बाजार में बनेगा सार्वजनिक शौचालय

नगर पर्षद के पूर्व से बनी दुकानों के आवंटन का प्रस्ताव टला
नगर पर्षद के पूर्व से बनी दुकानों के आवंटन का प्रस्ताव टला
नगर पर्षद की बैठक में पूर्व की लंबित और ली गयी योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्णयएमएलसी व अन्य जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
प्रतिनिधि, हिसुआ. मंगलवार को हिसुआ नगर पर्षद के सामान्य बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद सहित पार्षदों ने पूर्व में ली गयी योजनाओं और लंबित कामों को जल्द-से-जल्द पूरा करने पर बल दिया. नयी योजनाएं नहीं ली गयीं. अध्यक्षता पूजा कुमारी और संचालन इओ अतीश ने किया. बैठक में विधान पार्षद अशोक यादव, हिसुआ पश्चिमी जिला पार्षद उमेश यादव भी शामिल हुए.उपमुख्य पार्षद टिंकू चौधरी ने बताया कि हिसुआ बाजार में सार्वजनिक शौचालय के लिए अस्पताल चौक, पंजाब नैशनल बैंक के नजदीक, नाला पर, महादेव मोड़ आदि जगहों का चयन हुआ है. जल्द ही सुसज्जित आधुनिक शौचालय बनेगा. विश्वशांति चौक के पुराने गोलंबर को तोड़कर वहां नया और खूबसूरत गोलंबर बनाने और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव लिया गया. नये बन रहे बस स्टैंड के समीप शौचालय और चापाकल लगेगा. इसके अलावा गया रोड स्थित पावर सब स्टेशन, नरहट रोड में खुशी एक्सरे के समीप, सम्राट अशोक भवन के समीप, तुलसी आहर के समीप वेंडिंग जोन बनाने का निर्णय हुआ. सब्जी बाजार को वहीं शिफ्ट करने का उद्देश्य है. बैठक में पूर्व चेयरमैन और वार्ड पार्षद शोभा देवी, सुनीता देवी, रेखा देवी, अशोक कुमार, उषा देवी, पंकज सिंह, सुधीर सिंह, उदय बाला, बंगाली मांझी, जेई सुबोध कुमार, लेखापाल जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे.
दुकानों के आवंटन पर निर्णय टला
कई सालों से निर्मित नगर पर्षद की नयी दुकानों के आवंटन पर प्रस्ताव व निर्णय का काम फिर से टल गया, जबकि यह बैठक का अहम मुद्दा था. लेकिन, मुख्य पार्षद ने ही उस पर अगली बैठक में निर्णय लेने का प्रस्ताव दिया. इस पर उपमुख्य पार्षद और अन्य पार्षदों ने समर्थन किया. दुकान आवंटन में विवाद होने का संशय बना हुआ है. आम जनता लगातार आवेदन लेकर लॉटरी सिस्टम से आंवटन की मांग कर रहे हैं. दुकानों की संख्या कम है और लेने वाले अधिक हैं. नगर पर्षद की और दुकानें बननी हैं. सभी दुकानों के बन जाने के बाद एक ही साथ लॉटरी से उसे आवंटित करने की भी कवायद चल रही है. निर्णय टल जाने के पार्षदों ने खुशी जतायी. पूर्व में भी कई पेंच से दुकानों का आबंटन नहीं हुआ, जबकि लोग इसे हथियाने की जद्दोजहद में लगे हुए थे. आम लोगों का कहना है कि संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से दुकान का आवंटन हो. मीडिया में भी दुकान आबंटन की बातें और विवाद बराबर आती रही है. बता दें कि नप कार्यालय और अन्य जगहों पर कई दुकानों का निर्माण वर्ष 2018-19 में हुआ है और तबसे यह बंद पड़ा हुआ है.
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