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बिहार : केंद्रीय मंत्री का दिल्ली एम्स में बिहारियों की भीड़ लगने संबंधी बयान को लेकर बवाल, विवाद गहराया

Updated at : 11 Oct 2017 11:38 AM (IST)
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बिहार : केंद्रीय मंत्री का दिल्ली एम्स में बिहारियों की भीड़ लगने संबंधी बयान को लेकर बवाल, विवाद गहराया

पटना : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे द्वारा बिहारियों के दिल्ली स्थित एम्स में बेवजह भीड़ लगाने यहां छोटी बीमारियों के लिए आने संबंधी टिप्पणी पर विपक्षियों द्वारा जहां कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी, वहीं भाजपा मंत्री के बचाव में दिखी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गत रविवार को पटना में एक […]

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पटना : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे द्वारा बिहारियों के दिल्ली स्थित एम्स में बेवजह भीड़ लगाने यहां छोटी बीमारियों के लिए आने संबंधी टिप्पणी पर विपक्षियों द्वारा जहां कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी, वहीं भाजपा मंत्री के बचाव में दिखी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गत रविवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान चौबे ने कहा था कि बिहार के लोग दिल्ली स्थित एम्स में बेवजह भीड़ लगाते हैं. यहां तक कि छोटी बीमारियों के लिए आ जाते हैं जिसका इलाज यहां हो सकता है. पटना में टीकाकरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा था कि दिल्ली एम्स को निर्देश दिया गया है कि पटना एम्स में जिन बीमारियों का इलाज हो सकता है, उससे संबंधित मरीजों को वहां भेज दिया जाये. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चौबे का नाम लिए बिना कहा है कि बिहार के मरीजों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ता है. हम लोग सांसद रहे हैं. दिल्ली में बिहार के कोई भी सांसद हैं.

उनकी बुनियादी जिम्मेदारी होती है कि उनके क्षेत्र के कोई व्यक्ति इलाज के लिए गए तो उनका एम्स में इलाज करवाए और इसके लिए हर व्यक्ति को बहुत ध्यान देना पडता है. नीतीश ने बारे में कहा कि हम तो अपना एक सहयोगी रखते थे किसी को कोई कष्ट न हो। उसके साथ एम्स जाता था और जहां कहीं भी जिस डाक्टर से बात करनी पड़ती थी. कोई खास मरीज जिसे इलाज की तत्काल जरूरत है हमलोग भी बात करते थे और कभी कभी अपने क्षेत्र के मरीज देखने जो वहां भर्ती रहते थे. उन्होंने कहा कि बहुत सारी बीमारियों के इलाज के लिए जाने की मजबूरी नहीं है.

उन्होंने कहा कि पहले मजबूरी थी लेकिन अब पसंद है. अगर कोई जाना चाहे कहीं बाहर इलाज कराने के लिए तो स्वतंत्र है हम लोगों का लक्ष्य यही है कि लोग मजबूर नहीं हों अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए बाहर जाने को. चौबे द्वारा बिहारियों के दिल्ली स्थित एम्स में भीड़ लगाने की कथित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ कल मुजफ्फरपुर की एक अदालत में एक परिवाद पत्र दायर किया गया था. मुजफ्फरपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी द्वारा चौबे के खिलाफ कल मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरि प्रसाद की अदालत में परिवाद पत्र दायर किया था. बिहार में विपक्षी दलों राजद और कांग्रेस ने चौबे की उक्त टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि चौबे की उक्त टिप्पणी से बिहार वासी अपने को अपमानित महसूस कर रहे हैं.राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने चौबे पर मानसिक संतुलन खो देने और अनाप शनाप बोलने का आरोप लगाया. वहीं उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने बक्सर संसदीय क्षेत्र से अपनी पार्टी के सांसद चौबे का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का अलग अलग मतलब निकाले जा रहा है. सुशील ने कहा कि उनके कहने का तात्पर्य यह था कि बिहार में ऐसी व्यवस्था की जाये ताकि बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने को कम किया जा सके. नीतीश की पार्टी जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए.

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