बिहार में गंगा नदी पर पुल का जाल, आवागमन व व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 10 Aug 2023 10:11 PM

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राज्य में निर्माणाधीन सभी पुल तैयार होने से उत्तर प्रदेश, झारखंड व बंगाल के लोगों को लाभ मिलेगा. भागलपुर में विक्रमशिला के समानांतर पुल दिसंबर, 2025 तक पूरा होने की संभावना है. यह पुल उत्तर व दक्षिण बिहार को जोड़ेगा. गंगा नदी पर अगले चार साल में 18 पुल हो जायेंगे.

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बिहार में गंगा नदी पर 18 पुल के शुरू हो जाने से आवागमन व व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा. गंगा पर पुल नहीं होने से लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है. गंगा नदी पर पुल बनने के बाद उत्तर व दक्षिण बिहार के कई क्षेत्र जुड़ जायेंगे, जिससे लोगों को आने-जाने में समय की बचत होगी. वर्तमान में जिन पुलों पर आवागमन जारी है, उनमें मोकामा- राजेंद्र सेतु, विक्रमशिला सेतु, महात्मा गांधी सेतु, बक्सर में दो लेन का पुल, जेपी सेतु व आरा-छपरा पुल और मुंगेर रेल सह सड़क पुल शामिल हैं. बिहार में गंगा नदी की 520 किमी की लंबाई में कुल 18 पुल होंगे.

12 जिलों से होकर गुजरती है गंगा

बिहार में गंगा नदी के किनारे 12 जिले स्थित हैं. ये जिले बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार, भागलपुर व लखीसराय हैं. बिहार में वर्ष 2024 तक इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाने का अनुमान है.

पुल बन जाने से झारखंड, बंगाल व यूपी के लोगों को होगा लाभ

राज्य में निर्माणाधीन सभी पुल तैयार होने से उत्तर प्रदेश, झारखंड व बंगाल के लोगों को लाभ मिलेगा. भागलपुर में विक्रमशिला के समानांतर पुल दिसंबर, 2025 तक पूरा होने की संभावना है. यह पुल उत्तर व दक्षिण बिहार को जोड़ेगा. गंगा नदी पर अगले चार साल में 18 पुल हो जायेंगे.

इन पुलों पर आवागमन है जारी

जिन पुलों पर आवागमन जारी हैं, उनमें मोकामा- राजेंद्र सेतु, विक्रमशिला सेतु, महात्मा गांधी सेतु, बक्सर में दो लेन का पुल, जेपी सेतु और आरा-छपरा पुल और मुंगेर रेल सह सड़क पुल शामिल हैं.

छह लेन का होगा कच्ची दरगाह – बिदुपुर पुल

कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच करीब 5000 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन का पुल बनाया जा रहा है. केबल पर टिका हुआ बिहार का यह सबसे लंबा 9.76 किमी पुल 16 जनवरी 2017 को बनना शुरू हुआ था और इसे 2024 में पूरा होने की संभावना है. इकसे अलावा सुल्तानगंज से अगवानी घाट के बीच पुल बनाया जाना है. राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण, बख्तियारपुर-ताजपुर पुल व बक्सर से भोजपुर के बीच ढाई किलोमीटर लंबा पुल का निर्माण 2021 तक बनने की संभावना है.

इन जिलों में भी पुल निर्माण जल्द

1. कटिहार जिले के मनिहारी से झारखंड के साहिबगंज के बीच उन्नीस सौ करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाने बनाने में करीब 36 महीने लगने की संभावना है.

2. विक्रमशिला सेतु के समानांतर करीब 4.5 किलोमीटर लंबा पुल 1110 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण होना है. यह 42 महीने में पूरा होगा. हालांकि इस पुल को बनाने का जिम्मा एसपी सिंगला को दिया गया है. यह वहीं कंपनी है, जो अगुवानीघाट पुल बना रही है.

3. महात्मा गांधी सेतु के समानांतर 5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण करीब 3000 करोड़ की लागत से अक्टूबर में होने की संभावना है. मार्च 2024 में इसका निर्माण पूरा होने की संभावना है.

4. पटना में जेपी सेतु के समानांतर 6 लेन पुल करीब साढ़े 4 किलोमीटर लंबा होगा. यह पुल 22 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनाये जाने वाले पुल की प्रक्रिया चल रही है.

5. इसके अलावा दानापुर से शेरपुर के सारण के दिघवारा के बीच पुल बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यह पटना के 137 किमी लंबे रिंग रोड का हिस्सा होगा.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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