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इन 12 बड़े कारणों की वजह से भारी संकट के दौर से गुजर रहा है लालू परिवार, पढ़ें

Updated at : 23 Sep 2017 12:17 PM (IST)
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इन 12 बड़े कारणों की वजह से भारी संकट के दौर से गुजर रहा है लालू परिवार, पढ़ें

पटना : बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार के मुखिया राजद सुप्रीमो लालू यादव इन दिनों चौतरफा संकट से घिरे हैं. चारा घोटाले में लगातार सुनवाई और मुकदमें के साथ सम्मन और सीबीआई द्वारा जारी की जा रही नोटिस से परेशान हैं. परिवार के अन्य सदस्यों के अलावा पार्टी के विधायक महेश्वर यादव की बगावत […]

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पटना : बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार के मुखिया राजद सुप्रीमो लालू यादव इन दिनों चौतरफा संकट से घिरे हैं. चारा घोटाले में लगातार सुनवाई और मुकदमें के साथ सम्मन और सीबीआई द्वारा जारी की जा रही नोटिस से परेशान हैं. परिवार के अन्य सदस्यों के अलावा पार्टी के विधायक महेश्वर यादव की बगावत भी लालू यादव के सामने किसी संकट से कम नहीं है. आइए जानते हैं, किन कारणों की वजह से संकट से जूझ रहा है परिवार…

– लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव को सीबीआई ने समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है. सूत्रों की मानें तो रेलवे के होटल टेंडर में कथित गड़बड़ी के मामले में लालू को 25 सितंबर को तलब किया गया है, जबकि तेजस्वी को 26 सितंबर को पेश होने को कहा गया है.

– रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले सीबीआई ने दोनों को क्रमश: 11 और 12 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन दोनों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हवाला देकर पेश होने के लिए वक्त मांगा था.

– सीबीआई ने आरोप लगाया कि रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू ने रांची और पुरी में आईआरसीटीसी द्वारा संचालित दो होटल के रखरखाव का काम सुजाता होटल को दिया था. आरोप है कि विनय और विजय कोचर के स्वामित्व वाली इस कंपनी को बेनामी कंपनी के जरिये पटना में तीन एकड़ भूखंड देने के बदले यह ठेका दिया गया था. 27 जुलाई को ईडी ने रेलवे होटल टेंडर मामले में ही बेनामी संपत्ति को लेकर लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

– उनकी पार्टी के विश्वसनीय लोगों ने उन्हें फीडबैक दी है कि यादव जमात के बीच उनका बड़ा बेटा तेज प्रताप यादव जबरदस्त पॉपुलर हो रहा है. लालू की अंदर से इच्छा है कि तेजस्वी यादव राज्यभर की सभाओं को संबोधित करे और पार्टी के नेतृत्व में हाथ बटाए, लेकिन तेज प्रताप यादव सभी कार्यक्रम में टपक पड़ता है और सारी तालियां बटोर ले जाता है. भागलपुर की रैली में लालू यादव ने मंच से तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने की बात कही. कहा जा रहा है कि पटना लौटने के बाद तेज प्रताप ने परिवार में ऐलान कर दिया है कि मैं कृष्ण हूं और द्वारिका का राजा मैं ही बनूंगा.

-लालू के दामाद शैलेष कुमार और बेटी मीसा भारती की नजर भी लालू की राजनीतिक विरासत पर है, वे लोग लगातार बिहार में ही बने हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लालू यादव को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप की तुनक मिजाजी और यह बात कहने से कि मैं अपंग नहीं हूं. काफी डर गये हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों भाइयों में सार्वजनिक मंच पर भले कुछ न हो, लेकिन घर के अंदर दोनों में नहीं पटती है.

-बताया जा रहा है कि लालू यादव को लगता है कि बड़ा बेटा कभी भक्ति में लीन हो जाता है, तो कभी पूजा-पाठ करने में. तेजस्वी राजनीति को लेकर सीरियस है, इसलिए विरासत इसी को सौंपी जानी चाहिए. 27 अगस्त की रैली के सफल आयोजन से खुश लालू को जब पार्टी नेताओं ने फीडबैक दिया कि तेज प्रताप को लोग काफी पसंद कर रहे हैं और उसने जिस अंदाज में भाषण दिया, उससे लोग काफी प्रभावित हैं, तो लालू की चिंता बढ़ गयी.

-राजद के एक पूर्व मंत्री ने मीडिया से यहां तक कह दिया कि तेज प्रताप ने रैली में नीतीश को भरपूर सुनाया, नीतीश को सुनाकर तेज प्रताप ने हमलोगों का दिल जीत लिया है. जाति की राजनीतिक विरासत के मुखिया लालू को पता है कि उनके लोगों को अक्रामक प्रवृत्ति का नेता पसंद है और तेज प्रताप में वह गुण भरपूर है.

– घर की अंदरूनी समस्याओं से दो-चार हो रहे लालू को कानूनी पचड़े और मुकदमे से काफी परेशानी हो रही है. पटना जिले की एक अदालत में एक रत्न एवं आभूषण व्यवसायी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके पुत्र एवं बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के खिलाफ भागलपुर जिले में करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाने को लेकर मानहानि का एक परिवाद पत्र दायर किया था.

-19 सितंबर को (ईडी) ने रेलवे होटल आवंटन मामले में अपनी धनशोधन जांच के सिलसिले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को समन जारी किया. अधिकारियों ने बताया कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी को मामले में 26 सितंबर को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए समन किया गया है. संभावना है कि आईओ धन शोधन रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत उनका बयान रिकार्ड करेंगे.

-कुछ समय पहले पीएमएलए के तहत लालू प्रसाद के परिवार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. समझा जा रहा है कि पहली बार बयान दर्ज नहीं कराने के बाद राबड़ी को दूसरी बार समन किया गया है.

-मुजफ्फरपुर के गायघाट विधानसभा क्षेत्र के राजद विधायक महेश्वर यादव का है. महेश्वर यादव ने पार्टी के खिलाफ बगावत के सुर बुलंद कर लिये हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आजकल विधायक जमकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार की तारीफ कर रहे हैं. कहा यह जा रहा है कि लालू यादव के नाम पर चुनाव जीतकर आये यह विधायक आजकल नीतीश कुमार की जमकर गुणगान करते हैं.

– वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि महेश्वर यादव के बारे में राजद के सभी शीर्ष नेताओं को पता है, संकट में चल रहे परिवार और पार्टी की चिंता महेश्वर यादव ने बढ़ा दी है. विधायक ने मीडिया में बयान देते हुए कहा है कि पार्टी के भीतर कई ऐसे विधायक हैं, जो लालू की नीतियों के खिलाफ हैं. राजद की ओर से विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है. वहीं दूसरी ओर लगातार जदयू नेता राजद पर हमलावर रुख अपनाये हुए हैं.

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