नर्सिंग होम पर नहीं हो रही कार्रवाई

Updated at : 15 Dec 2015 6:51 PM (IST)
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नर्सिंग होम पर नहीं हो रही कार्रवाई

नर्सिंग होम पर नहीं हो रही कार्रवाई बोर्डों पर लिखे होते हैं एमबीबीएस डॉक्टरों के नाममरीजों को फंसाने के लिए रखे गये हैं दलाल भ्रूण हत्या किये जाने का धंधा परवान परप्रतिनिधि, कौआकोल प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण इन दिनों बिना मानक के ही दर्जनों नर्सिंग होम अनुभवहीन लोगों द्वारा चलाये जा […]

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नर्सिंग होम पर नहीं हो रही कार्रवाई बोर्डों पर लिखे होते हैं एमबीबीएस डॉक्टरों के नाममरीजों को फंसाने के लिए रखे गये हैं दलाल भ्रूण हत्या किये जाने का धंधा परवान परप्रतिनिधि, कौआकोल प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण इन दिनों बिना मानक के ही दर्जनों नर्सिंग होम अनुभवहीन लोगों द्वारा चलाये जा रहे हैं. मरीजों को बरगलाने के लिए उनके बोर्डों पर बड़े-बड़े एमबीबीएस डॉक्टरों के नाम लिखे होते हैं. वहां हर प्रकार की रोगों की ईलाज की उतम व्यवस्था व हर तरह की सुविधा के बारे में लिखा होता है. इसके कारण क्षेत्र की भोली-भाली आम जनता वहां आसानी से फंस जा रहे हैं. इतना ही नहीं इस तरह के फर्जी तरीके से नर्सिंग होम चलाने वाले लोगों द्वारा मरीजों को बहला फुसला कर लाने के लिए कई दलाल भी काम करते हैं. यह दलाल मरीजों को कम खर्च में ही ऑपरेशन व इलाज का झांसा देकर नर्सिंग होम तक ले आते हैं. उनको प्रत्येक मरीज को लाने के लिए एक निश्चित राशि दी जाती हैं. इन नर्सिंग होमों में अनुभवहीन कंपाउंडरों व नर्सों द्वारा ऑपरेशन आदि किये जा रहे हैं. एक खास बात तो यह है कि इन क्लिनिकों में प्रशासन की आंख में धूल झोंक कर भ्रूण हत्या का भी काम किया जाता हैं. इसके एवज में इच्छुक लोगों से मनमानी रुपये वसूली जाती है. खास कर युवा वर्ग के लोग इन क्लिनिकों में समाज के लोगों से छिप कर आनन फानन में भ्रूण हत्या करा लेते हैं. गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के कौआकोल मुख्यालय बाजार सहित रानीबाजार, जोगाचक, बीझो, भलुआही, गोला बड़राजी, पाली व फूलडीह में इस तरह की नर्सिंग होम की संख्या एक दर्जन से भी ज्यादा है. इधर, इन अवैध नर्सिंग होम के संचालन के बारे में कौआकोल पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मोहम्मद जुबैर कहते हैं कि स्थानीय लोगों द्वारा मदद नहीं मिलने के कारण वे कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं. बावजूद प्रयास है कि वैसे क्लिनिकों की पहचान की जायें, जहां ऐसे गलत कार्य किये जा रहे हों. इसके बाद वहां छापेमारी कर दोषी पाये जाने पर वैसे संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. अभी तक कोई सटीक सूचना नहीं मिल सकी हैं. ताकि, वहां कोई कार्रवाई किया जा सके.

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