नवादा: नारदीगंज में 300 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच, 26 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान

Author Manoj|Edited by Vikash Jha
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300 से अधिक गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच, 26 हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की पहचान, 7 महिलाओं को मिली एफसीएम थेरेपी

जाँच कराती गर्भवती महिलाएं जाँच करते डॉक्टर्स | Prabhat Khabar Network

Nawada News: नवादा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारदीगंज में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 300 से अधिक गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. इस शिविर में 26 उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान की गई और 7 महिलाओं को विशेष थेरेपी दी गई.

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Nawada News: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नारदीगंज में विशेष प्रसव पूर्व जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया. आयोजित शिविर में 300 से अधिक गर्भवती महिलाओं ने भाग लेकर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया. अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच उपलब्ध कराना और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है.

वरिष्ठ डॉक्टरों ने की जांच

शिविर के दौरान डॉ. सोनी कुमारी एवं डॉ. अन्नू प्रिया द्वारा सभी आगंतुक गर्भवती महिलाओं की विस्तृत चिकित्सीय जांच की गई. चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला की रक्त जांच एवं अन्य आवश्यक जांच जैसे मूत्र जांच, रक्तचाप, वजन और भ्रूण की धड़कन की सामान्य चिकित्सीय जांच निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी की गईं.

निःशुल्क दवाइयों का हुआ वितरण

उन्होंने बताया कि जांच के उपरांत सभी पात्र गर्भवती महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम तथा आवश्यक विटामिन की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं, ताकि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया एवं पोषण संबंधी कमियों की रोकथाम की जा सके. जांच के दौरान 26 उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की पहचान की गई, जिन्हें विशेष परामर्श और नियमित फॉलो-अप की सलाह दी गई.

7 महिलाओं को एफसीएम थेरेपी

शिविर में एनीमिया प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया. जांच में गंभीर एवं मध्यम एनीमिया से प्रभावित 7 गर्भवती महिलाओं को अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) थेरेपी दी गई, जिससे उनके हीमोग्लोबिन स्तर में शीघ्र सुधार हो सके तथा प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं को प्रभावी रूप से कम किया जा सके.

स्वास्थ्यकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

कार्यक्रम के सफल संचालन में बीएचएम इरशाद अहमद, आरएमएनसीएचए काउंसलर रवि कुमार, एएनएम सुनीता कुमारी, सोनम कुमारी, उषा रंजन, रीना कुमारी, अनुपमा कुमारी एवं माधुरी वर्मा तथा लैब टेक्नीशियन मुकुंद कुमार, आशुतोष कुमार एवं जितेंद्र कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित कीं.

15 जुलाई को विशेष अभियान

इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि मंतोष कुमार ने तकनीकी सहयोग प्रदान करते हुए कहा कि 15 जुलाई को आयोजित होने वाले पीएमएसएमए फॉलो-अप दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत उन गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र तक लाया जाएगा जो हाल ही में ईंट-भट्ठों अथवा अन्य राज्यों से वापस लौटी हैं.

सुरक्षित मातृत्व की अपील की

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की गई कि वे गर्भावस्था के दौरान सभी निर्धारित एएनसी जांच समय पर कराएं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी से आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं का नियमित सेवन करने, संतुलित आहार लेने तथा प्रत्येक पीएमएसएमए दिवस पर स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित होकर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

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