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पटना में पैथोलॉजी लैब बदलते ही बदल जा रहा जांच का रेट, डेंगू की 185 की जांच के लिए वसूल रहे 1200 रुपये

Updated at : 26 Sep 2021 6:26 AM (IST)
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पटना में पैथोलॉजी लैब बदलते ही बदल जा रहा जांच का रेट, डेंगू की 185 की जांच के लिए वसूल रहे 1200 रुपये

पटना जिले में डेंगू के मरीज मिलने के बाद इसकी जांच कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसका फायदा उठाकर निजी पैथलैब 185 रुपये के रैपिड किट की जांच का 700 से 1200 रुपये वसूल रहे हैं. इनकी इस मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग अंकुश भी नहीं लगा पा रहा है.

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आनंद तिवारी की रिपोर्ट

पटना जिले में डेंगू के मरीज मिलने के बाद इसकी जांच कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसका फायदा उठाकर निजी पैथलैब 185 रुपये के रैपिड किट की जांच का 700 से 1200 रुपये वसूल रहे हैं. इनकी इस मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग अंकुश भी नहीं लगा पा रहा है. जानकारों की मानें तो प्रशासन से डेंगू जांच का रेट तय नहीं होने से ऐसा हो रहा है. हालांकि पीएमसीएच, एनएमसीएच, गार्डिनर रोड अस्पताल में यह जांच नि:शुल्क उपलब्ध है. आइजीआइएमएस व एम्स में भी बहुत कम ही शुल्क लिया जाता है.

रैपिड किट से की जाती है जांच : पटना जिले में करीब 350 प्राइवेट पैथोलॉजी लैब सेंटर हैं. इनमें 70% सेंटर रैपिड किट से जांच करते हैं. शहर के कुछ बड़े व जाने-माने छोटे अस्पताल एलाइजा टेस्ट करते हैं. जानकारों की मानें, तो रैपिड जांच पैथोलॉजी संचालकों के लिए फायदे का सौदा है.

रैपिड कार्ड से महज 15 से 20 मिनट में ही जांच पूरी हो जाती है. इसके लिए पांच से आठ गुना अधिक रकम पैथोलॉजी संचालक वसूलते हैं. खास बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग रैपिड के बदले एलाइजा टेस्ट को ही मान्यता देती है. विभाग रैपिड को सिर्फ स्क्रीनिंग जांच मानता है. पुष्टि के लिए एलाइजा टेस्ट का नियम है.

185 रुपये की किट, वसूल रहे 700 से 1200 : रैपिड किट से महज चंद मिनट में होने वाली जांच के रेट पैथोलॉजी के हिसाब से बदल जाते हैं. जिस किट से निजी लैब में जांच होती है, उसकी कीमत करीब 185 रुपये तक है. लेकिन, मरीजों से 700 से 1200 रुपये लिये जा रहे हैं. चार कंपनियों की किट बाजार में मौजूद भी है.

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चाइनीज किट एनएस-वन एंटीजन भी बाजार में हैं. इसकी कीमत 235 रुपये तक है. इससे एंटीबॉडी जांच भी हो जाती है. एलाइजा जांच का भी रेट 1200 रुपये और आरटीपीसीआर जांच की दर 3000 रुपये है. डेंगू की जांच एलाइजा और आरटीपीसीआर दोनों से होती है. लेकिन इस जांच में छह से सात घंटे लगते हैं.

पांच संदिग्धों की जांच में मिले दो डेंगू के मरीज

पटना. शहर के पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है. रोजाना तीन से पांच के बीच डेंगू के मरीज पाये जा रहे हैं. शनिवार को पीएमसीएच में सिर्फ पांच संदिग्धों की जांच में दो डेगू के मरीज पॉजिटिव मिले हैं. जिसको देखते हुए डॉक्टरों ने ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों को अलर्ट करते हुए बीमारी से बचाव संबंधित जानकारी साझा की है.

जानकारों की माने तो बीते तीन दिनों से पीएमसीएच में सैंपल कम आ रहे हैं, अगर सैंपल की संख्या बढ़ायी जाये तो पॉजिटिव मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है. पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ विद्यापति चौधरी ने कहा कि डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए परिसर में रहने वाले डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को भी साफ-सफाई आदि पर ध्यान देने के लिए कहा गया है.

Posted by: Radheshyam kushwaha

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