ePaper

अब बिहार में बिना निबंधन के नहीं चलेगा कोई भी कारखाना, नये-पुराने पंजीकरण के लिए मिलेगा 60 दिनों का समय

Updated at : 15 Nov 2021 6:40 AM (IST)
विज्ञापन
अब बिहार में बिना निबंधन के नहीं चलेगा कोई भी कारखाना, नये-पुराने पंजीकरण के लिए मिलेगा 60 दिनों का समय

Bihar News: इसी तरह कोई नया कारखाना खोलेंगे, तो उन्हें भी पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन कारखाना खोलने के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण करा लेना होगा. इस अवधि के बाद कारखाना संचालकों से विलंब शुल्क वसूला जायेगा.

विज्ञापन

Bihar News: राज्यभर में अब बिना निबंधन के कारखाना चलाना संभव नहीं होगा. राज्य सरकार ने कारखाना चलाने वाले संचालकों को कहा है कि वे अपनी फैक्टरी का अविलंब निबंधन करा लें. ऐसा नहीं कराने वालों के खिलाफ आठ लाख रुपये तक जुर्माना लिया जायेगा. श्रम संसाधन विभाग ने इस बाबत नियमावली बनायी है. पहले से चल रहे कारखानों के लिए विभाग ने कहा है कि उनको निबंधन कराने में कोई शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन यह जरूरी है कि दो महीने के भीतर सभी कारखाना संचालक अपनी फैक्टरी का पंजीकरण करा लें. इसी तरह कोई नया कारखाना खोलेंगे, तो उन्हें भी पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन कारखाना खोलने के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण करा लेना होगा. इस अवधि के बाद कारखाना संचालकों से विलंब शुल्क वसूला जायेगा.

शुल्क का निर्धारण कर्मचारियों की संख्या और दिन के अनुसार तय

विभाग ने शुल्क का निर्धारण कर्मचारी की संख्या व दिन के मुताबिक तय किया है. 10 से कम कामगार वाले कारखाना संचालकों को पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन 10 या इससे अधिक, लेकिन 49 श्रमिक से कम वाले फैक्टरी संचालकों ने अगर पंजीकरण नहीं कराया, तो 90 दिनों तक उनसे 10 हजार, 180 दिनों तक 25 हजार, जबकि छह महीने से अधिक समय होने पर एक लाख विलंब शुल्क लिया जायेगा. 50 से अधिक, लेकिन 100 से कम श्रमिकों वाले कारखाना संचालकों से 90 दिनों तक 10 हजार, 180 दिनों तक 25 हजार, जबकि छह महीने से अधिक होने पर दो लाख वसूले जायेंगे.

इसी तरह 101 से अधिक, पर 300 से कम श्रमिक होने पर 90 दिनों तक 40 हजार, 180 दिनों तक एक लाख, तो इससे अधिक समय होने पर चार लाख विलंब शुल्क लिया जायेगा. 301 से अधिक, पर 500 से कम श्रमिक होने पर 90 दिनों तक 60 हजार, 180 दिनों तक डेढ़ लाख और इससे अधिक होने पर छह लाख, तो 501 से अधिक,पर एक हजार से कम श्रमिक होने पर 90 दिनों तक 80 हजार, 180 दिनों तक दो लाख और इससे अधिक होने पर आठ लाख विलंब शुल्क लिया जायेगा.

1001 से अधिक, पर पांच हजार से कम श्रमिक होने पर 90 दिनों तक एक लाख, 180 दिनों तक ढाई लाख , तो 180 दिनों से अधिक होने पर एक लाख विलंब शुल्क लिया जायेगा, जबकि 5001 से अधिक श्रमिक होने पर अगर किसी ने 90 दिनों तक निबंधन नहीं कराया, तो उन्हें 1.20 लाख, 180 दिनों में तीन लाख और इससे अधिक होने पर 1.20 लाख विलंब शुल्क लिया जायेगा.

यह होगा अपील का प्रावधान

विभाग ने इस मामले में अपील का भी प्रावधान किया है. निबंधन पदाधिकारी के आदेश से असंतुष्ट होने पर अपीलीय पदाधिकारी के समक्ष आदेश प्राप्ति के 30 दिनों के भीतर अपील किया जायेगा. विलंब शुल्क का निर्धारण प्रतिष्ठान के मालिक, नियोक्ता या व्यावसायिक के नाम पर उपयोगिता कनेक्शन की तिथि को पंजीकरण अधिकारी द्वारा विचार किया जायेगा.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन