8th Pay Commission: ₹55 से ₹18,000 तक कैसे बढ़ी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी? जानिए 1st से 7th Pay Commission का पूरा इतिहास

8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और काम शुरू हो गया है. यह लेख 1st से 7th Pay Commission तक सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में हुए ऐतिहासिक बदलावों को बताता है. जानें 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए क्या उम्मीदें हैं.
देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख से अधिक पेंशनभोगी इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार कर रहे हैं. केंद्र सरकार 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर चुकी है और आयोग ने अपना काम भी शुरू कर दिया है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले सात वेतन आयोगों में सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी कितनी थी और समय के साथ इसमें कितना बदलाव आया? आइए 1st से 7th Pay Commission तक की पूरी यात्रा और 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी जानते हैं.
8th Pay Commission का ताजा अपडेट
केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. बाद में आयोग के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दी गई और आयोग का आधिकारिक गठन कर दिया गया.
आयोग की सिफारिशें लागू होने पर इसका लाभ मिलेगा:
- लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को
- करीब 69 लाख पेंशनभोगियों को
- रक्षा सेवाओं के कर्मचारियों को भी
8th Pay Commission में कौन-कौन हैं?
सरकार ने आयोग में निम्नलिखित सदस्यों की नियुक्ति की है.
| पद | नाम |
| अध्यक्ष | न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई |
| अंशकालिक सदस्य | प्रो. पुलक घोष (IIM बेंगलुरु) |
| सदस्य सचिव | पंकज जैन, सचिव, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय |
8th Pay Commission की सिफारिशें कब आ सकती हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले वेतन आयोगों के पैटर्न के अनुसार:
- आयोग ने नवंबर 2025 में काम शुरू किया.
- सामान्यतः वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट लगभग 18 महीने में सौंपता है.
- ऐसे में फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच सिफारिशें आने की संभावना जताई जा रही है.
हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा.
1st से 7th Pay Commission तक वेतन में कितना बदलाव आया?
केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम बेसिक सैलरी
| Pay Commission | न्यूनतम बेसिक वेतन | अधिकतम बेसिक वेतन |
| 1st CPC | ₹55 | उपलब्ध नहीं |
| 2nd CPC | ₹80 | ₹3,000 |
| 3rd CPC | ₹196 | ₹3,500 |
| 4th CPC | ₹750 | ₹8,000 |
| 5th CPC | ₹2,550 | ₹26,000 |
| 6th CPC | ₹7,000 | ₹80,000 |
| 7th CPC | ₹18,000 | ₹2,25,000* |
* कैबिनेट सचिव जैसे शीर्ष पदों के लिए अधिकतम बेसिक वेतन ₹2,50,000 है.
अलग-अलग वेतन आयोगों में वेतन वृद्धि
| Pay Commission | अनुमानित वेतन वृद्धि |
| 2nd CPC | 14.20% |
| 3rd CPC | 20.60% |
| 4th CPC | 27.60% |
| 5th CPC | 31% |
| 6th CPC | 54% |
| 7th CPC | 14.30% |
सबसे अधिक वास्तविक वेतन वृद्धि 6वें वेतन आयोग के दौरान दर्ज की गई थी.
7वें वेतन आयोग में क्या बदलाव हुए थे?
7वें वेतन आयोग ने:
- न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 की.
- Pay Band की जगह Pay Matrix लागू की.
- अधिकतम बेसिक वेतन ₹2.25 लाख किया.
- शीर्ष पदों के लिए ₹2.50 लाख निर्धारित किया.
- 2.57 का Fitment Factor लागू किया.
इसी कारण कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव आया.
8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की क्या उम्मीदें हैं?
हालांकि आयोग ने अभी अपनी सिफारिशें जारी नहीं की हैं, लेकिन कर्मचारियों के बीच कुछ प्रमुख अपेक्षाएं हैं.
संभावित मांगें
- न्यूनतम बेसिक वेतन में वृद्धि.
- बेहतर Fitment Factor.
- महंगाई के अनुसार वेतन संशोधन.
- पेंशन व्यवस्था में सुधार.
- विभिन्न भत्तों की समीक्षा.
इन सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा.
8th Pay Commission लागू होने पर किसे फायदा मिलेगा?
आयोग की सिफारिशें लागू होने पर संभावित लाभार्थियों में शामिल होंगे:
- केंद्रीय सरकारी कर्मचारी
- रक्षा सेवाओं के कर्मचारी
- रेलवे कर्मचारी
- केंद्रीय पेंशनभोगी
- पारिवारिक पेंशन पाने वाले पात्र लाभार्थी
क्या 8वें वेतन आयोग के बाद राज्यों में भी बदलाव होगा?
आमतौर पर केंद्र सरकार द्वारा नया वेतन आयोग लागू किए जाने के बाद कई राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए इसी आधार पर वेतन संशोधन का निर्णय लेती हैं.
हालांकि प्रत्येक राज्य अपनी वित्तीय स्थिति और नीतियों के अनुसार अलग फैसला लेता है.
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By Abhishek Pandey
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