधियों ने पीड़ितों से कमीशन की राशि वसूली थी, वे भी वापस कर रहे हैं. किशनगंज के एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुए खुलासे और जन दबाव की वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है.
ऐसे शुरू हुई भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम : खबर सीमांचल फेसबुक-वाट्सएप ग्रुप के मोडरेटर हसन जावेद बताते हैं कि इसकी शुरुआत दो सितंबर को हुई. मेरे सामने मेरे गांव का वार्ड सदस्य एक बाढ़ पीड़ित महिला से मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहा था. मैंने इस पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया और खबर सीमांचल के फेसबुक-वाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया.
हमारे फेसबुक ग्रुप पर दो लाख 14 हजार से अधिक मेंबर हैं. यह वीडियो देखते-देखते खूब शेयर होने लगा, उसे वाट्सएप ग्रुप पर भी डाल दिया गया.
इस पर राजनीतिक तबका सक्रिय हुआ और उस वार्ड सदस्य ने दबाव में वसूल किये गये पैसे सभी को वापस कर दिये. इसके बाद हमारे ग्रुप के कई लोगों ने वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिया. कुछ युवकों ने मुआवजा बंटने की पूरी लिस्ट ही निकाल ली और उसे पोस्ट कर बताना शुरू कर दिया कि फलां मुखिया का रिलेटिव है, फलां अविवाहित है, फिर भी इसे मुआवजा मिल गया है.
देखते-देखते माहौल बन गया और पंचायत प्रतिनिधि दबाव में आने लगे. यह दबाव इतना जबरदस्त बना कि दिघलबैंक के एक मुखिया ने दो लाख और कोचाधामन के बलिया पंचायत के दो वार्ड सदस्यों ने एक लाख सत्तर हजार की कमीशन की राशि लोगों को वापस की. फिर जिला प्रशासन ने भी जारी किया नोटिस
22 अक्तूबर को जिला प्रशासन ने कोचाधान में नोटिस जारी किया कि ऐसे लोग जो अयोग्य हैं और उन्होंने बाढ़ राहत का मुआवजा ले लिया है, वे चार नवंबर तक नाजिर के पास मुआवजे की राशि जमा करायें, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. इसी का नतीजा है कि अबतक 292 लोगों ने मुआवजे की कुल 17 लाख 52 हजार की राशि नाजिर के पास वापस की है. यह सिलसिला लगातार जारी है. इसका असर अगल-बगल के ब्लॉक में भी हो रहा है. बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, दिघलबैंक और अररिया जिले के पलासी में भी खूब खुलासे हो रहे हैं और खबर सीमांचल पर पोस्ट किये जा रहे हैं. पलासी में तो प्रशासन ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है.
किशनगंज के एसडीओ मो शफीक मुआवजा राशि लौटाने की बात की पुष्टि करते हैं. उनका कहना है कि खबर सीमांचल के अभियान से प्रशासन को मदद मिल रही है. साथ ही वे यह भी जोड़ते हैं कि उन्होंने कोचाधामन ब्लॉक में डि-डुप्लीकेशन सॉफ्टवेयर चलवा कर 547 ऐसे लोगों का पता लगवाया है, जिन्होंने दो अलग-अलग वार्डों से मुआवजा राशि उठा ली है. ऐसे लोग भी पैसे वापस करा रहे हैं.
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