समयपाल को बैठने तक की जगह नहीं

Published at :16 Jul 2013 1:33 PM (IST)
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समयपाल को बैठने तक की जगह नहीं

नवादा : राज्य पथ परिवहन निगम का अस्तित्व दिनों दिन समाप्त होता जा रहा है. कर्मियों के कार्यालय पर निजी वाहन मालिकों का कब्जा हो गया है. निगम के द्वारा किराया पर लिये जाने की बात कही जा रही है. निगम के ‘समय पाल’ जिनको समय सारणी का जानकारी यात्रियों को देना था. वैसे लोग […]

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नवादा : राज्य पथ परिवहन निगम का अस्तित्व दिनों दिन समाप्त होता जा रहा है. कर्मियों के कार्यालय पर निजी वाहन मालिकों का कब्जा हो गया है. निगम के द्वारा किराया पर लिये जाने की बात कही जा रही है. निगम के ‘समय पाल’ जिनको समय सारणी का जानकारी यात्रियों को देना था.

वैसे लोग अब फुटपाथ पर काम करने को विवश हैं. निगम के समय पाल का कार्यालय निजी वाहन मालिक किराया पर लेकर उसमें अपना कार्यालय व गैरेज बना दिया है. पूर्व में उस कार्यालय में निगम का समय पाल रहा करते थे. और यात्रियों को समय सारणी की जानकारी देते थे.

साथ ही लाउडस्पीकर से भी वाहनों के समय सारणी की घोषणा करते रहते थे. लेकिन शुरुआती दौर में निजी वाहन मालिकों ने निगम के नियंत्रण में अपने अपने वाहनों को चलवाने की प्रक्रिया शुरू कराया. बाद में उनके कार्यालय को ही वरीय अधिकारियों से मिल कर किराये पर लेकर कर्मियों को बाहर कर दिया है.

इन दिनों निगम के अंतर्गत जिले में 60 निजी वाहन व निगम के वाहन चलायी जा रही है. कुल मिला कर 69 वाहन चल रहे हैं. इसमें 9 वाहन निगम के शामिल हैं. कर्मियों की मानें तो निगम के वर्तमान में मात्र एक ही वाहन चलाये जा रहे हैं.

समय सारणी कार्यालय को निगम के कार्यालय भवन में स्थानांतरित कर दिये जाने की बात कही जा रही है. मुरारी एंड कृष्णा के वाहन मालिक कृष्ण मुरारी मोहन का कहना है कि नियंत्रण कार्यालय को सदर एसडीओ के द्वारा किराया पर निगम के निर्देशानुसार लगाया गया है. जिसमें प्रत्येक वाहन का अलग-अलग काउंटर है. 15 सौ रुपये प्रत्येक माह के हिसाब से दो कमरा का 3 हजार रुपये किराया दिया जा रहा है.

निगम ले रहा कमीशन

इधर, निगम के सुप्रीटेंडेंट सुरेश प्रसाद सिंह ने बताया कि 2009 में निगम के प्रशासन ने एक योजना बनायी. उसके तहत किराया दिया गया. उन्होंने बताया कि निगम वन मैन कमेटी के तहत चल रहा है. उन्हीं के आदेश का हम लोग पालन करते हैं. उन्होंने बताया कि तीन तरह की योजनाओं से गाड़ियां चल रही है.

इसमें पहली योजना के तहत,अनुबंध के आधार पर निजी वाहनों को निगम के नियंत्रण में कुल सीट के किराया के अनुरूप 10 प्रतिशत कमीशन की राशि लेकर निगम अपनी रूट पर वाहन संचालन कराया. दूसरी भागीदारी योजना के तहत निविदा निकाल कर व आवेदन देकर निगम की गाड़ी को अधिक दाम देने वाले पार्टी से एकरारनामा करने के बाद संचालित करना है.

इसमें गाड़ियों का निर्धारित कीमत से ज्यादा देने वाले मालिक को गाड़ी दिया गया है. परंतु इसमें शर्त रहा कि किसी भी गाड़ी का 10 वर्षो तक निगम के नियंत्रण में रह कर चलना है. जो निगम के पड़ाव से चलेगी तथा उसे भी 10 प्रतिशत की राशि देना है. तीसरी भागीदारी योजना में गाड़ी का कीमत 2 लाख रुपये रखा गया है.

प्रतिमाह आठ हजार 353 रुपये उक्त पार्टी को देना है. साथ ही कमीशन की राशि भी देना है. तथा गाड़ी की मरम्मत की जिम्मेवारी पार्टी के ऊपर है. इसमें निगम संचालित किलोमीटर का एक रुपये 24 पैसे की दर से प्रति किलोमीटर मरम्मत के रूप में देगा.

समयपाल की बहाली भी हुई

निगम द्वारा प्रतिष्ठान में समय पाल व नियंत्रण कक्ष प्रभारी की बहाली ज्ञापांक संख्या 244 के तहत 11 अप्रैल 2013 को किया गया. इसमें एसएमजी मुस्तफा और शमीम हैदर शामिल है. हालांकि एक अन्य व्यक्ति गोवर्धन शर्मा भी अपने आपको विभाग का कर्मी व समय पाल कह रहा है. इस पर सुप्रिडेंटेंड ने कहा कि वह फर्जी व्यक्ति है.

निगम की नौ गाड़ियां

सुप्रिटेंडेंट ने बताया कि जिला में निगम के 9 गाड़ियों का संचालन इस प्रकार है. दो वाहन बासोडीह से नवादा, एक गोविंदपुर से नवादा, दो नवादा से जमुई, दो नवादा से मुंगेर, एक जमुई से नवादा तथा एक दुर्घटना के बाद अकबरपुर थाना में जब्त है. जिसे जल्द ही छुड़ा लिया जायेगा.

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