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Nawada News : एंबुलेंस में एसी, पंखा और सायरन कई माह से खराब, धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

Updated at : 02 Jun 2025 11:25 PM (IST)
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Nawada News : एंबुलेंस में एसी, पंखा और सायरन कई माह से खराब, धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

एंबुलेंस में सुविधाओं का अभाव, मरिजों को हो रही काफी परेशानी

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पकरीबरावां. आपातकालीन समय में मरीज को ले जाने वाली एंबुलेंस वर्तमान समय में सुविधा विहीन होती जा रही है. इसके कारण आये दिन मरीजों की परेशानियां बढ़ जा रही है. एक और जहां गर्मी में तापमान अपने चरण सीमा पर है, वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस में सुविधा का अभाव है. बताया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां में कई एंबुलेंस उपलब्ध हैं. लेकिन, एंबुलेंस के मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कई एंबुलेंस में ऐसी की सुविधा नहीं हैं. साथ ही चिकित्सीय उपकरण की समुचित व्यवस्था तक नहीं है. एंबुलेंस की दशा भी ऐसी है, जैसे वह एंबुलेंस कोई मरीज नहीं लाश ढोने वाला वाहन हो. ऐसी स्थिति में कई कई बार तो रेफर रोगी रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं. सुविधा विहीन एंबुलेंस में परेशान होते हैं मरीज इसी तरह का वाक्या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां में घटित हो चुकी है. बताया जाता है कि बलसा गाड़ी 102 एंबुलेंस गाड़ी नंबर BR01PP0536, जिसमें मरीज के लिए किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है. बरियारपुर की नीतीश कुमार की पत्नी अंजू कुमारी जो प्रेग्नेंट स्थिति में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किया गया. जहां इस एंबुलेंस से नवादा सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, जिसमें मरीज को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा. मरीज एवं उसके परिजन की माने, तो एंबुलेंस का सायरन और आपातकालीन लाइट भी लगभग महीना भर से खराब है. वही मरीज के केबिन का पंखा व एसी पिछले कई महीनो से खराब है. इसके बावजूद एंबुलेंस मरीज की सेवा में दिन-रात लगी है. अब सवाल उठता है, ऐसे एंबुलेंस पर मरीजों को ले जाना सुरक्षित होगा, अगर मरीज सुविधाओं के दंश में मर जाते हैं तो आखिर इसका जिम्मेवार कौन होगा ? इधर ईटीएम गुलशन कुमार, चालक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एंबुलेंस में ऐसी, सायरन और पंखा दो माह से खराब है. जिसे बदला नहीं जा सका है. अब सवाल उठता है की क्या एंबुलेंस को संचालित करने के लिए कोई कटेरिया नहीं है और अगर है, तो किसके आदेश पर सुविधा विहीन एंबुलेंस को चलायी जा रही है. आखिर मरीज भी तो इंसान हैं. विभाग उसे जानवरों की श्रेणी में क्यों रख रहा है. आखिर कब तक एंबुलेंस की ऐसी स्थिति से निजात मिलेगा या यूं ही मरीज इन एंबुलेंस पर चढ़कर तिल-तिल कर करने को मजबूर हो जायेंगे. क्या कहते हैं अधिकारी डीपीएम अमित कुमार ने बताया कि एंबुलेंस में ऐसी, सायरन सहित आपातकालीन लाइट खराब है. इसकी जानकारी मुझे नहीं थी. अगर एंबुलेंस में सुविधा नहीं है. वह एंबुलेंस मरीज को नहीं ले जा सकते हैं. इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है. खराब एंबुलेंस के उपकरणों को शीघ्र ही ठीक कर दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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By PANCHDEV KUMAR

PANCHDEV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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