बगैर शक्षिक के चल रही साइंस की कक्षाएं

Updated at : 14 Jan 2016 6:57 PM (IST)
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बगैर शक्षिक के चल रही साइंस की कक्षाएं

बगैर शिक्षक के चल रही साइंस की कक्षाएं फोटो-9प्रतिनिधि, वारिसलीगंजशिक्षा को लेकर राज्य व केंद्र सरकार आये दिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कहते नहीं थक रही है. शिक्षा की स्थिति में सुधार को लेकर सरकार प्रयासरत है. परंतु, उसमें सफलता नहीं मिल रही है. बच्चों में अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से काफी संख्या में […]

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बगैर शिक्षक के चल रही साइंस की कक्षाएं फोटो-9प्रतिनिधि, वारिसलीगंजशिक्षा को लेकर राज्य व केंद्र सरकार आये दिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात कहते नहीं थक रही है. शिक्षा की स्थिति में सुधार को लेकर सरकार प्रयासरत है. परंतु, उसमें सफलता नहीं मिल रही है. बच्चों में अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से काफी संख्या में हाइस्कूल को इंटर स्कूल का दर्जा दिया गया. दर्जा मिलने के बाद छात्र व छात्राऍ का नामांकन भी हो रहा है. लेकिन, यह छात्र व छात्राएं प्रतिवर्ष बिना पढ़े ही पास हो रहे हैं. कुछ इसी तरह की स्थिति जाने-माने विद्यालय श्री गणेश बीके साहू इंटर स्कूल की है. स्थापना काल से ही यह विद्यालय अपनी बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए जिले के साथ प्रदेश में भी पहचान का मुहताज नहीं है. लेकिन, आज स्थिति यह है कि इंटर के लिए यहां कई प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं हैं. विज्ञान शिक्षकों की कमी इंटर स्कूल में 11वीं व 12वीं के विधार्थियों को पढ़ाने के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व अन्य विषयों के एक भी शिक्षक नहीं है. ऐसी स्थिति में विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को निजी कोंचिग व ट्यूशन सेंटरों का सहारा लेना पड़ता है. बावजूद अधिकारी व सरकार शिक्षा में सुधार आने की बात कह रही हैं. जबकि, हकीकत कुछ और है.हजारों बच्चे का नामांकन बीके साहू इंटर स्कूल में वर्तमान समय में भी नौवीं में 965, 10वीं 903, 11वीं 350 छात्र-छात्राओं का नामांकन है. विद्यालय में एक समृद्ध पुस्तकालय भी है. परंतु, पुस्तकालयाध्यक्ष की पदस्थापना सरकार द्वारा नहीं किया गया है. इसके कारण विधार्थियों को पुस्तकालय से किताबें लेने में काफी परेशानी होती है. यह पद वर्षों से रिक्त है. खेल में भी परचम लहराये हैं बच्चे इस विद्यालय की पढ़ाई तो अच्छी है ही. पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे अनुशासित भी है. यही कारण है कि यहां के बच्चे कई बार खेलों में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल रह चुके हैं. अव्वल आये छात्र-छात्राएं व शिक्षक भी पुरस्कृत हो चुके हैं. इसके कारण विद्यालय के बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था में इन बच्चों द्वारा चार चांद लगाया गया. व्यवस्था बेहतरबीके साहू विद्यालय में छात्रों को पढ़ने के लिए आलीशान भवन तो है ही, साथ ही खेल-कूद के लिए आकर्षक मैदान भी है. विद्यालय परिसर में शौच के लिए अलग-अलग स्थानों पर 12 शौचालय, तीन चापाकल, 25 पानी का नल, पानी का टंकी आदि की बेहतर व्यवस्था है.क्या कहते हैं प्रधानइंटर में शिक्षकों की कमी है. इसकी जानकारी उच्चाधिकारी को कई बार लिखित रूप में दी गयी है. छात्रों की पढ़ाई के सवाल पर प्रधान का कहना है कि हाइस्कूल में पदस्थापित शिक्षकों के सहयोग से वर्ग व्यवस्था बनायी जाती है.डॉ गोविंद जी तिवारी, प्राचार्य, बीके साहू इंटर स्कूल, वारिसलीगंज

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