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बिहार : मुख्यमंत्री खेल विकास योजना, गया, पांच जिलों में तैयार होंगे खिलाड़ी..ये सुविधाएं मिलेंगी

Updated at : 06 Sep 2017 7:52 AM (IST)
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बिहार : मुख्यमंत्री खेल विकास योजना, गया, पांच जिलों में तैयार होंगे खिलाड़ी..ये सुविधाएं मिलेंगी

पहल : मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत छात्र व युवा कल्याण निदेशालय कर रहा काम, खेल प्रशिक्षण के लिए मांगे गये प्रस्ताव पटना : मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में राज्य स्तरीय आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने का काम रफ्तार पकड़ने लगा है. एकलव्य खेल प्रशिक्षण केंद्र के […]

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पहल : मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत छात्र व युवा कल्याण निदेशालय कर रहा काम, खेल प्रशिक्षण के लिए मांगे गये प्रस्ताव
पटना : मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रदेश के हर जिले में राज्य स्तरीय आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने का काम रफ्तार पकड़ने लगा है. एकलव्य खेल प्रशिक्षण केंद्र के लिए सभी जिलों से प्रस्ताव मांगे गये थे. 34 केंद्रों को स्वीकृति देते हुए काम भी शुरू हो गया है. अब नयी सूचना यह है कि छह और जिलों से प्रस्ताव आये हैं.
इनमें गया, समस्तीपुर, बेगूसराय, जमुई और लखीसराय शामिल हैं. इसके अलावा दरभंगा से भी प्रस्ताव आया है. यहां पूर्व में एक केंद्र को स्वीकृति मिल गयी है. दूसरे केंद्र के लिए दरभंगा प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा है. फिलहाल प्राथमिकता ऐसे जिलों को दी जा रही है, जहां आवासीय विद्यालय हैं.
जिला स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने की मंशा : करीब सात साल पहले जिला स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने की मंशा से प्रदेश सरकार ने हर जिले में एकलव्य खेल प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की घोषणा की.
इसके लिए प्रदेश के सभी 38 जिलों को पत्र भेजा गया. ग्रामीण स्तर पर सुविधाओं से वंचित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने की यह सराहनीय पहल है. स्थानीय प्रमुख खेलों को बढ़ावा देना भी इस योजना का मकसद है. बाकायदा विज्ञापन देकर ग्रामीण स्तर के खिलाड़ियों का ट्रायल होता है. उसके बाद चयनित युवाओं को इस केंद्र में रखा जाता है. इस योजनाके तहत रहने-खाने की सुविधा से लेकर संबंधित खेलों का किट तक नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है.
हर साल पांच केंद्र : मिशन मोड में हर साल पांच केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया था. पिछले साल तक 17 केंद्रों को ही स्वीकृति मिल पाई थी. यह आंकड़ा निराशाजनक था. परंतु विभागीय स्तर पर इसको
लेकर समीक्षा हुई और दबाव बढ़ा तो इस वर्ष में अब तक 17 और केंद्रों को स्वीकृति मिल गई है. स्पष्ट है प्रदेश के विभिन्न जिलों में 34 केंद्रों को स्वीकृति मिल गई है. इसमें से 22 केंद्र शुरू भी हो गये हैं. 12 शुरू होने की स्थितिमें हैं. विभागीय स्तर पर कोशिश है कि जिन केंद्रों को स्वीकृति दी गई है, उनको शुरू करा दिया जाए. इसके बाद तेज गति से नये प्रस्तावों पर काम शुरू हो.
राज्य स्तर का आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्र होगा संचालित
जल्दी सभी केंद्रों को शुरू कराना ही प्राथमिकता : प्रधान सचिव
कला व संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि एकलव्य खेल प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना को लेकर सरकार गंभीर है. ग्रामीण स्तर के खिलाड़ियों को तराशने के लिए यह शानदार पहल है. इसमें बेहतर काम भी हो रहा है. लक्ष्य से हमलोग आगे चल रहे हैं. कोशिश यही है कि जल्द से जल्द सभी केंद्रों को शुरू कर दिया जाए. जो प्रस्ताव आये हैं, उन पर भी जल्द ही उचित कार्रवाई करके आगे बढ़ाया जायेगा.
ये सुविधाएं मिलेंगी
हर खिलाड़ी के भोजन पर प्रतिदिन खर्च होंगे सवा दो सौ रुपये.
प्रत्येक खिलाड़ी को छह हजार रुपये की किट उपलब्ध करायी जायेगी.
चिकित्सा और आवास की भी मुफ्त होगी व्यवस्था.
प्रशिक्षण के लिए बेहतर प्रशिक्षकों की नियुक्ति.
प्रशिक्षकों को हर माह 30 हजार रुपये का होगा भुगतान.
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