PM Kisan : किसानों के लिए बड़ी चेतावनी: 31 मई तक ‘फार्मर रजिस्ट्री’ नहीं कराई तो रुक जाएगी पीएम किसान सम्मान निधि; जानिए पूरी प्रक्रिया

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PM Kisan : पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले सावधान! 31 मई तक ‘फार्मर रजिस्ट्री’ कराना है अनिवार्य, वरना रुक जाएगी अगली किस्त. जानिए कैसे बनेगी ये डिजिटल पहचान.
PM Kisan : यदि आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) या कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. सरकार के नए नियमों के मुताबिक, सभी लाभार्थी किसानों के लिए 31 मई तक अपनी ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) कराना अनिवार्य कर दिया गया है.
ऐसा न करने पर आपकी सम्मान निधि की अगली किस्त अटक सकती है. अकेले आगरा जनपद की बात करें, तो अब तक करीब 79.66 प्रतिशत किसानों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अभी भी लगभग 78 हजार किसान इस रजिस्ट्री से वंचित हैं, जिनकी सम्मान निधि पर संकट मंडरा रहा है.
क्या है फार्मर रजिस्ट्री और ‘डिजिटल गोल्डन कार्ड’?
उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि यह रजिस्ट्री भविष्य में किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का मुख्य आधार बनेगी. फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होते ही किसानों का एक ‘डिजिटल गोल्डन कार्ड’ तैयार होगा. यह कार्ड किसानों की एक यूनीक डिजिटल पहचान (ID) बन जाएगा, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
फार्मर रजिस्ट्री कहां और कैसे कराएं ?
किसानों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायतों, पंचायत भवनों और सचिवालयों में कृषि, पंचायती राज और राजस्व विभाग की टीमें ग्राम प्रधानों के सहयोग से विशेष कैंप लगा रही हैं.
रजिस्ट्री के लिए जरूरी दस्तावेज
- पहचान के लिए आपका आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- जमीन के रिकॉर्ड के लिए आपकी नई खतौनी (नवीन खतौनी)
- आधार कार्ड से लिंक आपका चालू मोबाइल नंबर
पंजीकरण के तीन तरीके
अपने गांव के पंचायत भवन या सचिवालय में जाकर वहां मौजूद सरकारी टीम से मुफ्त में कराएं.
अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर करवा सकते हैं.
किसान अपने मोबाइल से खुद ‘किसान सहायक ऐप’ (Kisan Sahayak App) डाउनलोड करके भी 31 मई तक खुद अपनी रजिस्ट्री पूरी कर सकते हैं.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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