बनारस से लाई गई थी प्रतिमा, जानें नवादा के ऐतिहासिक संकटमोचन मंदिर से जुड़ी मान्यताएं और महाआरती का समय
Published by : PRANJAL PANDEY Updated At : 06 Jun 2026 5:00 AM
हनुमान मंदिर नवादा.
नवादा का ऐतिहासिक संकटमोचन मंदिर सिर्फ लाखों लोगों की आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की एक अद्भुत मिसाल भी है.
Nawada News : मनोज मिश्रा की रिपोर्ट. नवादा का ऐतिहासिक संकटमोचन मंदिर सिर्फ लाखों लोगों की आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की एक अद्भुत मिसाल भी है. कई दशकों से यह भव्य मंदिर अपनी चमत्कारी प्रतिमा और यहां के अनूठे माहौल के लिए पूरे जिले में प्रसिद्ध है. इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि संकटमोचन मंदिर की एक दीवार ठीक एक मजार से सटी हुई है. यह दृश्य समाज में आपसी भाईचारे और धार्मिक सद्भाव का एक बेहद कड़ा और सकारात्मक संदेश देता है.
बनारस से लाई गई थी बजरंगबली की प्रतिमा
इस सिद्ध मंदिर का इतिहास करीब 45 साल पुराना है. इसकी स्थापना वर्ष 1979 में बाबा निरंकार दास जी द्वारा की गई थी. मंदिर में विराजमान बजरंगबली की प्रतिमा सामान्य नहीं है, बल्कि इसे विशेष रूप से धर्म नगरी वाराणसी (बनारस) से लाकर यहां पूरे विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया था. प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं.
आज शाम होगी भव्य महा संध्या आरती
मंदिर में नियमित रूप से होने वाले आयोजनों की कड़ी में आज शाम 6:00 बजे भव्य महा संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा. स्थानीय लोगों का अटूट विश्वास है कि बनारस से लाई गई इस चमत्कारी प्रतिमा के सच्चे मन से दर्शन करने पर जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By PRANJAL PANDEY
मूल रूप से गोपालगंज के रहनेवाले प्रांजल पांडेय के पास पत्रकारिता का 13 वर्षों का विस्तृत अनुभव है. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर से जुड़े प्रांजल, फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग के विशेषज्ञ हैं. इसके अलावा राजनीति, खेल और सिनेमा पर भी इनकी गहरी पकड़ है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










