बिहार के बारे में ठीक से जानकारी एकत्र करें नीति आयोग, नीतीश बोले- हमारी तुलना विकसित प्रदेशों से करना गलत

मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की हाल में हेल्थ सेक्टर पर आयी रिपोर्ट पर कहा कि पहले भी नीति आयोग की रिपोर्ट आयी थी, तो बिहार की तरफ से इससे संबंधित विवरण भेजी गयी थी. मुख्यमंत्री सोमवार को आयोजित जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.
पटना. मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की हाल में हेल्थ सेक्टर पर आयी रिपोर्ट पर कहा कि पहले भी नीति आयोग की रिपोर्ट आयी थी, तो बिहार की तरफ से इससे संबंधित विवरण भेजी गयी थी. मुख्यमंत्री सोमवार को आयोजित जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक ही तरह की स्थिति को आधार बना कर रिपोर्ट तैयार करना सही नहीं है. हर राज्य को बराबर मानकर रिपोर्ट तैयार कर देते हैं. हर जगह की स्थिति अलग है और इसके आधार पर तुलना करनी चाहिए. सबसे धनी राज्य और सबसे गरीब राज्य की तुलना करके रिपोर्ट तैयार नहीं कर सकते हैं. सभी गरीब और अमीर राज्यों का अलग-अलग समूह बनाकर इनका अध्ययन करना चाहिए. तभी सही मायने में स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.
उन्होंने कहा कि पता नहीं नीति आयोग किनके माध्यम से और किस तरह से काम करके इस तरह की रिपोर्ट तैयार करवाती है. अगर फिर से नीति आयोग की बैठक में जाने का मौका मिला, तो एक-एक मुद्दे को फिर से पूरी मजबूती से प्रस्तुत करेंगे. राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर होती जा रही है. बिहार के बारे में ठीक से जानकारी एकत्र करने की जरूरत है.
सीएम ने कहा कि बिहार की आबादी के दृष्टिकोण से देश में तीसरे और क्षेत्रफल के हिसाब 12वें स्थान पर है. प्रति किमी आबादी के हिसाब से यहां सबसे ज्यादा औसत है. यह देश में कहीं नहीं है. शायद दुनिया में कहीं नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले राज्य में हेल्थ की क्या स्थिति थी और अब इसमें कितना बदलाव आया है. एक-एक मुद्दे पर गंभीरता से काम किया गया है.
शहर के साथ-साथ गांव में भी काफी काम किया गया है. यहां के अस्पतालों में काफी कम लोग पहले आते थे. प्रखंड स्तरीय अस्पताल पर महज 39 लोग का इलाज होता था. हेल्थ सेक्टर में बिहार कहां से कहां आ गया है. फिर भी नीति आयोग को ये चीजें नहीं दिखती हैं. मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की संख्या काफी बढ़ी है.
आइजीआइएमएस की स्थिति पहले से बेहतर हुई है. अस्पतालों में सीटें बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि पीएमसीएच को देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जा रहा है. चार हजार 500 बेड के इस अस्पताल का काम भी शुरू हो गया है और चार साल में तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है. परंतु यह कोशिश होगी इस समयसीमा से पहले तैयार हो जाये. इसमें डॉक्टर समेत सभी जरूरी चीजें मुहैया कराने के लिए भी तेजी से पहल शुरू हो गयी है.
उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के मौके पर इस बार 35 लाख टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था. परंतु जोरदार बारिश के बाद भी 30 लाख से ज्यादा टीकाकरण हो चुके हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के मौके पर 33 लाख टीकाकरण हुआ था. उन्होंने कहा कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उन्हें चार लाख रुपये राज्य सरकार और 50 हजार रुपये केंद्र सरकार की तरफ से दिये जायेंगे.
अगर कहीं से किसी के बारे में ऐसी जानकारी मिलती है, तो तुरंत सूचना दें. कोई जरुरतमंद इस लाभ से वंचित नहीं रहे. उन्होंने कहा कि बिहार में एेतिहात के कारण ही कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी कम हो गयी है. एक-एक बात पर ध्यान रखी जा रही है. टीकाकरण और जांच पर निरंतर कार्य किये जा रहे हैं. हर गांव-गांव तक इंतजाम किये जा रहे हैं. थोड़े-बहुत मामले जहां भी हैं, उसे लेकर काफी सजगता है.
Posted by Ashish Jha
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