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गजब! थानेदार के खिलाफ ही जारी हो गया गैर जमानती वारंट, मामला जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Updated at : 03 May 2025 7:55 PM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

भभुआ: कैमूर जिले के सोनहन थानेदार के खिलाफ कैमूर परिवार न्यायालय के द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. उनके खिलाफ यह कार्रवाई न्यायालय के बार-बार के आदेशों की अनदेखी और अदालती निर्देशों की अवहेलना के चलते की गई है. कोर्ट ने कैमूर एसपी को आदेश दिया है कि वह थानेदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें.

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भभुआ, वीके कुमार: कैमूर जिले के सोनहन थानेदार के खिलाफ परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विवेक कुमार द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. न्यायालय ने कैमूर एसपी को निर्देश दिया है कि वे सोनहन थानेदार को अविलंब गिरफ्तार कर न्यायालय में उपस्थित कराएं. यह कार्रवाई न्यायालय के बार-बार के आदेशों की अनदेखी और अदालती निर्देशों की अवहेलना के चलते की गई है.

ऐसे हुई मामले की शुरुआत 

मामले की शुरुआत सोनहन थाना क्षेत्र की एक महिला द्वारा अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण (मेंटेनेंस) के लिए दायर वाद से हुई थी. परिवार न्यायालय ने महिला के पति को हर महीने ₹3000 देने का आदेश दिया था. आदेश के बावजूद पति ने रकम नहीं दी, जिस पर महिला ने मिसलेनियस वाद संख्या 50/2024 दायर किया. अदालत ने इस पर पहले लेवी वारंट और फिर गैर-जमानती वारंट जारी किया. 

काम में लापरवाही के कारण कोर्ट ने दिया गिरफ्तारी का आदेश 

इन दोनों वारंटों को निष्पादित करने की जिम्मेदारी सोनहन थानेदार को सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने न तो कोई कार्रवाई की और न ही न्यायालय को स्थिति से अवगत कराया. इससे असंतुष्ट होकर न्यायालय ने पहले थानेदार के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया. जब वह कोर्ट में हाजिर हुए, तो उन पर ₹500 का जुर्माना लगाकर 48 घंटे के अंदर आरोपी पति को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया. लेकिन, एक महीना बीत जाने के बावजूद आदेश का पालन नहीं हुआ. इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परिवार न्यायालय ने अब थानेदार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि थानेदार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें. 

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कोर्ट ने रामगढ़ के थानेदार से मांगा स्पष्टीकरण

इसी तरह का एक अन्य मामला रामगढ़ थाना से जुड़ा है, जहां मिसलेनियस वाद संख्या 36/22 में जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही अदालत को कोई जानकारी दी गई. इस पर न्यायालय ने रामगढ़ थानेदार से भी लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.  

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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