पटना हॉस्टल कांड: पॉक्सो कोर्ट ने CBI से मांगी जांच रिपोर्ट, 30 मार्च को फिर होगी सुनवाई

सांकेतिक तस्वीर
Patna NEET Student Death Case: पटना की पॉक्सो विशेष अदालत ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह केस की जांच रिपोर्ट 30 मार्च या उससे पहले जमा करें. अदालत ने सीबीआई से पूछा है कि अब तक जांच में क्या-क्या हुआ, सबूतों की स्थिति क्या है और कहां पर जांच अटकी हुई है. छात्रा के परिजनों के वकील एसके पांडेय ने इस रिपोर्ट की मांग करते हुए अदालत में आवेदन दिया था.
Patna NEET Student Death Case: पटना के चर्चित नीट (NEET) छात्रा मौत मामले में पॉक्सो की विशेष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से अब तक की जांच का पूरा कच्चा चिट्ठा मांगा है. कोर्ट ने सीबीआई से पूछा है कि डेढ़ महीने की लंबी जांच में आखिर क्या हासिल हुआ?
सीसीटीवी फुटेज और सबूत में अब तक क्या मिला है? इस आदेश के बाद अब सीबीआई को 30 मार्च तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी, जिससे मामले में खुलासे की संभावना बढ़ गई है.
जांच का हाल और सीबीआई की भूमिका
नीट छात्रा की मौत के बाद मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी. जहानाबाद के गांव से हॉस्टल पहुंचने के अगले दिन 6 जनवरी को छात्रा बेहोश मिली और बाद में अस्पतालों में इलाज के बावजूद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. सबसे पहले एफआईआर चित्रगुप्त नगर थाने में 9 जनवरी को दर्ज की गई.
राज्य सरकार की सिफारिश पर एसआईटी गठित हुई और हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को 16 जनवरी को गिरफ्तार किया गया. हालांकि गिरफ्तारी के बावजूद पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर नहीं लिया गया. बाद में 12 फरवरी को सीबीआई ने हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले लिया.
कहां अटकी है सीबीआई की जांच?
पॉक्सो की विशेष अदालत के न्यायाधीश राजीव रंजन रमन ने सीबीआई से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है. कोर्ट यह जानना चाहता है कि जांच की वर्तमान स्थिति क्या है और अब तक कौन-कौन से ठोस सबूत जुटाए गए हैं.
सवाल हॉस्टल मालिक मनीष रंजन की रिमांड को लेकर भी उठा है. परिजनों के वकील एसके पांडेय ने अदालत में आवेदन देकर सवाल उठाया था कि आखिर इतनी गंभीर धाराओं के बावजूद अब तक मुख्य आरोपी से गहन पूछताछ क्यों नहीं की गई? कोर्ट ने सबूत और मोबाइल लोकेशन की रिपोर्ट पर भी जवाब तलब किया है.
क्या छिपा रहा है हॉस्टल मालिक?
परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के मोबाइल लोकेशन की जांच से कई राज खुल सकते हैं. एसआईटी और अब सीबीआई, दोनों ने ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जो अब कोर्ट के रडार पर है. फिलहाल आरोपी बेऊर जेल में बंद है और उसकी जमानत याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है.
30 मार्च को अदालत में सुनवाई होगी और इस दौरान जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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