नवादा में जमीन विवाद बना रणक्षेत्र, खूनी संघर्ष में दो घायल, सीओ पर लगा गंभीर आरोप

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सांकेतिक तस्वीर

Nawada News: रजौली थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में दो गुटों में खूनी संघर्ष देखने को मिला. इसमें दो लोग गंभीर रूप से घालय हो गए है. पुलिस मौके पर पहुँचकर स्थिति को शांत कराया. 39 एकड़ जमीन के विवाद में सीओ पर भी गंभीर आरोप लगा है.

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Nawada News: (कुमार मनीष देव की रिपोर्ट) रजौली थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में रविवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब 39 एकड़ जमीन के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प और पथराव में एक ही पक्ष के दो व्यक्ति लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन गांव में तनाव व्याप्त है।

डायल 112 ने घायलों को पहुँचाया अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 के एएसआई सुरेंद्र यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस की धमक देख हमलावर भीड़ तितर-बितर हो गई। पुलिस ने तत्काल घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डॉ. अभिप्राय चौधरी ने बताया कि घायलों की पहचान छोटेलाल यादव (45 वर्ष) और चंद्रशेखर आजाद (54 वर्ष) के रूप में हुई है। छोटेलाल यादव को प्राथमिक उपचार के बाद पावापुरी के विम्स रेफर कर दिया गया वहीं चंद्रशेखर आजाद को सिर और हाथ में गंभीर चोट के कारण उन्हें सीटी स्कैन के लिए सदर अस्पताल,नवादा भेजा गया है।

खेत जोतने के दौरान जानलेवा हमला और पथराव

घायल छोटेलाल यादव के पुत्र सचिन कुमार ने आरोप लगाया कि जब उनके पिता खेत जोतने जा रहे थे, तभी गांव के दबंगों और भू-माफियाओं ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान जमकर पथराव भी की गई। पीड़ित परिजनों का अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल था।

39 एकड़ का विवाद और सीओ पर गंभीर आरोप

घायल चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरी घटना के लिए अंचल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि कुल 39 एकड़ विवादित जमीन में से 13 एकड़ पर ही मालिकों का कब्जा है, जबकि 26 एकड़ पर भू-माफियाओं की नजर है। आजाद ने सीओ मो. गुफरान मजहरी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीओ ने ही विवादित जमीन का म्यूटेशन किया, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हुए। शिकायत करने पर सीओ मामले को सिविल कोर्ट भेजने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

सीओ का क्या है कहना?

सीओ मो. गुफरान मजहरी ने कहा कि यह रैयती जमीन का विवाद है और कब्जा दिलाने का अधिकार अंचल कार्यालय के पास नहीं है। एसडीएम कोर्ट से पूर्व में धारा 144 के तहत सिविल कोर्ट जाने का निर्देश दिया गया था। जमीन दखल के दौरान ही दोनों पक्ष भिड़े हैं। पुलिस को दोनों पक्षों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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